दशरमन हायर सेकंडरी स्कूल में वित्तीय और नियुक्ति संबंधी मामलों की जांच तेज, कई बिंदुओं पर मांगें गए जवाब

ग्रामीणों की शिकायत पर बीईओ स्तर की जांच पूरी, कैश बुक, लैपटॉप, भुगतान और अतिथि शिक्षक नियुक्ति की जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जाएगी
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । जनपद शिक्षा केंद्र ढीमरखेड़ा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दशरमन में वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर की गई शिकायत के बाद विभागीय जांच में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं की पड़ताल की गई है । जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर प्रभारी ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अभय जैन ने विद्यालय पहुंचकर शिकायतकर्ता की उपस्थिति में अभिलेखों का परीक्षण किया। जांच के दौरान वित्तीय रिकॉर्ड, खरीदी प्रक्रिया, भुगतान संबंधी दस्तावेज तथा अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति से जुड़े अभिलेखों की जांच की गई ।
जांच के दौरान वर्ष 2023-24 की कैश बुक उपलब्ध नहीं कराई जा सकी । अधिकारियों को बताया गया कि संबंधित रिकॉर्ड फिलहाल उपलब्ध नहीं है । विभागीय सूत्रों के अनुसार कैश बुक किसी भी शासकीय विद्यालय का महत्वपूर्ण वित्तीय अभिलेख होती है, जिसके अभाव में वित्तीय लेन-देन का सत्यापन प्रभावित होता है ।
जांच में विद्यालय के नाम से खरीदे गए लगभग 53,400 रुपये के लैपटॉप का भी भौतिक सत्यापन किया गया । जांच के समय लैपटॉप विद्यालय में उपलब्ध नहीं मिला। जानकारी दी गई कि वह प्राचार्य के निवास पर रखा हुआ है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि खरीदी प्रक्रिया में जेम (GeM) पोर्टल का उपयोग नहीं किया गया। इस संबंध में भी जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया है ।
वोकेशनल ट्रेनर मद से किए गए भुगतान भी जांच के दायरे में रहे। शिकायत के अनुसार लगभग 56 हजार रुपये की राशि में से कुछ भुगतान प्रभारी प्राचार्य रेखा नामदेव के पति भरत नामदेव और पुत्र सुधीर नामदेव के नाम गेस्ट लेक्चरर के रूप में किए गए। जांच अधिकारी ने उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर इस बिंदु की भी जांच कर रिपोर्ट तैयार की है ।
वर्ष 2022-23 की कैश बुक के परीक्षण में यह तथ्य भी सामने आया कि पूरे सत्र के दौरान अलग-अलग भुगतान करने के बजाय मार्च माह में एक साथ लगभग 56 हजार रुपये के बिल प्रस्तुत कर राशि आहरित की गई । इस तथ्य का उल्लेख भी जांच प्रतिवेदन में किया गया है।
विद्यालय में संस्कृत विषय के अतिथि शिक्षक की नियुक्ति को लेकर भी शिकायत दर्ज हुई है । आरोप है कि आवश्यक शैक्षणिक योग्यता को लेकर निर्धारित मानकों का पालन नहीं किया गया । जांच अधिकारी ने इस संबंध में भी उपलब्ध अभिलेखों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट तैयार की है ।
संकुल प्राचार्य यशवंत पटेल का कहना है कि शासन के निर्धारित मापदंडों के अनुसार ही अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए। यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी ।
वहीं प्रभारी प्राचार्य रेखा नामदेव ने सभी आरोपों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि विद्यालय में सभी वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्य नियमानुसार किए गए हैं। उनके अनुसार संस्कृत विषय के अतिथि शिक्षक पूर्व से सेवाएं दे रहे हैं और उस समय बीएड अनिवार्य नहीं था । उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय की छवि खराब करने के उद्देश्य से बार-बार शिकायतें की जा रही हैं ।



