शिक्षा विभाग में पदोन्नति के पर्याप्त पद नहीं, हजारों माध्यमिक शिक्षकों का भविष्य अधर में

23 हजार पदोन्नति पदों की जरूरत बताई जा रही, विभाग की उदासीनता से बढ़ी चिंता, 25-28 साल की सेवा के बाद भी इंतजार
भोपाल। प्रदेश के शिक्षा विभाग में माध्यमिक शिक्षकों के लिए उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग में प्रस्तावित पदोन्नति प्रक्रिया में पदों की कम संख्या के कारण हजारों माध्यमिक शिक्षकों की चिंता बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा पदोन्नति के लिए पर्याप्त पद उपलब्ध नहीं कराए जाने से बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक एक बार फिर पदोन्नति से वंचित रह सकते हैं। माध्यमिक शिक्षक वर्ग का आरोप है कि वर्षों से लंबित इस मुद्दे पर विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा, जबकि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को न्यायोचित अवसर मिलना चाहिए। विभाग के सूत्रों के मुताबिक एजुकेशन पोर्टल 3.0 के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में वर्तमान में करीब 27 हजार उच्च माध्यमिक शिक्षक कार्यरत हैं। इनमें लगभग 23 हजार शिक्षक सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्त हुए हैं, जबकि करीब 4 हजार शिक्षक पदोन्नति के जरिए इस संवर्ग में पहुंचे हैं। यदि सेवा नियमों के अनुसार उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग में सीधी भर्ती और पदोन्नति का अनुपात 50:50 निर्धारित है, तो सीधी भर्ती से भरे गए लगभग 23 हजार पदों के बराबर पदोन्नति के पद भी माध्यमिक शिक्षकों को उपलब्ध कराए जाने चाहिए। इसके विपरीत पदोन्नति के लिए अपेक्षाकृत बहुत कम पद रखे जाने की चर्चा है, जिससे हजारों पात्र माध्यमिक शिक्षकों के पदोन्नति से वंचित होने की आशंका गहरा गई है। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर करीब 7 हजार उच्च पद प्रभार दिए गए थे, लेकिन इसे नियमित पदोन्नति का विकल्प नहीं माना जा रहा। शिक्षक वर्ग का कहना है कि यदि उच्च माध्यमिक शिक्षक के पर्याप्त स्वीकृत पद उपलब्ध नहीं थे तो बड़े पैमाने पर सीधी भर्ती किस आधार पर की गई, और यदि पद उपलब्ध हैं तो पदोन्नति के लिए समानुपातिक पद क्यों नहीं दिए जा रहे। सूत्रों के अनुसार प्रदेश में ऐसे हजारों माध्यमिक शिक्षक हैं, जिन्होंने 25 से 28 वर्ष अथवा उससे अधिक की सेवा पूरी कर ली है, लेकिन उन्हें अब तक उच्च माध्यमिक शिक्षक पद पर पदोन्नति का अवसर नहीं मिला। आगामी पदोन्नति प्रक्रिया में भी यदि पर्याप्त पद स्वीकृत नहीं किए गए, तो बड़ी संख्या में पात्र शिक्षक एक बार फिर पदोन्नति से वंचित रह जाएंगे। शिक्षक वर्ग का मानना है कि उच्च माध्यमिक शिक्षक संवर्ग में सीधी भर्ती और पदोन्नति के वास्तविक अनुपात की निष्पक्ष समीक्षा कर सेवा नियमों के अनुरूप पर्याप्त पद उपलब्ध कराए जाने चाहिए। साथ ही जब तक निर्धारित 50:50 अनुपात संतुलित नहीं हो जाता, तब तक रिक्त होने वाले पदों पर पदोन्नति को प्राथमिकता देने की मांग भी जोर पकड़ रही है।
प्राथमिक और उच्च माध्यमिक शिक्षक में भी पद संख्या कम
इसी प्रकार प्राथमिक व उच्च माध्यमिक शिक्षक वर्ग में भी पदों की संख्या पदोन्नति में कम है जिससे बड़ी संख्या में शिक्षक पदोन्नति के लाभ से वंचित हो सकते हैं। शिक्षक संयुक्त मोर्चा ने इस मुद्दे पर विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि समीक्षा कर पद बढ़ाए जाएं तथा शिक्षक हित में निर्णय लिया जाए।



