धूमधाम से मनाया गया चौरसिया दिवस, समाज की एकजुटता पर दिया जोर

सिलवानी। समाज के विकास में युवाओं को रचनात्मक भूमिका निभानी चाहिए। समाज की एकजुटता और आपसी मेल-जोल से ही अपने अधिकार प्राप्त किए जा सकते हैं। समाज में व्याप्त कुरीतियों और प्रथाओं को समाप्त करने में युवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जिससे समाज का तेजी से विकास हो रहा है। चौरसिया समाज ने प्रदेश ही नहीं, बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान बनाई है।
उक्त विचार सोमवार को श्री शिव-पार्वती नागदेव मंदिर, जानकी रमण साकेतधाम काठिया मंदिर में आयोजित चौरसिया दिवस समारोह में सामाजिक बंधुओं ने व्यक्त किए। कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय आदर्श चौरसिया महासभा (दिल्ली) ब्लॉक इकाई सिलवानी के तत्वावधान में नवयुवक मंडल द्वारा किया गया।
वक्ताओं ने चौरसिया समाज की तुलना शेषनाग से करते हुए कहा कि जिस प्रकार शेषनाग अपने सिर पर पृथ्वी को धारण किए हुए हैं, उसी प्रकार समाज भी सामाजिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नागबेल (पान) के बिना अनेक धार्मिक पूजन संपन्न नहीं होते, इसलिए चौरसिया समाज का भी विशेष महत्व है।
कार्यक्रम की शुरुआत नगर खेरापति पंडित भूपेंद्र शास्त्री के आचार्यत्व में हुई। श्री शिव-पार्वती नागदेव मंदिर में समाज के आदि कुलगुरु चौर्षि महाराज के चित्र का पूजन किया गया। इसके बाद भगवान नागदेव का महाभिषेक, हवन, पूजन एवं आरती की गई।
समारोह में बड़ी संख्या में समाज के स्वजातीय बंधु परिवार सहित शामिल हुए। धार्मिक अनुष्ठानों के बाद सामूहिक भोज का आयोजन किया गया। आयोजन के दौरान समाज की एकता, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।



