मध्य प्रदेश

रक्षाबंधन पर गरीब की थाली में सेंध! बाड़ी में दो पर्ची, एक राशन का खेल

रिपोर्टर : विनोद साहू
बाड़ी । एक तरफ पूरा देश रक्षाबंधन का त्यौहार मना रहा था, बहनें भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर खुशियां मना रही थीं, वहीं दूसरी तरफ मध्यप्रदेश के रायसेन जिले की बाड़ी में गरीब हितग्राही अपनी भूख के लिए लाइन में खड़े होकर आंसू बहा रहे थे।
मामला बाड़ी के नेशनल हाईवे स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान (PDS) के बाहर सैकड़ों की भीड़, सड़क पर बिखरी मोटरसाइकिलें और हाथ में पीले-नीले बोरों के साथ खड़े हितग्राही इस सिस्टम की पोल खोल रहे थे।
क्या है पूरा मामला?
हितग्राहियों के हाथ में दो-दो महीने की पर्ची है, लेकिन दुकानदार दे रहा है सिर्फ एक महीने का राशन।
वीडियो में एक युवक साफ-साफ कह रहा है – “दो-दो पर्ची दे रहे हैं, राशन एक महीने का ही दे रहे हैं। बीस-बीस किलो। पुरानी पर्ची वापस कर दी, उस पर नहीं दिया।”
एक महिला हितग्राही ने बताया कि – “हमें एक व्यक्ति पर तीन किलो गेहूं, दो किलो चावल और एक नमक का पैकेट मिलता है, वो भी काटकर दिया जा रहा है। अगले महीने की पर्ची रुकी थी, बोले इसी में समेट लो।”
लोगों का आरोप है कि इस महीने का राशन तो दिया ही नहीं जा रहा, बल्कि पिछले महीने की रुकी हुई पर्ची को ही इस महीने का बताकर निपटाया जा रहा है।
रामविलास पासवान के सपने को लग रहा ग्रहण
पूर्व केंद्रीय खाद्य मंत्री स्व. रामविलास पासवान ने सपना देखा था कि देश का कोई भी मजदूर, चाहे वह जहां भी मेहनत-मजदूरी करे, उसे वहीं POS मशीन पर अंगूठा लगाकर राशन मिल जाए – One Nation One Ration Card ताकि गांव का गरीब पलायन के बाद भी भूखा न सोए।
लेकिन बाड़ी में तो उल्टी ही गंगा बह रही है। जहां POS मशीन पर अंगूठा लग रहा है, पर्ची दो की निकल रही है और अनाज एक का दिया जा रहा है। त्यौहार के समय जब गरीब के घर में भी दो रोटी ज्यादा बननी चाहिए, तब उसके मुंह से निवाला छीना जा रहा है।
फूड अधिकारी बोलीं – “ऐसा है तो गलत है, जांच करूंगी”
अब सवाल ये है कि जांच कब होगी? जब गरीब का त्यौहार फीका पड़ जाएगा तब? या जब सारा राशन कालाबाजारी की भेंट चढ़ जाएगा तब?
जब इस संबंध में खाद्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी संगीता बरगले से बात की गई तो उन्होंने कैमरे पर तो कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा – “अगर ऐसा हो रहा है तो ये बिल्कुल गलत है, मैं जांच करूंगी।”

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