नगर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर सजेंगे श्रीगणेश के पंडाल

मौसम ने बढ़ाई समितियों की परेशानी, वर्षा से बचाव के लिए लगाए जा रहे वाटरप्रूफ पंडाल
सिलवानी। नगर में श्रीगणेश उत्सव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इस वर्ष नगर में दो दर्जन से अधिक स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना कर आकर्षक झांकियां सजाई जाएंगी। हालांकि, लगातार बदल रहे मौसम और तेज बारिश ने गणेश उत्सव समितियों की चिंता बढ़ा दी है। बारिश से झांकियों और गणेश प्रतिमाओं को सुरक्षित रखने के लिए समिति सदस्य पंडालों को वाटरप्रूफ बनाने में जुटे हुए हैं।
रविवार को हुई झमाझम बारिश ने तैयारियों में जुटे समिति सदस्यों की परेशानी बढ़ा दी। समिति सदस्यों का कहना है कि पिछले वर्षों में गणेश उत्सव के दौरान कभी-कभार रिमझिम बारिश होती थी, लेकिन इस बार मौसम का मिजाज कुछ अलग नजर आ रहा है। शनिवार और रविवार को जिस तरह करीब एक घंटे तक तेज बारिश हुई, उससे समितियों को आशंका है कि यदि उत्सव के दौरान इसी तरह की बारिश हुई तो पंडालों में पानी भरने के साथ ही गणेश प्रतिमाओं और सजावट को नुकसान पहुंच सकता है।
इसी को देखते हुए कई झांकी संचालक अभी से पंडालों को बारिश से सुरक्षित बनाने में जुट गए हैं। पंडालों में तिरपाल, पन्नी और टीन का इस्तेमाल किया जा रहा है। बारिश से बचाव के इंतजाम बढ़ने से इस बार झांकियों की लागत भी बढ़ने की संभावना है।
तीन तरफ से पंडाल को किया जाएगा सुरक्षित
सागर रोड स्थित पुष्प विद्यालय के सामने गणेश उत्सव की झांकी तैयार कर रहे संयम सेन ने बताया कि एक दिन पहले हुई तेज बारिश को देखते हुए प्रतिमा की सुरक्षा को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि तिरपाल से पंडाल तैयार किया गया है और उसके ऊपर पन्नी भी लगाई गई है। बारिश का पानी अंदर नहीं पहुंचे, इसके लिए पंडाल के तीनों तरफ टीन और पन्नी लगाने की तैयारी है। साथ ही गणेश प्रतिमा को जमीन से ऊंचाई पर स्थापित करने के लिए ऊंचे तखत भी लगाए जाएंगे।
गणेश उत्सव समितियों का कहना है कि दस दिवसीय उत्सव के दौरान मौसम साफ रहे तो तैयारियों में किसी तरह की परेशानी नहीं होगी, लेकिन यदि तेज बारिश का दौर जारी रहा तो पंडालों और झांकियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त इंतजाम करने पड़ेंगे।



