ढीमरखेड़ा में अवैध रेत परिवहन पर शिकंजा, कच्चे रास्ते बंद करने की तैयारी

दतला, दशरमन और कछारगांव की स्वीकृत खदानों का संयुक्त टीम ने किया निरीक्षण, निगरानी के लिए बनाया चेक पॉइंट
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान। जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है । इसी कड़ी में ढीमरखेड़ा क्षेत्र में पुलिस और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने रेत खदानों तथा उनसे जुड़े परिवहन मार्गों का निरीक्षण किया । कलेक्टर आशीष तिवारी एवं पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में अवैध परिवहन के संभावित रास्तों को चिन्हित कर उन्हें बंद करने की तैयारी की गई है ।
संयुक्त टीम ने दतला, दशरमन और कछारगांव स्थित स्वीकृत रेत खदानों का निरीक्षण किया । इस दौरान खदानों तक पहुंचने के लिए बनाए गए अस्थायी कच्चे रास्तों का जायजा लिया गया । इन रास्तों को चिन्हित कर हटाने की कार्रवाई प्रस्तावित है, ताकि इनका इस्तेमाल कर अवैध रूप से रेत का परिवहन न किया जा सके । प्रशासन का उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर कार्रवाई के साथ-साथ उन मार्गों को भी बंद करना है, जिनके माध्यम से नियमों का उल्लंघन कर रेत का परिवहन किया जा सकता है ।
*अवैध वाहनों पर नजर रखने बनाया चेक पॉइंट*
क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन पर निगरानी रखने के लिए चेक पॉइंट स्थापित किया गया है । यहां पुलिस और खनिज विभाग का अमला संयुक्त रूप से वाहनों की आवाजाही पर नजर रखेगा । संदिग्ध वाहनों की जांच कर अवैध परिवहन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी । इससे क्षेत्र में रेत के अवैध कारोबार पर नियंत्रण रखने में मदद मिलने की उम्मीद है ।
*वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में हुई कार्रवाई*
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं उप संचालक खनिज रत्नेश दीक्षित के मार्गदर्शन में संयुक्त टीम ने निरीक्षण और कार्रवाई की । इस दौरान ढीमरखेड़ा एवं सिलौड़ी थाना प्रभारी सहित संबंधित पुलिस बल और खनिज विभाग के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निगरानी एवं कार्रवाई लगातार जारी रखने की बात कही गई है । अब देखना होगा कि संयुक्त टीम की इस पहल से क्षेत्र में लंबे समय से संचालित अवैध रेत परिवहन पर कितना प्रभावी अंकुश लग पाता है ।



