क्राइम

कार से सात पेटी शराब जब्त, शराब दुकान संचालकों पर कार्रवाई क्यों नहीं

गिरफ्तार आरोपियों ने सियरमऊ की दुकान से शराब लाने की कही बात, फिर भी दुकान की जांच तक नहीं; पुलिस और आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
सिलवानी। क्षेत्र में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस एवं आबकारी विभाग द्वारा समय-समय पर कार्रवाई किए जाने के दावे किए जाते हैं, लेकिन इन कार्रवाइयों में केवल शराब का परिवहन करने वालों तक सीमित रहना और शराब उपलब्ध कराने वाले स्रोतों की जांच नहीं करना कई सवाल खड़े कर रहा है। ताजा मामला टोल प्लाजा के पास एक अल्टो कार से देशी शराब की सात पेटियां जब्त किए जाने का है। इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों के कथित खुलासे के बाद भी संबंधित शराब दुकान पर कार्रवाई नहीं होने से पुलिस और आबकारी विभाग की भूमिका सवालों के घेरे में है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को पुलिस ने टोल प्लाजा के पास कार्रवाई करते हुए एक अल्टो कार से देशी शराब की सात पेटियां जब्त की थीं। कार में सवार लखन आदिवासी और रविंद्र यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बताया जा रहा है कि पूछताछ के दौरान दोनों ने पुलिस को शराब सियरमऊ स्थित शराब दुकान से लाना बताया था।
ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि गिरफ्तार आरोपियों ने शराब का स्रोत सियरमऊ स्थित दुकान को बताया है, तो पुलिस और आबकारी विभाग ने अब तक उक्त दुकान की जांच क्यों नहीं की क्या दुकान से शराब की बिक्री और निकासी का रिकॉर्ड खंगाला गया क्या दुकान के स्टॉक और बिक्री रजिस्टर का मिलान किया गया यदि आरोपियों के बयान में सच्चाई है, तो शराब उपलब्ध कराने वाले स्रोत के विरुद्ध कार्रवाई क्यों नहीं की गई
वाहन जब्त, लेकिन शराब के स्रोत की जांच पर चुप्पी
पुलिस ने शराब के परिवहन में इस्तेमाल की जा रही कार को जब्त कर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की, लेकिन जिस दुकान से कथित तौर पर शराब लाई गई थी, उसकी जांच को लेकर अब तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की कार्रवाई केवल वाहन और उसमें सवार लोगों तक सीमित रहना प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
मामले में शराब दुकान के लाइसेंसी एवं मैनेजर भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि, इन व्यक्तियों की संलिप्तता की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है, लेकिन पुलिस और आबकारी विभाग की जिम्मेदारी है कि आरोपियों के बयानों के आधार पर संबंधित दुकान की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करे।
सियरमऊ शराब दुकान पहले भी रही है विवादों में
ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम सियरमऊ स्थित शराब दुकान लंबे समय से विवादों में बनी हुई है। दुकान के संचालन और शराब बिक्री को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि शराब दुकान के कारण स्कूली विद्यार्थियों से लेकर महिलाओं तक को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद दुकान के संचालन और कथित अनियमितताओं को लेकर जिम्मेदार विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, शराब दुकान के ठेकेदार और सामाजिक कार्यकर्ताओं के बीच विवाद तथा कथित अभद्र व्यवहार के मामले भी सामने आ चुके हैं। इस संबंध में सोशल मीडिया पर लेनदेन और विवाद से जुड़े वीडियो प्रसारित होने की बात भी कही जा रही है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होना आवश्यक है, ताकि वास्तविकता सामने आ सके।
कलेक्टर को ज्ञापन देने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
उल्लेखनीय है कि कुछ समय पूर्व क्षेत्र के एक स्कूली छात्र द्वारा जिला कलेक्टर को लिखित ज्ञापन सौंपकर ग्राम सियरमऊ में कथित अवैध शराब बिक्री पर रोक लगाने और शराब दुकान को अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। ज्ञापन में विद्यार्थियों और ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की गई थी।
इसके बावजूद ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक उनकी शिकायतों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। इससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी बढ़ती जा रही है।
पुलिस और आबकारी विभाग से ग्रामीणों के सवाल
सात पेटी शराब जब्त होने के बाद अब क्षेत्र के लोगों ने पुलिस और आबकारी विभाग से कई सवाल पूछे हैं। यदि शराब सियरमऊ की दुकान से लाई गई थी, तो दुकान का स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड क्यों नहीं जांचा गया क्या दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए क्या संबंधित ठेकेदार और कर्मचारियों से पूछताछ की गई क्या शराब की आपूर्ति और बिक्री के पूरे नेटवर्क की जांच की गई ग्रामीणों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। यदि जांच में शराब दुकान संचालक, मैनेजर या अन्य किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए।
इस संबंध में आशुतोष त्यागी एसडीओपी सिलवानी का इनका कहना है कि दो लोगों पर कार्रवाई की जा चुकी है जो लोग मौके पर गिरफ्तार हुए थे जांच जारी है जो लोग लिप्त पाए जाएंगे उन पर भी कार्रवाई की जाएगी।

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