मां-बेटे के जनाजे एक साथ उठे तो हर आंख हुई नम, शहर में पसरा मातम

अंतिम विदाई में उमड़ा जनसैलाब
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज। किसी मां की गोद से बेटे का बिछड़ना जितना दर्दनाक होता है, उससे कहीं ज्यादा हृदयविदारक वह पल होता है जब मां और बेटे दोनों के जनाजे एक साथ उठते हैं। ऐसा ही मंजर रायसेन जिले के बेगमगंज में देखने को मिला, जहां मां-बेटे की एक साथ अंतिम विदाई ने पूरे नगर को गमगीन कर दिया। जनाजे उठे तो हर आंख नम थी, हर चेहरा उदास और हर दिल इस दर्दनाक हादसे से आहत नजर आया।
बेगमगंज के नबी अहमद कपड़े वालों का परिवार शादी समारोह में शामिल होने उत्तर प्रदेश के बांदा जा रहा था। लेकिन खुशियों के इस सफर को शायद किसी की नजर लग गई। मुरैना के पास उनकी स्कॉर्पियो की ट्रक से भीषण टक्कर हो गई। हादसे में कार की अगली सीट पर बैठे मां-बेटे की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य भी हादसे में घायल हुए।
बताया जा रहा है कि दुर्घटना से कुछ समय पहले मृतका ने अपने पति बदरे आलम से कहा था कि वे बीच वाली सीट पर आकर आराम कर लें, वह आगे बैठ जाती हैं। पत्नी की बात मानकर बदरे आलम बीच की सीट पर आ गए और मां ने बेटे जाहिद अहमद के साथ अगली सीट पर जगह ले ली। कुछ ही दूरी पर हुए हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया।
जैसे ही मां-बेटे की मौत की खबर बेगमगंज पहुंची, पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल में कक्षा सातवीं के विद्यार्थी जाहिद अहमद के निधन की खबर से विद्यालय परिवार भी स्तब्ध रह गया। शोक में स्कूल की छुट्टी घोषित कर दी गई।
एक साथ उठे दो जनाजे, हर आंख से छलक पड़े आंसू
मां-बेटे की अंतिम यात्रा उनके निवास बढ़ापुरा से निकाली गई। जब दोनों जनाजे एक साथ घर से उठे तो वहां मौजूद लोगों के लिए अपने आंसू रोक पाना मुश्किल हो गया। मां और बेटे की एक साथ अंतिम विदाई का दृश्य इतना भावुक था कि हर आंख नम हो गई और पूरे नगर का माहौल गमगीन हो उठा।
इस दुख की घड़ी में धर्म और मजहब की दीवारें भी छोटी पड़ गईं। विभिन्न धर्मों के लोगों ने बड़ी संख्या में शामिल होकर परिवार के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं और मां-बेटे को अंतिम विदाई दी।
जामा मस्जिद में दोनों जनाजों की अलग-अलग नमाज अदा की गई, जिसके बाद मलंग शाह का तकिया स्थित कब्रिस्तान में मां-बेटे को सुपुर्दे खाक किया गया।
विद्यार्थी की अंतिम यात्रा में पूरा स्कूल परिवार शामिल
अपने विद्यार्थी जाहिद अहमद को अंतिम विदाई देने के लिए सेंट थॉमस कॉन्वेंट स्कूल का पूरा पुरुष स्टाफ भी अंतिम यात्रा में शामिल रहा। शिक्षक और स्कूल के कर्मचारी अपने छात्र के आखिरी सफर में साथ चलते नजर आए। यह दृश्य हर किसी को भावुक कर गया।
नगर के गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधियों सहित कस्टम विभाग के कमिश्नर और नारकोटिक्स विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर ने भी अंतिम यात्रा में शामिल होकर खिराजे अकीदत पेश की तथा शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाया।
सामाजिक संगठनों ने दी श्रद्धांजलि
मजलिसे शूरा, इस्लाहे मिल्लत कमेटी, मुस्लिम त्योहार कमेटी, न्यू यंग मोमिन ग्रुप, सेंट थॉमस कॉन्वेंट परिवार, न्यू स्टार ग्रुप, मंसूरी समाज संगठन, झंडा क्रिकेट क्लब सहित विभिन्न राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ताओं ने मां-बेटे को श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
एक हादसे ने परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया, एक घर से मां और बेटे दोनों की अर्थियां उठीं और पूरा नगर इस दर्द में सहभागी बन गया। मां-बेटे की यह अंतिम विदाई बेगमगंज के लोगों की आंखों में लंबे समय तक आंसू और दिलों में गहरी टीस छोड़ गई।



