मध्य प्रदेश

चलती ट्रैन में एक व्यक्ति की अचानक बिगड़ी तबियत, सीने के दर्द से तड़पता रहा

सिगरौली इंटरसिटी ट्रैन का मामला
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर से सिगरौली की ओर जाने वाली ट्रेन सिगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस जबलपुर से चलने लगीं अचानक से एक 43 वर्षीय व्यक्ति को को सीने में दर्द उठा और वह सीट से नीचे गिर कर तड़पने लगा! ये नजारा देख सभी हैरान हो गये और फोन पर सुरक्षा की गुहार लगाने लगें! लेकिन उन्हें कोई भी उपचार नहीं मिल सका!
जबलपुर से कटनी की ओर जा रहीं सिगरौली इंटरसिटी एक्सप्रेस के डिब्बा क्रमांक डी-4 में सवार रामप्रसाद जैसवाल को अचानक सीने में तेज दर्द उठा और वह बेचैनी से तड़पते हुये ट्रैन की सीट के नीचे आ गये उनके साथ एवं डिब्बा में सवार सभी लोग परेशान होने लगें कि अब इनकी तबियत बिगड़ रहीं है इन्हे इलाज कैसे मिले! इस घटना को देख बाजू सीट में बैठी सिहोरा निवासी एवं नरेंद्र मोदी विचार मंच की जिला अध्यक्ष एकता तिवारी ने भी फोन कर इस घटना को रेल्वे को सूचित किया गया! लेकिन उनका कहना था कि अब इनका इलाज कटनी में ही हो सकता है! इतना ही कह कर फोन कट गया!
जबलपुर से बैठकर वापिस सिहोरा तक आते हुए इन्हें बहुत ज्यादा सीने में दर्द हो रहा था! तब एकता तिवारी के द्वारा उन्हें सबसे पहले हाई बीपी को बढ़ते देख उनके साथ रहें सहयोगियो से तत्काल कुछ मीठा खिलाने के लिये बोला गया! लेकिन मीठा न रहने पर दो केले खिलाने के अपने पर्स से दर्द की दवा भी निकाल कर खाने को दी! इतने कम समय में इन्होने उस युवक को दर्द और बेचैनी से राहत तो दी ही साथ जीवन दान भी दिया! सफर के दौरान बैठे सभी ने उनका धन्यवाद किया और कहाकि ट्रेन में सफर के दौरान अचानक से किसी की ज्यादा तबियत खराब हो सकती है या फिर उन्हें चेस्ट पेन हो सकता है वहीं शरीर पसीना पसीना हो सकता है! क्योंकि ट्रेन में कोई ऐसी व्यवस्था नहीं होती है कि तत्कालीन कोई व्यक्ति बीमार पड़ सके तो उसकी जांच हो सके! और इलाज मिल पाये! रेल्वे स्टेशन एवं उच्च अधिकारियो से ट्रेन में ऐसी चिकित्सा व्यवस्था बहुत आवश्यक है कि अगर किसी की तबीयत खराब होती है तो हमें दूसरे स्टेशन का इंतजार न करना पड़े और ट्रेन में ही इलाज की सुविधा मिल जाये तो ज्यादा अच्छा रहेगा।

Related Articles

Back to top button