मध्य प्रदेश

बस स्टेण्ड की दुकानों का मुद्दा पहुचा उच्च अधिकारियो के समक्ष, निर्माण कार्य व गुणवत्ता पर लगा चिन्ह

ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । जबलपुर जिले की सीमा से लगे हुए नगर पालिका परिषद सिहोरा का मामला सामने आया । यहाँ की नगर पालिका परिषद खितौला बस स्टैंड में पुरानी दुकानों का तोड़ कर नया निर्माण व बिना इन्जीनियर के परिक्षण के बनाई जा रही दुकानों का मामला गर्माता जा रहा हैं ।
इस समस्याओं को लेकर स्थानीय लोगों ने लिखित रूप से आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए अव्यवस्थित रूप से हो रहें निर्माण कार्य को लेकर सुधार किये जाने की मांग की है।
क्या है दुकानों का मामला- सिहोरा नगर पालिका की पुरानी दुकानों को लेकर अधिक चर्चित मीडिया को जानकारी देते हुये स्थानीय लोगों ने बताया कि शासन गाईड को दरकिनार करतें हुये खितौला बस स्टैंड में हो रही पुरानी दुकानों का नया निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा है । साथ ही इसकी लम्बाई उचाई नियम विरुद्ध हो रही हैं ।
दुकानों की समस्याओं को लेकर
कांग्रेसी पार्षद सहित स्थानीय लोगों ने तहसीलदार व मुख्य नगरपालिका अधिकारी को सौंपा लिखित रूप से आवेदन देकर उचित व्यवस्था की मांग की है।
सिहोरा नगर पालिका परिषद के वार्ड क्रमांक 12 खितौला बस स्टैंड में विगत कुछ समय से नियम विरुद्ध बनाई जा रही मनमाने तरीके से दुकानों का अवैध निर्माण हो रहा है। ऐसे निर्माण को प्रशासनिक अधिकारी तत्काल रोके और निर्माण करने वालों पर उचित कार्यवाही की जाए।
दुकानों की समस्या को देखते हुये बुधवार की दोपहर वार्ड क्रमांक 13 के पार्षद राजेश चौबे व स्थानीय लोगों ने तहसीलदार के साथ मुख्य नगर पालिका अधिकारी सिहोरा को लिखित शिकायत आवेदन सौंपकर दुकानों में हो रहे निर्माण को तत्काल रोक लगाने की मांग की।
तहसीलदार राकेश चौरसिया और मुख्य नगर पालिका अधिकारी सुशील वर्मा को बताया गया कि खितौला बस स्टैंड वार्ड क्रमांक 12 में पूर्व से निर्मित दीनदयाल उपाध्याय शॉपिंग कंपलेक्स की लगभग 13 दुकानें पूर्व में बनी थी । नगर पालिका की के संरक्षण में चल रही थी । इन दुकानों को नगर पालिका ने जिन दुकानदारों को आवंटित किया था उन्होंने नियम विरुद्ध दुकानों को पहले तो बेच दिया। फिर नये किरायेदारों द्वारा दुकानों को नियम विरुद्ध तोड़फोड़ कर आवंटित जगह से अधिक की भूमि पर दुकान का निर्माण कर रहे हैं। उसके साथ साथ मार्केट के पीछे स्थित सार्वजनिक नाली के ऊपर भी निर्माण कार्य चल रहा है। नगर पालिका ने दुकानदारों को सिर्फ जमीन आवंटित की लेकिन दुकानदार नीचे दुकानों का निर्माण कर ऊपरी हिस्से में भी दुकान बना रहे हैं।
शासकीय स्कूल की दिवार से सटाकर बनाई जा रही है ये दुकाने ।
शिकायत आवेदन में यह भी बताया गया है कि कांप्लेक्स के बाजू से ही शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय है। संबंधित दुकानदारों द्वारा स्कूल की दीवारों से सटाकर दुकानें बनाई जा रही हैं। नगर पालिका प्रशासन ने यदि इन दुकानदारों को दुकानों निर्माण करने की अनुमति प्रदान की है तो उसकी गाईड लाईन व डिजाइन भी निश्चित कराई गई होगी । या फिर नहीं दोनो ही बातो का अधिकारी स्पष्ट करें। नगर पालिका यदि स्वयं दुकानों का निर्माण करवाती तो यहां करीब 48 दुकानें निकल सकती थी जिससे नगर पालिका के राजस्व आय में भी वृद्धि होगी व अन्य लोगों को दुकानें भी आवंटित की जा सकती है । आवेदन सौंपते समय स्थानीय निवासी धर्मेंद्र चौरसिया, आनंद गुप्ता, मनोज जैन, प्रमोद चौरसिया, सन्तोष, प्रशांत, नितिन पहरिया, अभिषेक परोहा के साथ स्थानीय जन उपस्थित रहें ।
दुकानदारों से 20-20 रुपये लेने का लगा प्रश्न- दुकानों के नव निर्माण को लेकर कई चर्चा हो रही हैं । साथ ही माने तो नगर पालिका परिषद के कुछ कर्मचारियों द्वारा दुकानों के निर्माण के दौरान दुकानदारों से 20-20 हजार रुपये लेन देन व मनमाने तरीके से नियम विरुद्ध दुकान निर्माण की करने की भी चर्चा अधिक हैं । इन दुकान निर्माण को लेकर पहले भी शिकायत की गई थी । लेकिन अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दिया।
इस संबंध में सुशील वर्मा, मुख्य नगरपालिका अधिकारी सिहोरा का कहना है कि दीनदयाल शॉपिंग कांप्लेक्स में दुकानों के निर्माण को लेकर शिकायत मिली है। दुकानदारों को दुकान नियम के तहत ही बनाए जाने की इजाजत नगर पालिका द्वारा दी गई थी। इस मामले को लेकर राजस्व निरीक्षक से जांच रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

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