Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 21 दिसम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 21 दिसम्बर 2023
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ अयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌗 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष वार गुरुवार नवमी तिथि 09:37 AM तक उपरांत दशमी
✏️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की देवी हैं दुर्गा। इस तिधि में जगतजननी त्रिदेवजननी माता दुर्गा की पूजा करने से मनुष्य इच्छापूर्वक संसार-सागर को पार कर लेता है ।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र रेवती 10:09 PM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी – रेवती नक्षत्र के स्वामी ग्रह बुध हैं। इस नक्षत्र के देवता पूषा हैं। यह मीन राशि का अंतिम नक्षत्र है।
🔕 योग – वरीयान योग 01:27 PM तक, उसके बाद परिघ योग
⚡ प्रथम करण : कौलव – 09:37 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : तैतिल – 08:54 पी एम तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:58 ए एम से 05:50 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:24 ए एम से 06:41 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:52 ए एम से 12:36 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:05 पी एम से 02:49 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:44 पी एम से 06:10 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:47 पी एम से 07:04 पी एम
💧 अमृत काल : 07:50 पी एम से 09:22 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:49 पी एम से 12:40 ए एम, दिसम्बर 22_
⭐ सर्वार्थ सिद्धि योग : पूरे दिन
❄️ रवि योग : पूरे दिन
🚕 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♂️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में केसर चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ पंचक समाप्ति 22.08, विंटर सोलस्टाइस, शीतकालीन संक्रांति (वर्ष का सबसे काला दिन), वकील प्रफुल्लचंद्र नटवरलाल भगवा जन्म दिवस, अभिनेता गोविंदा जन्मोत्सव, भारतीय सिनेमा के महानायक अमिताभ बच्चन की माँ तेजी बच्चन स्मृति दिवस, सामाजिक क्रांति के अग्रदूत सुन्दरलाल शर्मा जन्म दिवस, बजाज ऑटो के मैनेजिंग डायरेक्टर राजीव बजाज जन्म दिवस, भालचंद्र दिगंबर गरवारे उद्योगपति जन्म दिवस, महान् साहित्यकार महावीर प्रसाद द्विवेदी पुण्य तिथि, सरदार मान सिंह जन्म दिवस, क्रांतिकारी सोहन सिंह भकना स्मृति दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu tips 🗺️
कभी भी बाथरूम के ऊपर या नीचे रसोई न बनाएं
सोई घर का उत्तर और पूर्व हल्का और भार मुक्त होना चाहिए। यदि आप पूर्व या दक्षिण पूर्व में गैस स्टोव का पता नहीं लगा सकते हैं, तो इस क्षेत्र में रसोई में एक दीया जलाएं ताकि अग्नि तत्व इन दिशा में मौजूद हो। पानी के सिंक को स्थानांतरित नहीं किया जा सकता है, तो अपने रसोई घर के उत्तर या उत्तर पूर्व क्षेत्र में एक कलश रखें पानी से भरा हुआ तो यह प्रतीकात्मक रूप से सिंक से संबंधित वास्तु दोष को हटा देगा। पानी और आग को एक ही मंच पर न रखें। यह एक बड़ा वास्तु दोष है। बाथरूम के ऊपर या नीचे रसोई बनाने से बचें। इन बातों को ध्यान में रखते हुए समग्र जीवन शक्ति और स्वास्थ्य में सुधार होगा आपके परिवार में।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
मांसपेशियों में दर्द का कारण-पेन एंड स्पाइन इंस्टीटयूट् के अनुसार ठंड में जोड़ों पर प्रेशर पड़ता है। इससे गठिया व ज्वाइंट पेन की समस्या होती है। दूसरा जैसे-जैसे ठंडक बढ़ती है वैसे-वैसे हमारे शरीर का ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होने लगता है और ये स्लो पड़ता है जिससे मांसपेशियों और नसों में अकड़न की समस्या होने लगती है। इसके अलावा समय के साथ हड्डियों का दर्द भी बढ़ने लगता है जो कि रह-रहकर महसूस हो सकता है। साथ ही सर्दियों में मांसपेशियों में अकड़न के पीछे एक कारण ये भी है कि मसल्स कांट्रेक्शन या कहें कि मांसपेशियों के संकुचन होता है जिससे मसल पेन बढ़ने लगता है।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
आयुर्वेद के अनुसार नाभि में देसी घी की मालिश करने से शरीर को ताकत मिलती है क्योंकि घी में मौजूद पोषक तत्व को नाभि अवशोषित कर लेता है. इससे पूरे शरीर को एनर्जी मिलती है.जो बालों को प्राकृतिक काले रंग पाने में मददगार होता है.
जिन लोगों को अर्थराइटिस यानी जोड़ों का दर्द हो उन्हें रात में सोने से पहले नाभि में देसी घी की कुछ बूंदे डालनी चाहिए. साथ ही हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए. इससे अवशोषित होकर पूरे शरीर तक पहुंचती है. और हड्डियों को मजबूत बनाती है. जिससे दर्द से राहत मिलता है.
जिन लोगों को रूखी त्वचा होने से परेशानी है. उन्हें देसी घी ग्लिसरीन मिलाकर नाभि में लगाना फायदेमंद होता है. ऐसा करने से त्वचा चमकदार बनती है.
घी में मौजूद फैटी एसिड आपकी त्वचा को गहराइयों से हाइड्रेट करने में मदद करता है. इसे आंखों के नीचे लगाने से डार्क सर्कल की समस्या से छुटकारा मिलती है.
अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या सफेद हो रहे हैं तो देसी घी में शिकाकाई पाउडर मिलाकर लगाना चाहिए. ऐसा करने से आपके बाल मजबूत घने और काले हो जाएंगे.
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
कौन सी 3 आवाज भगा देगी हर भूत प्रेत को ?
अक्सर हमने देखा है कि जिन घरों में किसी भी तरीके की नकारात्मकता होती है या किसी भी तरीके की बुरी आत्मा होती है या बुरी ऊर्जा होती है, उन घरों में एक अजीब सा ही सन्नाटा होता है। एक अजीब सा ही वीरानापन होता है। एक खामोशी होती है। और अक्सर आपने देखा होगा कि जैसे खंडहर होते हैं, ऐसे स्थान होते हैं जहाँ कोई आता नहीं है, जाता नहीं है, जहाँ पर किसी भी तरीके की हलचल नहीं है, कोई चहल पहल नहीं है, उन जगहों पर भी इस तरह की नकारात्मक ऊर्जाएं रहती हैं, वास करती हैं और अपना घर बना लेती हैं। हर नकारात्मक ऊर्जा को या यूँ कह लीजिए आत्मा को या बुरी शक्ति को अंधेरा, वीरानापन, खामोशी और उजाड़ पसंद है। जहाँ पर किसी भी तरह की कोई एक्टिविटी न हो।
जब यही स्थिति घरों में होने लगती है कि आपके घर में एक अजीब तरीके की शांति है और वो शांति पॉजिटिव वे में नहीं है, निगेटिव वे में है। एक तो शांति ऐसी होती है घर में कि आपको उस शांति से अच्छा फील होता है, एक सुकून फील होता है और एक तरीके की घर में शांति ना कह लो चुप्पी होती है, एक अजीब सा सन्नाटा होता है कि आपको उस सन्नाटे में भी एक अजीब सी घुमस सी महसूस होती है, आपका दिल घबराता है। आपको लगता है कि आप बहुत अनकंफर्टेबल हो उस जगह पर। ये संकेत सबसे बड़ा संकेत है ये बताने के लिए की आपके घर में निगेटिव ऊर्जा है या कोई न कोई आत्मा है या कोई बुरी शक्ति है, जो ऑलरेडी आपके घर में वास कर रही है और उसी शक्ति ने आपके घर का वातावरण इतना अनकंफर्टेबल कर रखा है कि आपको घर से बाहर रहने में तो अच्छा लगता है, घर में आने के बाद आपको घुमस लगती है। अजीब सा लगता है, एक अटपटापन सा लगता है। घर, घर नहीं लगता और अपना घर नहीं लगता।
तो मैं और इस उत्तर को लंबा न करते हुए जल्दी से वो 3 टाइप की साउंड्स बताने जा रहा हूँ जिनका अगर आप यूज करें तो आपके घर में जितनी भी निगेटिव एनर्जी अगर कोई है तो उसका आपके घर में टिकना मुश्किल हो जाएगा। आपके घर के अंदर पॉजिटिविटी आएगी और वातावरण पहले से काफी बेहतर हो जाएगा।
सबसे पहली चीज है घंटी। अक्सर हमने देखा है मंदिरों में घंटियां होती हैं। हम भगवान के आगे घंटी बजाते हैं और उसके बाद अपनी कोई भी पूजा करते हैं। इसके पीछे आध्यात्मिक पहलू भी है और साइंटिफिक पहलू भी है। घंटी से एक तरीके की ध्वनि निकलती है। वो ध्वनि इतनी सकारात्मक होती है, इतनी ज्यादा पॉजिटिव होती है कि किसी भी तरीके की निगेटिव ऊर्जा को भगाने में उसका अहम रोल होता है। इसीलिए मंदिरों में, पूजा के स्थानों में पहले घंटी बजाई जाती है कि कोई भी तरीके की अगर वहाँ नकारात्मकता है, कोई भी दोष है तो वो दूर हो जाए।
आप अपने घर में नियम बना लें, चाहे पूजा करें या न करें, अपने घर में सुबह और शाम को (जब दिन मिल रहे हों) तो घंटी जरूर बजाएं और अगर आप घंटी बजाने के बाद भगवान के आगे एक गायत्री मंत्र ही कर लें खाली तो वो भी बहुत बढ़िया चीज है।
दूसरी तरीके की साउंड जो है वो साउंड निकलती है शंख से। बहुत कम लोग होते हैं, जो शंख का प्रयोग करते हैं क्योंकि ज्यादा लोगों को इसके बारे में पता नहीं या शंख बजाना आता नहीं और मार्केट में सबसे बड़ी दिक्कत है, डुप्लीकेट शंख बहुत हैं और आजकल लोगों के पास इतना ज्यादा उनके अंदर अंतर्मन में लालच आ गया है कि वो कुछ भी बेच देते हैं शंख बोल कर। बोल देते हैं शंख बजता है और शंख बजता नहीं है फिर। तो वो आपको मेहनत खुद करनी पड़ेगी। देख-परख कर शंख खरीदना पड़ेगा। वो शंख जो बजे, बजने वाला शंख और शंख बजाना नहीं आता तो शंख बजाना भी आपको सीखना पड़ेगा। शंख बजाना आप किसी भी मंदिर के पुजारी से सीख सकते हैं। आप उसको थोड़ी सी दक्षिणा दें। वो शंख बजाना भी सिखा देगा। हो सकता है आपके लिए वो शंख मंगवा भी दे क्योंकि मंदिरों में अक्सर पूजा का स्थान ऐसा है कि वहाँ पूजा की सामग्री आती ही रहती है। शंख, अगरबत्ती, घंटियां ये सब चीजें वो लोग परचेज करते ही रहते हैं। उन्हें सोर्सेज भी पता होते हैं जहाँ से सही और ऑथेंटिक चीज आपको मिल जाए।
शेष कल
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⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।

