ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शनिवार, 22 अप्रैल 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शनिवार 22 अप्रैल 2023

शनि देव जी का तांत्रिक मंत्र – ऊँ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः।।
☄️ दिन (वार) -शनिवार के दिन क्षौरकर्म अर्थात बाल, दाढ़ी काटने या कटाने से आयु का नाश होता है । अत: शनिवार को बाल और दाढ़ी दोनों को ही नहीं कटवाना चाहिए।
शनिवार के दिन प्रात: पीपल के पेड़ में दूध मिश्रित मीठे जल का अर्ध्य देने और सांय पीपल के नीचे तेल का दीपक जलाने से कुंडली की समस्त ग्रह बाधाओं का निवारण होता है ।
शनिवार के दिन पीपल के नीचे हनुमान चालीसा पड़ने और गायत्री मन्त्र की àएक माला का जाप करने से किसी भी तरह का भय नहीं रहता है, समस्त बिग़डे कार्य भी बनने लगते है ।
शिवपुराण के अनुसार शनि देव पिप्लाद ऋषि का स्मरण करने वाले, उनके भक्तो को कभी भी पीड़ा नहीं देते है इसलिए जिन के ऊपर शनि की दशा चल रही हो उन्हें अवश्य ही ना केवल शनिवार को वरन नित्य पिप्लाद ऋषि का स्मरण करना चाहिए।
शनिवार के दिन पिप्पलाद श्लोक का या पिप्पलाद ऋषि जी के केवल इन तीन नामों (पिप्पलाद, गाधि, कौशिक) को जपने से शनि देव की कृपा मिलती है, शनि की पीड़ा निश्चय ही शान्त हो जाती है ।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर ग्रीष्म ऋतु
🌤️ मास – वैशाख मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – शुक्ल पक्ष द्वितीया 07:49 AM तक उसके बाद तृतीया है ।
✏️ तिथि का स्वामी – द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्मा जी और तृतीया तिथि की स्वामी माँ गौरी और कुबेर देव जी है।
💫 नक्षत्र कृत्तिका 11:24 PM तक उपरांत रोहिणी |
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र के स्वामी सूर्य तथा नक्षत्र के देवता अग्नि देव है। राशि के स्वामी शुक्र हैं
📢 योग – आयुष्मान योग 09:25 AM तक, उसके बाद सौभाग्य योग |
प्रथम करण : कौलव – 07:49 ए एम तक
द्वितीय करण – तैतिल – 07:43 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : शनिवार का शुभ (गुलिक काल) :- 05:49 ए एम से 07:27 ए एम
⚜️ दिशाशूल – शनिवार को पूर्व दिशा की यात्रा नहीं करनी चाहिये, यदि अत्यावश्यक हो तो अदरख एवं घी खाकर यात्रा कर सकते है।
🤖 राहुकाल (अशुभ) – सुबह 09:00 बजे से 10:30 बजे तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:37:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:23:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:21 ए एम से 05:05 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:43 ए एम से 05:49 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:46 पी एम
🔯 विजय मुहूर्त : 02:30 पी एम से 03:22 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:49 पी एम से 07:11 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:51 पी एम से 07:56 पी एम
💧 अमृत काल : 08:58 पी एम से 10:35 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:57 पी एम से 12:41 ए एम, अप्रैल 23
🌸 त्रिपुष्कर योग : 05:49 ए एम से 07:49 ए एम
सर्वार्थ सिद्धि योग : 11:24 पी एम से 05:48 ए एम, अप्रैल 23
💦 अमृत सिद्धि योग : 11:24 पी एम से 05:48 ए एम, अप्रैल 23
❄️ रवि योग : 11:24 पी एम से 05:48 ए एम, अप्रैल 23
🚓 यात्रा शकुन-शर्करा मिश्रित दही खाकर घर से निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ प्रां प्रीं प्रौं स: शनयै नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-शनि मंदिर में इमरती चढाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-शमी के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/ श्री परशुराम जयंती/ अक्षय तीज/ रमजान ईद/ वर्षीतक समाप्त, महात्मा बसवेश्वर जयंती, बद्री केदार यात्रा प्रारंभ, मुस्लिम शव्वाल मासारंभ, पी. चंद्रशेखर राव जन्मोत्सव, विश्व पृथ्वी दिवस, जल संसाधन दिवस, काकोरी कांड क्रांतिकारी जोगेशचंद्र चटर्जी शहीद दिवस, जानेमाने आध्यात्मिक संत, स्वामी सच्चिदानंद जन्म दिवस
✍🏼 विशेष – द्वितीया तिथि को कटेरी फल का तथा तृतीया तिथि को नमक का दान और भक्षण दोनों त्याज्य बताया गया है। द्वितीया तिथि सुमंगला और कार्य सिद्धिकारी तिथि मानीजाती है। इस द्वितीया तिथि के स्वामी भगवान ब्रह्माजी हैं। यह द्वितीया तिथि भद्रानाम से विख्यात मानी जाती है। यह द्वितीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्णपक्ष में शुभ फलदायिनी होती है।
🏘️ Vastu tips 🏚️
वास्तु शास्त्र में आचार्य श्री गोपी राम से ने बताया कि घर या ऑफिस में पानी से भरा हुआ घड़ा हमेशा उत्तर दिशा में रखना अच्छा माना जाता है। जानिए इसके लाभ। वास्तु शास्त्र के अनुसार पानी से भरे मिट्टी के घड़े या मटके को रखने के लिये उत्तर दिशा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है। इससे आपको उत्तर दिशा से संबंधित शुभ फलों की प्राप्ति होगी। इससे आपके ऊपर वरूण देव का आशीर्वाद बना रहता है। साथ ही आपको किसी तरह का भय नहीं सताता, यानी आपको किसी चीज़ से डर नहीं लगता है।
आपको बता दूं कि परिवार में इसका सबसे ज्यादा लाभ परिवार के मंझले बेटे को मिलता है। अगर स्वास्थ्य के संदर्भ में बात करें, तो उत्तर दिशा में जल संबंधी चीज़ें रखने से हमारे शरीर में सबसे ज्यादा लाभ हमारे कानों को मिलता है। इससे हमारी सुनने की क्षमता मजबूत रहती है।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
किडनी खराब होने के कारण
पैरों, टखनों और टांगों में सूजन आने से भी किडनी विकार का संकेत भी हो सकता है। लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस तरह की समस्या से जूझ रहे लोगों को अपने डॉक्टरों से सलाह लेनी चाहिए। डॉक्टरों का कहना है कि करीब 30 प्रतिशत किडनी रोगी देर से आते हैं और फिर हमें डायलिसिस पर निर्भर रहना पड़ता है या किडनी प्रत्यारोपण का विकल्प चुनना पड़ता है। हम दो सरल परीक्षणों से किडनी की बीमारी का पता लगा सकते हैं। कई सरकारी अस्पतालों में ये परीक्षण मुफ्त हैं और चिकित्सा संस्थानों में न्यूनतम शुल्क पर उपलब्ध हैं।अक्सर हाई बीपी और डायबिटीज के मरीजों को किडनी की समस्या होती है, क्योंकि हाई बीपी रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर सकता है, जो अंतत: उन्हें नुकसान पहुंचाता है और कमजोर करता है।
🍵 आरोग्य संजीवनी 🍶
अनार के फल को आग में भूनकर उसके रस को निकालकर उसमें अदरक का रस या थोड़ी सी सोंठ मिलाकर सोते समय लेने से नज़ला-सर्दी-ज़ुकाम खासकर एलर्जिक साइनोसाइटिस और राइनाइटिस में बहुत फायदा होता है।
अनार के पत्तों का चूर्ण आधा से एक चम्मच तक सुबह-शाम पानी से लेने से चर्म रोगों में बहुत लाभ होता है, दिल की धड़कन जो अनियंत्रित हो जाती हैं उसमें भी बहुत लाभ होता है।
मल में खून आने पर, अनार के फल के छिलके का काढ़ा बना लें, इसे पीने से मल में खून आना बंद हो जाता है।
पपीता के पत्तों और अनार के पत्तों के रस को मिलाकर लेने से प्लेटलेट काउंट बढ़ता है। इसलिए इन दोनों के रस को या इसमें गिलोय का रस भी मिलाकर लेने से डेंगू के रोगियों को बहुत आराम मिलता है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
सुखी और संपन्न जीवन पाना हर व्यक्ति की चाहत होती है. कहते हैं कि व्यक्ति का अच्छा और बुरा समय उसके कर्मों पर निर्भर करता है. कहते हैं कि सब्र का फल मीठा होता है लेकिन कर्म का फल ओर भी मीठा होता है।
सफलता पाने के लिए कई तरीके बताए गए हैं लेकिन इंसानों के जीवन का एक ऐसा सच है जिसे अपनाना हर किसी के बस की बात नहीं, लेकिन यही सफलता की कुंजी भी है. जो इस कड़वे सच से रूबरु होकर उसके अनुरूप अपना कार्य करते हैं उनके लिए जहर का घूंट भी मिश्री की तरह मिठा स्वाद देता है. आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार क्या है जीवन का सबसे बड़ा और कड़वा सच.
कस्य दोषः कुले नास्ति व्याधिना को न पीडितः।
व्यसनं केन न प्राप्तं कस्य सौख्यं निरन्तरम् ।।
अर्थ – किसके कुल में दोष नहीं है ? रोग के कारण दुख किसे नहीं होता है. दुःख किसे नहीं मिलता है और लंबे समय तक कौन है जो सुखी रह पाता है. इन सबका एक ही निचोड़ है कमी हर जगह, हर व्यक्ति में है और यही एक कड़वी सच्चाई.
नजर नहीं नजरिया जरुरी है
आचार्य श्री गोपी राम ने इस श्लोक के जरिए व्यक्ति को उस सच्चाई से रूबरू कराने की कोशिश की है जिसे वह जितनी जल्दी समझ ले, तकलीफें उतनी कम होती चली जाएंगी. हम कहते हैं कि कोई भी व्यक्ति परफेक्ट नहीं है, रिश्तों में सुखी रहना है तो दूसरों की बुराई करने से बेहतर है उसकी अच्छाईयों पर गौर किया जाए. वहीं कार्यस्थल पर अगर सफलता पानी है तो सहयोगी की कमियां गिनाकर उसे नीचा न दिखाएं बल्कि आगे ऐसी कोई गलती न हो इसके लिए तैयार करें और मोटिवेट करें
ऐसे लोग होते हैं सफल इसलिए हम कहते हैं कि कमी हर जगह, हर व्यक्ति में होती है लेकिन अगर हम अपना नजरिया सकारात्मक कर लें तो जहर का कड़वा घूंट भी मिठी मिश्री की तरह स्वाद देने लगता है.आचार्य श्री गोपी राम उदाहरण से बताते हैं कि बांस एक ही होता है लेकिन यह हम पर निर्भर करता है कि हम उसे तीर बनाकर किसी दूसरे को घायल करना है या उसी की बांसुरी बनाकर लोगों में मधुर रस घोलना है.
जो हालात के मद्देनजर अपना काम करता है वह कभी असंतुष्ट नहीं होता और हर काम को बेहतर ढंग से कर पाता है जिससे उसे सफलता मिलती है. अपनी छवि को इस तरह ढाल लो कि अगर कोई आपकी बुराई भी करे तो दूसरा उस पर कभी विश्वास न करे
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ प्रजापति व्रत दूज को हीकिया जाता है तथा किसी भी नये कार्य की शुरुआत से पहले एवं ज्ञान प्राप्ति हेतुब्रह्माजी का पूजन अवश्य करना चाहिये। वैसे तो मुहूर्त चिंतामणि आदि ग्रन्थों केअनुसार द्वितीया तिथि अत्यन्त शुभफलदायिनी तिथि मानी जाती है। परन्तु श्रावण औरभाद्रपद मास में इस तिथि का प्रभाव शून्य हो जाता है। इसलिये श्रावण और भाद्रपदमास कि द्वितीया तिथि को कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिये।
शास्त्र कहता है, द्वितीयातिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है, उसव्यक्ति का हृदय साफ नहीं होता है। इस तिथि के जातक का मन किसी की खुशी को देखकरआमतौर पर खुश नहीं होता,बल्कि उनके प्रति ग़लत विचाररखता है। इनके मन में कपट और छल का घर होता है, ये अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए किसी को भी धोखा दे सकते हैं।इनकी बातें बनावटी और सत्य से बहुत दूर होती हैं। इनके हृदय में दया की भावना बहुतही कम होती है तथा यह किसी की भलाई तभी करते हैं जबकि उससे अपना भी लाभ हो। येपरायी स्त्री से अत्यधिक लगाव रखने वाले होते हैं जिसके वजह से कई बार इन्हेंअपमानित भी होना पड़ता है।

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