ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग बुधवार, 27 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री हरि
🧾 आज का पंचांग 🧾
बुधवार 27 दिसम्बर 2023

27 दिसम्बर 2023 दिन बुधवार को पौष मास के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है। आज से फसली पौष मास का आरम्भ होता है। आज पश्चिम दिशा बुध देवता उदित हो रहे हैं। आज बुधवार कि भद्रा होने से सिद्धयोग का निर्माण हो रहा है। आप सभी सनातनियों को “पौष मास एवं बुध देवता के उदित होने” की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुंडाय धीमहि तन्नो बुदि्ध प्रचोदयात ।।
☄️ दिन (वार) – बुधवार के दिन तेल का मर्दन करने से अर्थात तेल लगाने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती है धन लाभ मिलता है।
बुधवार का दिन विघ्नहर्ता गणेश का दिन हैं। बुधवार के दिन गणेश जी के परिवार के सदस्यों का नाम लेने से जीवन में शुभता आती है।
बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – उत्तरायण
☀️ ऋतु – सौर शिशिर ऋतु
⛈️ मास – पौष मास प्रारंभ
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📅 तिथि – पौष मास कृष्ण पक्ष वार बुधवार प्रतिपदा तिथि 06:46 AM तक उपरांत द्वितीया
✏️ तिथि स्वामी : प्रतिपदा तिथि के देवता हैं अग्नि। इस तिथि में अग्निदेव की पूजा करने से धन और धान्य की प्राप्ति होती है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र आद्रा 11:29 PM तक उपरांत पुनर्वसु
🪐 नक्षत्र स्वामी – आद्रा नक्षत्र का स्वामी राहु है । नक्षत्र के देवता रूद्र और लिंग स्री है।
🔕 योग – ब्रह्म योग 02:41 AM तक, उसके बाद इन्द्र योग
प्रथम करण : बालव – 06:20 पी एम तक
द्वितीय करण : कौलव – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – बुधवार को शुभ गुलिक 10:30 से 12 बजे तक ।
⚜️ दिशाशूल – बुधवार को उत्तर दिशा में दिशा शूल होता है ।इस दिन कार्यों में सफलता के लिए घर से सुखा / हरा धनिया या तिल खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल : – बुधवार को राहुकाल दिन 12:00 से 1:30 तक । राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए।
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 05:01 ए एम से 05:53 ए एम
🌆 प्रातः सन्ध्या : 05:27 ए एम से 06:44 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : कोई नहीं
🔯 विजय मुहूर्त : 02:08 पी एम से 02:52 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:48 पी एम से 06:14 पी एम
🌌 सायाह्न सन्ध्या : 05:50 पी एम से 07:07 पी एम
💧 अमृत काल : 01:01 पी एम से 02:41 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:51 पी एम से 12:43 ए एम, दिसम्बर 28
🚓 यात्रा शकुन- मीठा दूध पीकर यात्रा करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ सौं सोमाय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-किसी विप्र को चांदी भेंट करें।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय- पलाश के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – पौष मास प्रारंभ/ सर्वार्थसिद्धि योग/स्नान दान पूर्णिमा/भीष्म पंचक समाप्त/व्यापार मुहूर्त/श्री गुरुनानक जयंती/ पुर्णिमा समाप्ति सुबह 06. 02/ हिन्दी साहित्यकार शंकर दयाल सिंह जन्म दिवस, सिक्ख कार्यकर्ता उज्जवल सिंह जन्म दिवस, महामारी की तैयारी का अंतर्राष्ट्रीय दिवस, मिर्ज़ा ग़ालिब की जयंती, राष्ट्रीय बाल शहीदी दिवस, कैरी फिशर स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष गठन दिवस, बेनजीर भुट्टो पुण्य तिथि, सलमान खान जन्मोत्सव
✍🏼 विशेष – प्रतिपदा तिथि को कद्दू एवं कूष्माण्ड का दान एवं भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। प्रतिपदा तिथि वृद्धि देनेवाली तिथि मानी जाती है। साथ ही प्रतिपदा तिथि सिद्धिप्रद तिथि भी मानी जाती है। इस प्रतिपदा तिथि के स्वामी अग्नि देवता हैं। यह प्रतिपदा तिथि नन्दा नाम से विख्यात मानी जाती है।
🛟 Vastu tips 🗽
आप हल्दी या सिंदूर से स्वास्तिक का चिन्ह बना सकते हैं। अगर दिशा की बात करें तो इस काम के लिए उत्तर-पूर्व दिशा सबसे अच्छी है। आप स्वास्तिक का चिन्ह पूजा के स्थान पर या घर के मुख्य द्वार पर भी बना सकते हैं। ऐसा करने से देवी मां की कृपा से शुभ फल तो मिलते ही हैं, साथ ही वास्तु संबंधी समस्या के निगेटिव इफेक्ट से भी छुटकारा मिलता है। स्वास्तिक का चिन्ह घर में पॉजिटिविटी लाने वाला होता है।
स्वास्तिक बनाते समय इस बात का रखें ध्यान घर के मुख्य द्वार और मंदिर में स्वास्तिक बनाने से वास्तु दोष दूर होता है। इन दोनों जगहों पर हल्दी से स्वास्तिक बनाएं और उसके नीचे शुभ लाभ लिख दें। ऐसा करने से आपके घर में हमेशा सकरात्मकता बनी रहेगी। साथ देवी लक्ष्मी की कृपा भी बनी रहेगी। ध्यान रखें कि स्वास्तिक का चिन्ह 9 उंगली लंबा और चौड़ा होना चाहिए।
🗝️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
ठंडा दूध: सबसे पहले एक बाउल में थोड़ा ठंडा दूध लें और इसमें दो कॉटन बॉल्स को भिगोएं. कॉटन बॉल्स को आंखों के ऊपर इस तरह रखें कि ये डार्क सर्कल्स को कवर कर ले. इन्हें 20 मिनट के बाद हटा दें। ताजे पानी से आंखों को धोएं। डार्क सर्कल हटाने के लिए दूध का इस्तेमाल करने का ये सबसे आसान तरीका है।
संतरे का पाउडर: संतरे में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाएत है. इसके छिलकों को 3 से 4 दिन तक धूप में सुखा लें और पीसकर जार में रख लें। अब एक चम्‍मच पाउडर में थोड़ा सा दूध मिलाकर पेस्‍ट बना लें. पेस्ट को आंखों के नीचे हल्के हाथों से लगाएं. हफ्ते में 2 से 3 बार इसे लगाएं। 2 हफ्ते में आपको फर्क दिखेगा।
🍻 आरोग्य संजीवनी 🍶
मर्दों के लिए हल्दी में दूध डालकर क्यों पीना चाहिए? मर्दों के लिए हल्दी में दूध डालकर इसलिए पीना चाहिए क्योंकि कई बार शरीर में किसी भी तरह का इंफेक्शन हो जाता है तो उसको कम कर देती है हल्दी
हड्डियों में कई बार दर्द चोट लग जाती है तो उसमें भी बहुत अच्छा काम करती है
हल्दी में दूध डालकर पीने से कई बार पूरे शरीर का दर्द भी कम कर देती है हल्दी
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
मैं एक सिद्ध गुरु तक कैसे पहुंच सकता हूँ?
आप एक सिद्ध गुरु तक नहीं पहुँच सकते, वह स्वयं ही आप तक पहुँचेंगे या बुलाएँगे। इससे पहले भले ही आपको किसी सिद्ध गुरु का पता चल भी जाए, आप वहां नहीं जा पाएंगे। वह सिद्ध महापुरुष ही आपके रास्ते में मुश्किलें डाल देंगे। इसका कारण है आपका स्वयं का बौद्धिक स्तर। क्या आप शिक्षा में सीधे पहली कक्षा से इंजीनियरिंग या मेडिकल में प्रवेश प्राप्त कर सकते है? नहीं न। फिर अध्यात्म या साधना को क्यों लोग हलके में ले लेते है, की उसके रास्ते सबके लिए खुले होने चाहिए, उसमे सिर्फ शिष्य जब चाहे चला जाए लेकिन गुरु कोई परीक्षा न ले आदि।
अगर आपके प्रारब्ध में कोई गुरु है, तो यकीन मानिए उस गुरु को आपकी स्तिथि और बौद्धिक विकास का पता होगा। जब सही समय आएगा तब वह गुरु भी आपके जीवन में आ जाएगा। अन्यथा बहुत से लोग भटक रहे है सिद्धि पाने को, साधना करने को जिन्हें लगता है केवल सोचने भर से वह गुरु भी पा लेंगे और साधना भी कर लेंगे।
कुछ लोगो ने तो कर्म के सिद्धांतों की भी अपनी स्वयं की एक व्याख्या निकाल दी है। उनके अनुसार संचित और प्रारब्ध कर्म भूल कर केवल क्रियमाण कर्म ही प्रधान बना दो। अगर आपको संचित या प्रारब्ध के रहते कोई कष्ट या दुःख मिल रहे है अध्यात्म के रास्ते में, तो या तो गुरु बेवक़ूफ़ है या ईश्वर नहीं है। ऐसे उनका मानना है।
बहुत से लोगो का ऐसा मानना है कि साधना और तंत्र की शिक्षा अविरल सबको मिलनी चाहिये जो उसे चाहता है। तो उनके अनुसार पात्रता का कोई मान नहीं।
और सबसे बड़ी बात, आजकल सब स्वयं को पात्र मान रहे है।
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⚜️ प्रतिपदा तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायिनी मानी जाती है। आज प्रतिपदा तिथि को अग्निदेव से धन प्राप्ति के लिए एक अत्यंत ही प्रभावी उपाय कर सकते हैं। इस अनुष्ठान से अग्निदेव से अद्भुत तेज प्राप्त करने के लिए भी आज का यह उपाय कर सकते हैं। साथ ही आज किसी विशिष्ट मनोकामना की पूर्ति भी इस अनुष्ठान के माध्यम से अग्निदेव से करवायी जा सकती हैं। इसके लिए आज अग्नि घर पर ही प्रज्ज्वलित करके गाय के शुद्ध देशी घी से (ॐ अग्नये नम: स्वाहा) इस मन्त्र से हवन करना चाहिये।
शास्त्र के अनुसार जिस व्यक्ति का जन्म प्रतिपदा तिथि में होता है वह व्यक्ति अनैतिक कार्यों में संलग्न रहने वाला होता है। ऐसा व्यक्ति कानून के विरूद्ध जाकर काम करने वाला भी होता है। ऐसे लोगों को मांस मदिरा काफी पसंद होता है अर्थात ये तामसी भोजन के शौकीन होते हैं। आम तौर पर इनकी दोस्ती ऐसे लोगों से होती है जिन्हें समाज में सम्मान की दृष्टि से नहीं देखा जाता अर्थात बदमाश और ग़लत काम करने वाले लोग।

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