ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग रविवार, 06 अगस्त 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचांग 🧾
रविवार 06 अगस्त 2023

भगवान सूर्य जी का मंत्र : ऊँ घृणि सूर्याय नम: ।।
🌠 रविवार को की गई सूर्य पूजा से व्यक्ति को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन उगते हुए सूर्य को देव को एक ताबें के लोटे में जल, चावल, लाल फूल और रोली डालकर अर्ध्य करें।
इस दिन आदित्य ह्रदय स्रोत्र का पाठ करें एवं यथा संभव मीठा भोजन करें। सूर्य को आत्मा का कारक माना गया है, सूर्य देव को जल देने से पितृ कृपा भी मिलती है।
रविवार के दिन भैरव जी के दर्शन, आराधना से समस्त भय और संकट दूर होते है, साहस एवं बल की प्राप्ति होती है। रविवार के दिन जी के दर्शन अवश्य करें ।
रविवार के दिन भैरव जी के मन्त्र ” ॐ काल भैरवाय नमः “ या ” ॐ श्री भैरवाय नमः “ की एक माला जाप करने से समस्त संकट, भय दूर होते है, रोगो, अकाल मृत्यु से बचाव होता है, मनवांछित लाभ मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर वर्षा ऋतु
⛈️ मास – श्रावण मास
🌖 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – श्रावण मास कृष्ण पंचमी तिथि 07:10 AM तक उपरांत षष्ठी तिथि 05:20 AM तक उपरांत सप्तमी
🖍️ तिथि के स्वामी :- पंचमी तिथि के स्वामी नाग देवता जी और षष्टी तिथि के स्वामी भगवान कार्तिकेय जी है।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र रेवती 01:43 AM तक उपरांत अश्विनी
🪐 नक्षत्र स्वामी : नक्षत्र स्वामी बुध है। तथा रेवती नक्षत्र के देवता पूषा हैं।
🔕 योग : धृति योग 08:26 PM तक, उसके बाद शूल योग
प्रथम करण : तैतिल – 07:09 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 06:09 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : रविवार का शुभ (गलिक काल) 03:37 पी एम से 05:16 पी एम
⚜️ दिशाशूल – रविवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से पान या घी खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -सायं – 4:30 से 6:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:26:00 A.M
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:34:00 P.M
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:20 ए एम से 05:03 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:41 ए एम से 05:45 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 12:00 पी एम से 12:54 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:41 पी एम से 03:34 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 07:09 पी एम से 07:30 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 07:09 पी एम से 08:12 पी एम
💧 अमृत काल : 11:27 पी एम से 12:58 ए एम, अगस्त 07
🗣️ निशिता मुहूर्त : 12:06 ए एम, अगस्त 07 से 12:48 ए एम, अगस्त 07
सर्वार्थ सिद्धि योग : 01:43 ए एम, अगस्त 07 से 05:46 ए एम, अगस्त 07
❄️ रवि योग : 01:43 ए एम, अगस्त 07 से 05:46 ए एम, अगस्त 07
🚓 यात्रा शकुन-इलायची खाकर यात्रा प्रारंभ करें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ घृणि: सूर्याय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-विष्णु मंदिर में आम चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-बेल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – सर्वार्थसिद्धि योग/पंचक समाप्त 25.43 /मूल प्रारंभ/ भूतपूर्व राज्यपाल – के. एम. चांडी जयन्ती, हिरोशिमा दिवस, विश्व शांति दिवस, बोलीविया स्वतंत्रता दिवस, जमैका स्वतंत्रता दिवस, प्रसिद्ध मलयालम साहित्यकार एस. के. पोट्टेक्काट्ट पुण्य तिथि, “वंदेमातरम” समाचार पत्र का प्रकाशन दिवस, सर सुरेन्द्रनाथ बेनर्जी स्मृति दिवस, विश्व स्तनपान दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – पञ्चमी तिथि को बिल्वफल त्याज्य बताया गया है। पञ्चमी तिथि को खट्टी वस्तुओं का दान और भक्षण दोनों ही त्याज्य है। पञ्चमी तिथि धनप्रद अर्थात धन देनेवाली तिथि मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि अत्यंत शुभ तिथि भी मानी जाती है। इस पञ्चमी तिथि के स्वामी नागराज वासुकी हैं। यह पञ्चमी तिथि पूर्णा नाम से विख्यात मानी जाती है। यह पञ्चमी तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ और कृष्ण पक्ष में शुभ फलदायीनी मानी जाती है।
🌷 Vastu tips 🌸
इस दिशा में न लगाएं पौधा वास्तु कहता है कि मनी प्लांट को हमेशा सही दिशा में लगाना चाहिए। इस पौधो को कभी भी उत्तर-पूर्व दिशा में न लगाएं। कहा जाता है कि इस दिशा में मनी प्लांट का पौधा लगाने से आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा घर में नकारात्मकता आती है। इसलिए मनी प्लांट को हमेशा दक्षिण-पूर्व दिशा में ही लगाएं। इस दिशा में लगाने से घर में बरकत बनी रहती है।
मनी प्लांट की लताएं जमीन में न छुएं मनी प्लांट तेजी से बढ़ने वाला पौधा है। ऐसे में इस बात का खास ध्यान रखें कि इसकी लताएं जमीन को न छूएं। आप इसकी लताओं को रस्सी या किसी डंडे के सहारे ऊपर की ओर चढ़ा दें। मान्यता है कि मनी प्लांट का संबंध माता लक्ष्मी से होता है। ऐसे में जमीन में छुने से मां लक्ष्मी का अपमान होता है।
मनी प्लांट को सूखने न दें वास्तु के अनुसार अपने घर में लगे मनी प्लांट के पौधे को कभी भी सूखने न दें। क्योंकि सूखा हुआ मनी प्लांट दुर्भाग्य का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि जिन घरों में मनी प्लांट का पौधा सूख जाता है वहां पर तरक्की रुक जाती है और घर में गरीबी आती है। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि इस पौधे को कभी भी सूखने न दें। आप नियमित रूप से इसमें पानी देते रहें और इसकी देखभाल करते रहें।
कभी भी मनी प्लांट को न रखें घर के बाहर वास्तु कहता है कि मनी प्लांट को घर के अंदर ही रखना चाहिए। क्योंकि इस पौधे को घर के बाहर लगाना अशुभ माना जाता है। इससे आपको आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ सकता है।
किसी दूसरों को न दें मनी प्लांट का पौधा वास्तु के अनुसार कभी भी किसी दूसरों को मनी प्लांट का पौधा नहीं देना चाहिए, चाहें वो आपका कोई कितना भी करीबी क्यों न हो। वास्तु के अनुसार दूसरों को मनी प्लांट का पौधा गिफ्ट करने से घर की बरकत चली जाती है।
➡️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
गैस दूर करने के घरेलू नुस्खे पेट में गैस दर्द की समस्या से परेशान हैं तो हींग आपकी समस्या को खत्म कर सकती है। इसके लिए आप 1 गिलास गर्म पानी लें और उसमें 2 चुटकी हींग का पाउडर मिक्स करें। इसे सिप करते हुए पीएं। आपको गैस दर्द में आराम मिलेगा।
गैस के दर्द में जीरा भी फायदेमंद साबित होता है। जीरा खाने से पाचन संबंधित दिक्कतें दूर होती हैं। इसके लिए आप 1 गिलास गुनगुने पानी में भुना हुआ जीरा आधा चम्मच मिक्स करें। अब इस पानी को पीएं, आपको गैस दर्द से आराम मिलेगा।
गैस के दर्द में दालचीनी भी फायदा करती है। दालचीनी में कई औषधीय गुण होते हैं। शरीर में जाकर दालचीनी एंटासिड का काम करती है। इसके लिए आप 3 चुटकी दालचीनी का पाउडर गुनगुने पानी में मिलाकर पिएं।
अगर आपके घर में तुलसी है तो इसके पत्ते आपको गैस की समस्या से आराम दिला सकते हैं। इसके लिए आप तुलसी के 4 पत्ते 1 गिलास गर्म पानी में उबालकर पी सकते हैं। आपको तुरंत आराम मिलेगा।
आरोग्य संजीवनी 🍶
गुस्सा खतरनाक, रहें सावधान
गुस्से का पैटर्न समझें
क्रोध में आपा ना खोएं
आत्मनियंत्रण सीखें
गुस्से के लक्षण पहचानें
गुस्सा करें कंट्रोल, आयुर्वेदिक उपाय
चंद्रप्रभा वटी
त्रयोदशांक गुग्गुल
अश्वशिला
पीड़ांतक
नुस्खे आज़माएं, गुस्सा भगाएं
दूध में हल्दी मिलाकर पीएं
दूध के साथ
शिलाजीत फायदेमंद
गुस्सा होगा शांत
एलोवेरा और गिलोय का जूस पीएं
खट्टी चीजें ना खाएं
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
हिंदू धर्म में लाल और पीले रंग से बने कलावे को लेकर कई सारी मान्यताएं प्रचलित हैं जिसे लोग आज भी अपनाते हैं। किसी भी धार्मिक अनुष्ठानों या शुभ कार्य के समय हाथ में कलावा या मौली बांधने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। शास्त्रों में भी इसे बेहद ही महत्वपूर्ण माना गया है। कलावा को रक्षा सूत्र के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि हाथ में इस रक्षा सूत्र को बांधने से व्यक्ति की हर तरह से रक्षा होती है और उनके जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं। हालांकि कलावा बांधने और उतारने के कुछ नियम होते हैं, जिनका पालन करना बेहद जरूरी होता है। शायद ही लोग इन नियमों के बारे में जानते होंगे। अगर आप भी उनमें से हैं तो अब आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज हम आपको कलावा बांधने और उतारने की विधियों और नियमों के बारे में बताएंगे।
किस दिन उतारना चाहिए कलावा?ज्योतिष शास्त्र में रक्षा सूत्र यानी कलावा धारण करने और उतारने के कई नियम बताए गए हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हांथ में बांधा हुआ कलावा सिर्फ मंगलवार और शनिवार के दिन ही खोलना सबसे उत्तम माना गया है। इस खोलने के बाद पूजा घर में ही बैठकर दूसरा कलावा बांध लें।
किस हाथ में कलावा बांधना अधिक शुभ? आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार पुरुषों और कुंवारी लड़कियों को दाहिने हाथ में जबकि विवाहित महिलाओं को बांए हाथ में कलावा बांधना चाहिए।
कलावा कैसे बांधा जाता है? शास्त्रों में कलावा बांधने के कई नियमों के बारे में बताया गया है। शास्त्रों के अनुसार जिस हाथ में आप कलावा बांध रहे हैं उस हाथ में सिक्का या रुपया लेकर मुट्ठी बंद कर लें। उसके बाद दूसरे हाथ को सिर पर रख दें। फिर कलावा बांधने वाले व्यक्ति से 3, 5 या 7 बार कलावा कलाई पर लपेटवाएं। फिर कलावा बंध जाने के बाद हाथ में रखी दक्षिणा उस व्यक्ति को भेंट में दें।
पुराना कलावा का क्या करें? जब हाथ में बंधा हुआ कलावा पुराना हो जाता है तो इसे इधर-उधर कहीं भी फेंकना नहीं चाहिए। क्योंकि इस्तेमाल किए गए पुराने कलावा को इधर-उधर फेंकना अशुभ माना गया है। आप हाथ से कलावा निकालकर पीपल के पेड़ के नीचे रख दें या फिर किसी बहते पानी में प्रवाहित कर दें।
·············••●◆❁✿❁◆●••··············
⚜️ पञ्चमी तिथि में शिव जी का पूजन सभी कामनाओं की पूर्ति करता है। आज पञ्चमी तिथि में नाग देवता का पूजन करके उन्हें बहती नदी में प्रवाहित करने से भय और कष्ट आदि की सहज ही निवृत्ति हो जाती है। ऐसा करने से यहाँ तक की कालसर्प दोष तक की शान्ति हो जाती है। अगर भूतकाल में किसी की मृत्यु सर्पदंश से हुई हो तो उसके नाम से सर्प पूजन से उसकी भी मुक्ति तक हो जाती है।
पञ्चमी तिथि बहुत ही शुभ मानी जाती है। इस तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति गुणवान होता है। इस तिथि में जिस व्यक्ति का जन्म होता है वह माता पिता की सेवा को ही सर्वश्रेष्ठ धर्म समझता है। इनके व्यवहार में उत्तम श्रेणी का एक सामाजिक व्यक्ति दिखाई देता है। इनके स्वभाव में उदारता और दानशीलता स्पष्ट दिखाई देती है। ये हर प्रकार के सांसारिक भोग का आनन्द लेते हैं और धन धान्य से परिपूर्ण जीवन का आनंद उठाते हैं।

Related Articles

Back to top button