ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 08 सितम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 08 सितम्बर 2023

08 सितम्बर 2023 दिन शुक्रवार को भादपद मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि है। आज की नवमी को गोगा नवमी के नाम से जाना जाता है। पुराणों के अनुसार आज अगस्त्य ऋषि के नाम से प्रसिद्ध तारे का उदय रात्री 10:30 बजे हो जाएगा। आप सभी सनातनियों को गोगा नवमी व्रत की हार्दिक शुभकामनायें।।
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌒 पक्ष – कृष्ण पक्ष
📆 तिथि – भाद्रपद कृष्ण पक्ष नवमी तिथि 05:30 PM तक उपरांत दशमी
🖍️ तिथि स्वामी – नवमी तिथि की स्वामी देवी दुर्गा हैं ऎसे में जातक को दुर्गा की उपासना अवश्य करनी चाहिए.
💫 नक्षत्र – नक्षत्र म्रृगशीर्षा 12:09 PM तक उपरांत आद्रा
🪐 नक्षत्र स्वामी – मृगशिरा नक्षत्र का स्वामी मंगल ग्रह है। तथा नक्षत्र के देव ग्रह सूर्य है।
📣 योग – सिद्धि योग 10:07 PM तक, उसके बाद व्यातीपात योग
प्रथम करण : गर – 05:30 पी एम तक
द्वितीय करण : वणिज – पूर्ण रात्रि तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 05:52:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:16:00
🌉 ब्रह्म मुहूर्त : 04:31 ए एम से 05:17 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 04:54 ए एम से 06:02 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:54 ए एम से 12:44 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:24 पी एम से 03:14 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:35 पी एम से 06:58 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:35 पी एम से 07:44 पी एम
💧 अमृत काल : 03:29 ए एम, सितम्बर 09 से 05:14 ए एम, सितम्बर 09
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:56 पी एम से 12:42 ए एम, सितम्बर 09
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में चांदी की श्रंगार सामग्री चढ़ाएं।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – भद्रा/गोगा नवमी (नन्दोत्सव), प्रसिद्ध पार्श्व गायिका आशा भोंसले जन्मोत्सव, प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी फ़ीरोज़ गाँधी स्मृति दिवस, उत्तर मैसेडोनिया स्वतंत्रता दिवस (डेन ना नेज़ाविस्नोस्ता), विश्व फिजियोथेरेपिस्ट (पीटी) दिवस, अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस [यूनेस्को], माल्टा में विजय दिवस, हिन्दी के यशस्वी कहानीकार राधाकृष्ण जन्म दिवस, शेख़ मोहम्मद अब्दुल्ला स्मृति दिवस, अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस
✍🏼 विशेष – नवमी तिथि को काशीफल (कोहड़ा एवं कद्दू) एवं दशमी को परवल खाना अथवा दान देना भी वर्जित अथवा त्याज्य होता है। नवमी तिथि एक उग्र एवं कष्टकारी तिथि मानी जाती है। इस नवमी तिथि की अधिष्ठात्री देवी माता दुर्गा जी हैं। यह नवमी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह नवमी तिथि कृष्ण पक्ष में मध्यम फलदायिनी मानी जाती है। नवमी तिथि के दिन लौकी खाना निषेध बताया गया है। क्योंकि नवमी तिथि को लौकी का सेवन गौ-मांस के समान बताया गया है।
🗽 Vastu Tips 🗺️
वास्तु शास्त्र में आज हम बात करेंगे हरे रंग की चीजों के बारे में। हरे रंग की चीजों में बहुत कुछ शामिल हो सकता है, हरी सब्जियां, फ्रूट्स, दालें, कपड़े, बिस्तर आदि। इसके अलावा अगर आप अपने घर में छोटा-सा बाग-बगीचा या पार्क बनाना चाहते हैं तो किस दिशा में बनाएं और इसका क्या प्रभाव होगा, जानिए आचार्य श्री गोपी राम से। वास्तु शास्त्र के अनुसार हरे रंग से संबंधित चीजों को पूर्व या फिर दक्षिण-पूर्व दिशा, यानि कि आग्नेय कोण में रखना अच्छा होता है। साथ ही घर में हरी घास के छोटे-से बगीचे को भी इऩ्हीं दिशाओं में बनाना चाहिए। हरे रंग और इन दोनों दिशाओं का संबंध काष्ठ तत्व, यानि कि लकड़ी से है, इसलिए पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में हरे रंग की चीजें रखना शुभ फलदायी है। पूर्व दिशा में हरे रंग की चीज़ें रखने से घर के बड़े बेटे के जीवन की गति हमेशा बढ़ती रहती है। उसके पैर मजबूत होते हैं । वहीं आग्नेय कोण में हरे रंग की चीजें रखने से बड़ी बेटी को फायदा होता है। उसका लगातार विकास होता है और स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं दूर होती हैं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
स्किन केयर प्रोडक्ट्स का कर करें इस्तेमाल स्किन क्लीनजिंग के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले प्रोडक्ट्स आपको बदले में एक्ने और पिंपल्स दे जा सकते हैं। चाहे वो जिंक, विटामिन सी और विटामिन ई से ही भरपूर प्रोडक्ट्स ही क्यों न हो। इसलिए कोशिश करें कि कम से कम प्रोडट्स का इस्तेमाल करें। अगर आप कर भी रहे हैं तो उन प्रोडक्ट्स का चुनाव करें जो कि नेचुरल हों और नुकसान न करे।
गर्म पानी का कम करें इस्तेमाल
कुछ लोग चेहरे साफ करने के लिए गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, ये नुकसानदेह हो सकता है। ये आपकी स्किन को सेंसिटिव बना सकता है जिससे एक्ने की समस्या तेजी से बढ़ सकती है। तो, अगर आप भी अपनी स्किन केयर रूटीन से जुड़ी इन गलतियों को कर रहे हैं तो आपको इनसे बचना चाहिए। साथ ही स्किन के लिए किसी भी प्रोडक्ट्स को खरीदने से पहले उनके इंग्रीडिएंट्स और फिर फायदे व नुकसानों के बारे में पढ़ लें।
🫗 आरोग्य संजीवनी 🍶
कुत्ते के काटने के घरेलू उपाय करें या नहीं? इस सिचुएशन में घरेलू उपाय करना खतरनाक हो सकता है। किसी भी प्रकार के नीम हकीम या फिर घरेलू उपाय के चक्कर में ना पड़कर आपको जल्द से जल्द डॉक्टर से दिखाना चाहिए।
घर में कुत्ते के दांत लगने पर या स्क्रैच करने के बाद भी हो सकता है? अगर आपने अपने घर के पालतू कुत्ते को टिका लगवाया है तो फिर इसकी संभावना कम है। मगर फिर भी अगर आपके कुत्ते का दांत लग जाए या फिर स्क्रैच कर दे तो उसके बाद तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए और डॉक्टर के निर्देशानुसार टीका लगवाना चाहिए।
कुत्ता काटने के कितने घंटे के अंदर इंजेक्शन लगवाना चाहिए? कुत्ता काटने के 24 घंटे के अंदर ही इंजेक्शन लगवाना बहुत जरूरी होता है। हालांकि, आमतौर पर इसके पांच इंजेक्शन लगते हैं। पहले इंजेक्शन लगने के तीसरे दिन दूसरा इंजेक्शन लगता है फिर सातवें दिन इंजेक्शन लगता है और उसके बाद 14वें दिन और लास्ट में 28 में दिन इंजेक्शन लगना जरूरी है।
रेबीज के लक्षण कितने दिन में दिखते हैं? एक से तीन महीने के आसपास आपको रेबीज के लक्षण दिखने लगते हैं। इसमें शरीर की मांसपेशियों में दर्द, बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में ऐंठन, मानसिक संतुलन का बिगड़ना जैसे लक्षण शामिल हैं।
📚 गुरु भक्ति योग 🕯️
आचार्य श्री गोपी राम के अनुसार अर्जुन ने कर्ण को छल से क्यों मारा था?
शास्त्रो मे जो लिखा हुआ है और कर्णभक्तो ने जो फैलाया है उसमें काफी बड़ा अंतर है और इस अंतर को जानने के लिए सबसे पहले गीता प्रेस में क्या लिखा हुआ है यह जानना आवश्यक है।
इसे पढ़कर कर्णभक्त कहते हैं कि कर्ण ने अर्जुन को एक महाताकतवर बाण से अधमरा कर दिया था जिसके बाद में उसे जीवनदान देकर (ना मारकर) रथ का पहिया उठाने लग गया जिसे देखकर भगवान श्रीकृष्ण ने समझ लिया कि महाबलशाली योद्धा कर्ण को मारना नामुमकिन है इसलिए कर्ण को निहत्थे और असावधान हालत में मारने के लिए कहा और अर्जुन ने कर्ण को क्षलपूर्वक मार दिया। अब कर्णभक्तो के बारे में हम क्या कह सकते हैं भाई राई का पहाड़ बनाने में उन्हें ज्यादा समय थोड़े लगता है इसलिए सबसे पहले कर्णभक्तो ने जो कहा है और गीता प्रेस गोरखपुर में क्या लिखा हुआ है उसके बीच में ही तुलना करके देख लेते हैं।
कर्णभक्त कहते हैं कि कर्ण ने अर्जुन को अधमरा कर दिया था लेकिन गीता प्रेस का कहना कुछ और है गीता प्रेस के अनुसार अर्जुन को केवल चक्कर ही आया था वो तो वहां पर मूर्क्षित भी नहीं हुआ था और कुछ समय बाद में वह होश संभाल भी चुका था लेकिन अगर वह कर्ण के द्वारा अधमरा कर दिया गया होता तो कम से कम उसका मूर्क्षित होना ही यहां पर लिखा हुआ होता क्योंकि महाभारत में जैसी जिसकी स्थिति हो जाती है वैसा ही लिखा हुआ मिलता है।
वैसे भी अगर कर्ण ने अर्जुन को अधमरा कर दिया होता तो अर्जुन तुरंत उठ खड़ा नहीं हुआ होता यह भी अर्जुन की कंडीशन को साफ तौर पर बता देता है।
कर्ण ने अर्जुन को जीवनदान देकर रथ का पहिया उठाने लग गया था लेकिन गीता प्रेस महाभारत के अनुसार कर्ण ने मौका पाकर यह काम किया था और मौका पाकर किसी को जीवनदान नहीं दिया जाता हां अपने आप को बचाने की कोशिश जरूर की जाती है साथ में जितने समय के लिए अर्जुन को चक्कर आया था उतने समय में कर्ण उसका कुछ भी नहीं बिगाड़ सकता था।
भगवान श्रीकृष्ण ने कर्ण को असावधान और शस्त्रहीन हालत में मारने के लिए कहा था लेकिन श्रीकृष्ण ने केवल इतना ही कहा था कि जब तक कर्ण रथ पर नहीं चढ़ जाता तब तक ही तुम उसका मस्तक काट डालो और इसका मतलब शस्त्रहीन या असावधान अवस्था नहीं होता वैसे भी कर्ण को जब पता चल गया कि यह उसका अंतिम समय था तो उसने अर्जुन को थोड़े देर रुकने के लिए बोला (जबकि बुरी से बुरी स्थिति में भी किसी भी योद्धा ने ऐसा कभी नहीं किया), फिर मौका पाकर रथ के पहिए को उठाने लग गया (जबकि शल्य ने इस मामले में उसे मना नहीं किया था और यह काम एक सारथी का था ना कि रथी का था रथी का काम युद्ध करना होता था लेकिन कर्ण युद्ध को बीच में छोड़कर पहिए पर बल लगा रहा था। ) साफ पता चलता है कि रथ पर चढ़ने से भगवान ने मना क्यों किया होगा (भई रथ में चढ़कर भाग जायेगा तो सूर्यास्त से पहले कैसे मारा जायेगा?) वैसे भी अगर भगवान के कहने का मतलब वह था जो कि कर्णभक्त फैलाते हैं तो फिर क्यों अर्जुन ने उसकी ध्वजा को काटकर उसे सावधान किया था भई फिर तो अर्जुन को बिना कुछ ऐसा किये हुए सीधे ही कर्ण को मार डालना चाहिए था। अर्जुन कर्ण युद्ध में एक बात और ध्यान देने योग्य है कि इस रथ वाले प्रकरण के समय उन दोनों में से कर्ण बुरी हालत में था कर्ण एक वात पित्त कफ के रोगी की भांति हो गया था जिसका केवल मरना ही शेष था और वह बिना श्राप पुरे हुए नहीं हो सकता था जैसे ही श्राप की कन्डीशन पूरी हुई वैसे ही वो मारा भी गया था।
●●●●●★᭄ॐ नमः श्री हरि नम: ★᭄●●●●●
⚜️ नवमी तिथि में माँ दुर्गा कि पूजा गुडहल अथवा लाल गुलाब के फुल करें। साथ ही माता को पूजन के क्रम में लाल चुनरी चढ़ायें। पूजन के उपरान्त दुर्गा सप्तशती के किसी भी एक सिद्ध मन्त्र का जप करें। इस जप से आपके परिवार के ऊपर आई हुई हर प्रकार कि उपरी बाधा कि निवृत्ति हो जाती है। साथ ही आज के इस उपाय से आपको यश एवं प्रतिष्ठा कि भी प्राप्ति सहजता से हो जाती है।
आज नवमी तिथि को इस उपाय को पूरी श्रद्धा एवं निष्ठा से करने पर सभी मनोरथों कि पूर्ति हो जाती है। नवमी तिथि में वाद-विवाद करना, जुआ खेलना, शस्त्र निर्माण एवं मद्यपान आदि क्रूर कर्म किये जाते हैं। जिन्हें लक्ष्मी प्राप्त करने की लालसा हो उन्हें रात में दही और सत्तू नहीं खाना चाहिए, यह नरक की प्राप्ति कराता है।
नवमी तिथि को जन्म लेने वाला व्यक्ति भाग्यशाली एवं धर्मात्मा होता है। इस तिथि का जातक धर्मशास्त्रों का अध्ययन कर शास्त्रों में विद्वता हासिल करता है। ये ईश्वर में पूर्ण भक्ति एवं श्रद्धा रखते हैं। धनी स्त्रियों से इनकी संगत रहती है तथा इसके पुत्र गुणवान होते हैं।

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