ज्योतिष

Aaj ka Panchang आज का पंचांग शुक्रवार, 15 दिसम्बर 2023

आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
शुक्रवार 15 दिसम्बर 2023

ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
🌌 दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं।
शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए ।
शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ आयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर हेमंत ऋतु
⛈️ मास – मार्गशीर्ष मास
🌘 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – मार्गशीर्ष माह शुक्ल पक्ष दिन वार शुक्रवार तृतीया तिथि 10:30 PM तक उपरांत चतुर्थी
✏️ तिथि स्वामी : तृतीया तिथि के देवता हैं यक्षराज कुबेर। इस तिथि में कुबेर का पूजन करने से व्यक्ति धनवान बन जाता है।
💫 नक्षत्र – नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 08:10 AM तक उपरांत उत्तराषाढ़ा 06:24 AM तक उपरांत श्रवण
🪐 नक्षत्र स्वामी – नक्षत्र का स्वामी शुक है तो राशि स्वामी शुक्र।
🔕 योग : वृद्धि योग 10:17 AM तक, उसके बाद ध्रुव योग 07:02 AM तक, उसके बाद व्याघात योग
प्रथम करण : तैतिल – 11:44 ए एम तक
द्वितीय करण : गर – 10:30 पी एम तक
🔥 गुलिक काल : – शुक्रवार को शुभ गुलिक प्रात: 7:30 से 9:00 तक ।
⚜️ दिशाशूल – शुक्रवार को पश्चिम दिशा का दिकशूल होता है।यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से दही में चीनी या मिश्री डालकर उसे खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल -दिन – 10:30 से 12:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:47:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 05:13:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:55 ए एम से 05:47 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:21 ए एम से 06:38 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:49 ए एम से 12:33 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:02 पी एम से 02:47 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 05:42 पी एम से 06:08 पी एम
🌃 सायाह्न सन्ध्या : 05:44 पी एम से 07:02 पी एम
💧 अमृत काल : 12:29 ए एम, दिसम्बर 16 से 01:58 ए एम, दिसम्बर 16
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:46 पी एम से 12:37 ए एम, दिसम्बर 16
सर्वार्थ सिद्धि योग : 06:24 ए एम, दिसम्बर 16 से 06:39 ए एम, दिसम्बर 16
❄️ रवि योग : 08:10 ए एम से 06:24 ए एम, दिसम्बर 16
🚓 यात्रा शकुन-शुक्रवार को मीठा दही खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम:।
🤷🏻‍♀️ आज का उपाय-लक्ष्मी मंदिर में इत्र चढ़ाएं।
🪵 वनस्पति तंत्र उपाय-गूलर के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार : मुस्लिम जमादिल – आखिर मासारंभ/ सर्वार्थसिद्धि योग/जातकर्म/ सरदार बल्लभ भाई पटेल स्मृति दिवस, नेशनल लेमन कपकेक डे, नेशनल वियर योर पर्ल्स डे, नेशनल अग्ली क्रिसमस स्वेटर डे, नेशनल अंडरडॉग डे, नेशनल कैट हर्डर्स डे, आचार्य श्रीतुलसी दीक्षा दिवस (जैन), उषा मंगेशकर जन्म दिवस, छत्रपति शिवाजी महाराज के पोते शाहू महाराज स्मृति दिवस, हिन्दू युनिवर्सिटी सोसाइटी स्थापना दिवस, भारतीय महिला पहलवान गीता फोगाट जन्म दिवस, भारतीय कंप्यूटर इंजिनियर पियूष कमल जन्म दिवस, अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस, हवाई सुरक्षा दिवस (सप्ताह)
✍🏼 विशेष – तृतीया तिथि में नमक का दान तथा भक्षण दोनों ही त्याज्य बताया गया है। तृतीया तिथि एक सबला अर्थात बल प्रदान करने वाली तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं यह तृतीया तिथि आरोग्यकारी रोग निवारण करने वाली तिथि भी मानी जाती है। इस तृतीया तिथि की स्वामिनी माता गौरी और इसके देवता कुबेर देवता हैं। यह तृतीया तिथि जया नाम से विख्यात मानी जाती है। यह तृतीया तिथि शुक्ल पक्ष में अशुभ तथा कृष्ण पक्ष में शुभफलदायिनी मानी जाती है।
🌷 Vastu tips
मंदिर से जुड़ी इन बातों का भी रखें विशेष ख्याल वास्तु शास्त्र के अनुसार मंदिर का निर्माण ईशान कोण ( पूर्व और उत्तर के बीच की दिशा) में करवाना सबसे अच्छा माना जाता है। लेकिन इस दिशा में मंदिर बनवाते समय एक बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजास्थल के नीचे पत्थर का स्लैब न लगवाएं अन्यथा आप कर्ज के चंगुल में फंस सकते हैं।
पत्थर की जगह आप लकड़ी की स्लैब या अलग से लकड़ी का पूरा मंदिर बनवा सकते हैं। परंतु ध्यान रहे कि लकड़ी का मंदिर बिल्कुल दीवार से सटा ना हो, दीवार से थोड़ा हटाकर ही मंदिर का निर्माण करवाएं। अगर आप उत्तर-पूर्व दिशा में लकड़ी के मंदिर का निर्माण करवा रहे हैं तो मंदिर के नीचे गोल पाए जरूर बनवाएं।
♻️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
चेहरे को गोरा बनाने के लिए फेसपैक चेहरे को गोरा बनाना है तो आप इसके लिए बेसन का बना फेसपैक इस्तेमाल करें। 1 हफ्ते इस पैक को लगाने के बाद आपका रंग एकदम साफ हो जाएगा। आपको बेसन फेसपैक बनाने के लिए 1 बड़े चम्मच बेसन, 1 पिंच हल्दी और कच्चा दूध लेना है। तीनों चीजों को मिलाकर पतला पेस्ट जैसा बना लें। अब पैक को 15 मिनट फेस पर लगाए रखें। अब बेसन को हल्के हाथ से मलते हुए साफ करें। आपको 8-10 दिन इसी तरह से बेसन का इस्तेमाल करना है। आपके चेहरे पर मौजूद दाग-धब्बे गायब हो जाएंगे। चेहरा गोरा हो जाएगा और टैनिंग बिल्कुल गायब हो जाएगी। ध्यान रखें कि इसके बाद फेस पर साबुन या फेसवॉश का इस्तेमाल नहीं करना है।
बेसन से बनाएं फेस स्क्रब आप बेसन को स्क्रब के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इसके लिए 1 चम्मच बेसन में थोड़ा कच्चा दूध या दही मिक्स कर लें। इसमें थोड़ा चोकर भी मिला सकते हैं। स्क्रब बनकर तैयार है आप इसे हल्के हाथों से बालों के उल्टे डायरेक्शन में रगड़ते हुए फेस को साफ करें। इससे चेहरे पर मौजूद बाल भी धीरे-धीरे कम हो जाएंगे और फेस क्लीन हो जायेगा।
🩸 आरोग्य संजीवनी 💊
गर्म पानी में घी डालकर पीने के फायदे
कब्ज में कारगर- जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है उन्हें देसी घी और पानी का ये नुस्खा जरूर अपनाना चाहिए। ऐसा कई बार होता है जब लार्ज और स्माल इंटेस्टाइन में ड्राईनेस बढ़ जाती है। ऐसी स्थिति में खाने से पचाना मुश्किल हो जाता है। कांसेपशियन की समस्या होने पर गुनगुने पानी में घी डालकर पीने से डाइजेशन अच्छा रहता है।
आंखों के लिए फायदेमंद- देसी घी आंखों के लिए कमाल का काम करता है। ये एक कूलिंग एजेंट के जैसे काम करता है। देसी घी खाने से ओमेगा 3 फैटी एसिड मिलता है जो आंखों की रोशनी, आई ड्राइनेस को कम और आंखों की थकान को दूर करता है। जब आप इसे गुनगुने पानी में डालकर पीते हैं तो ये फायदा भरपूर मिलता है। आप चाहें तो आंखों के आस-पास भी घी मल सकते हैं।
त्वचा को बनाए मुलायम- सर्दियों में घी में स्किन के लिए भी बहुत फायदेमंद है। इसमें नेचुरल मॉइश्चराइजिंग तत्व होते हैं जो इसे स्किन के लिए और भी फायदेमंद बना देते हैं। जब आपकी स्किन में अंदर से नमी रहेगी तो स्किन की ड्राईनेस भी कम हो जाएगी। गुनगुने पानी में घी डालकर पीने से आतों की सफाई हो जाती है और बॉडी में जमा टॉक्सिन बाहर निकल जाते हैं। इससे स्किन ग्लो करने लगती है।
📖 गुरु भक्ति योग 🕯️
शूद्र और बुद्धिस्ट लोग हिन्दू देवताओं और ग्रंथों की बुराई क्यों करते हैं? क्या ऐसा करना उनके “धम्म” में लिखा है?
हम हिंदू धर्म वाले खुद ही अपने देवी और देवताओं के गौरवशाली इतिहास को नहीं जानते। हकीकत यह है की सतयुग और त्रेता युग में भारत के अंदर देवी और देवता राज्य करते थे जिनकी यादगार मंदिरों में मिलती है ।
सतयुग के अंदर श्री लक्ष्मी और श्री नारायण का राज्य था इनकी आठ ने राज्य किया । इसके पश्चात त्रेता युग में श्री राम और सीता का राज्य हुआ।
इन दो युगों में राजा रानी प्रजा सभी देवी और देवता थे जो की सर्व गुणों से संपन्न संपूर्ण निर्विकार संपूर्ण अहिंसक मर्यादा पुरुषोत्तम हुआ करते थे ।
देवी और देवताओं के जमाने में किसी भी प्रकार की हिंसा और युद्ध नहीं हुआ करते थे । सब जगह अमन चैन और शांति थी।
हम भारतवासियों ने देवी और देवताओं का जो साहित्य धर्म ग्रंथो के रूप में लोगों के सामने प्रस्तुत किया है उसमें देवी और देवताओं को विकारी और हिंसक बताया गया है, जबकि यह हकीकत से बहुत दूर है । अगर हम लोगों ने ये स्वीकार किया होता कि हमारे पूर्वज देवी और देवता थे जिनके अंदर नैतिकता कूट-कूट कर भरी हुई थी वे पूज्य थे अर्थात पवित्र थे निर्विकार थे उनमें काम क्रोध लोभ मोह हिंसा आदि नहीं थे, तो सभी धर्म वाले इनका आदर करते क्यों की इनमें कोई बुराई है ही नही जो वो वर्णन कर सकें।
●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●
⚜️ तृतीया तिथि केवल बुधवार की हो तो अशुभ मानी जाती है। अन्यथा इस तृतीया तिथि को सभी शुभ कार्यों में लिया जा सकता है। आज तृतीया तिथि को माता गौरी की पूजा करके व्यक्ति अपनी मनोवाँछित कामनाओं की पूर्ति कर सकता है। आज तृतीया तिथि में एक स्त्री माता गौरी की पूजा करके अचल सुहाग की कामना करे तो उसका पति सभी संकटों से मुक्त हो जाता है। आज तृतीया तिथि को भगवान कुबेर जी की विशिष्ट पूजा करनी चाहिये। देवताओं के कोषाध्यक्ष की पूजा आज तृतीया तिथि को करके मनुष्य अतुलनीय धन प्राप्त कर सकता है।
तृतीया तिथि में जन्म लेने वाला व्यक्ति मानसिक रूप से अस्थिर होता है अर्थात उनकी बुद्धि भ्रमित होती है। इस तिथि का जातक आलसी और मेहनत से जी चुराने वाला होता है। ये दूसरे व्यक्ति से जल्दी घुलते मिलते नहीं हैं बल्कि लोगों के प्रति इनके मन में द्वेष की भावना भी रहती है। इनके जीवन में धन की कमी रहती है, इन्हें धन कमाने के लिए काफी मेहनत और परिश्रम करना पड़ता है।

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