दुर्गा उत्सव को लेकर प्रशासन सतर्क, स्लीमनाबाद थाने में हुई शांति समिति की बैठक

प्रतिमा स्थापना, पंडालों की सुरक्षा, डीजे की ध्वनि सीमा और विसर्जन व्यवस्था को लेकर दिए निर्देश, जनप्रतिनिधियों व समिति सदस्यों से सहयोग की अपील
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । आगामी दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार, 9 अक्टूबर को थाना स्लीमनाबाद परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों ने दुर्गा उत्सव समितियों को सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, विद्युत व्यवस्था और प्रतिमा विसर्जन से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि उत्सव के दौरान शासन के नियमों का पालन करना और क्षेत्र में शांति एवं सद्भाव बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बैठक में एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी, तहसीलदार स्लीमनाबाद आकाशदीप नामदेव, थाना प्रभारी विजय कुमार विश्वकर्मा एवं विद्युत विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों, दुर्गा उत्सव समितियों के पदाधिकारियों तथा क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने भाग लेकर आयोजन से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा की।
अनुमति लेकर ही करें सार्वजनिक आयोजन
प्रशासनिक अधिकारियों ने निर्देश दिए कि सार्वजनिक दुर्गा पंडाल एवं अन्य कार्यक्रम आयोजित करने से पहले नियमानुसार अनुमति प्राप्त की जाए और अनुमति की शर्तों का पालन किया जाए। प्रत्येक समिति को अपने जिम्मेदार पदाधिकारियों के नाम और मोबाइल नंबर की सूची थाना स्लीमनाबाद में उपलब्ध कराने के लिए कहा गया। प्रतिमा स्थापना स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने, रात के समय विशेष सतर्कता बरतने तथा ड्यूटी करने वाले सदस्यों का रिकॉर्ड रखने के निर्देश भी दिए गए।
बिजली और अग्नि सुरक्षा पर विशेष ध्यान
अधिकारियों ने दुर्गा पंडालों में सुरक्षित विद्युत कनेक्शन, व्यवस्थित वायरिंग और पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया। अवैध या असुरक्षित बिजली कनेक्शन से बचने, आग से सुरक्षा के आवश्यक इंतजाम करने तथा जरूरत के अनुसार अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। पंडालों में ज्वलनशील सामग्री का असुरक्षित उपयोग नहीं करने और सीसीटीवी कैमरे लगाकर उन्हें चालू हालत में रखने की बात भी कही गई।
डीजे और जुलूस के लिए नियमों का पालन जरूरी
बैठक में डीजे एवं ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए। समितियों से निर्धारित समय और ध्वनि सीमा का पालन करने तथा आवश्यक अनुमति लेने के बाद ही इनका उपयोग करने को कहा गया। दुर्गा प्रतिमा की शोभायात्रा और विसर्जन के लिए प्रशासन एवं पुलिस द्वारा निर्धारित मार्ग और समय का पालन करना अनिवार्य बताया गया।
अधिकारियों ने कहा कि पंडालों और जुलूसों के कारण मुख्य मार्गों एवं चौराहों पर यातायात बाधित नहीं होना चाहिए। एंबुलेंस, अग्निशमन वाहन और अन्य आपातकालीन सेवाओं के लिए रास्ता खुला रखा जाए। भंडारा, जागरण सहित अन्य कार्यक्रमों के लिए भी नियमानुसार अनुमति लेकर निर्धारित शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
विसर्जन के दौरान बरतें विशेष सावधानी
प्रतिमा विसर्जन के दौरान नदी, तालाब और अन्य जलाशयों के किनारे सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने तथा लोगों को खतरनाक स्थानों पर जाने से रोकने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने वाहन चालकों से तेज गति और लापरवाही से बचने तथा नशे की स्थिति में वाहन नहीं चलाने की अपील की। भीड़भाड़ वाले स्थानों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया।
अफवाह फैलाने वालों पर रखें नजर
अधिकारियों ने कहा कि उत्सव के दौरान किसी भी विवाद, झगड़े या संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दी जाए। कोई भी व्यक्ति कानून अपने हाथ में न ले। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें, अफवाहें या धार्मिक एवं सामुदायिक सद्भाव बिगाड़ने वाली सामग्री प्रसारित करने से बचने की अपील की गई। समितियों के पदाधिकारियों से आयोजन के दौरान जिम्मेदार सदस्यों को उपलब्ध रखने तथा पुलिस एवं प्रशासन के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने को कहा गया।
बैठक के अंत में अधिकारियों ने सभी दुर्गा उत्सव समितियों और नागरिकों से आपसी भाईचारे एवं सौहार्द के साथ पर्व मनाने की अपील की। उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समिति सदस्यों ने प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए दुर्गा उत्सव को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में सहयोग देने की बात कही।



