वायु प्रदूषण की भविष्यवाणी करेगा दमोह जिले के बांसा तारखेडा के युवा का एआई मॉडल

एक छोटे से गांव के युवा ने दमोह जिले का किया नाम रोशन
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह। दमोह जिले के एक छोटे से गांव बांसा तारखेडा के युवा विद्युत सिंघई जो अभी अपनी कंपनी इंदौर में चला रहे हैं उन्होंने एक वायु प्रदूषण की भविष्यवाणी करने वाला अनूठा एआई मॉडल तैयार किया है, जो आने वाले 30 दिनों तक का प्रदूषण स्तर बेहद सटीकता के साथ बता सकेगा। शहरो में बढ़ते हुए वाहनों की संख्या और प्रदूषकों के कारण प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है। खासकर पीएम 2.5 जैसे सूक्ष्म प्रदूषक गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बनते हैं, जिनमें श्वसन रोग, दमा, हृदय रोग, त्वचा संबंधी परेशानियां और अन्य कई बीमारियां शामिल हैं। ऐसे में यदि पहले से जानकारी मिल जाए कि प्रदूषण का स्तर कब और कितना बढ़ सकता है, तो लोग समय रहते सतर्क रह सकते हैंकृजैसे मास्क का उपयोग करना, खुले में गतिविधियों को नियंत्रित करना और प्रदूषण कम करने के प्रयास करना। इन्हीं चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, विद्युत सिंघई ने एएल एमएल और डीएल तकनीकों का उपयोग कर 4 एमएल और 2 डीएल मॉडल विकसित किए हैं। इन मॉडलों को पिछले 5 वर्षों के पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के डेटा पर आधारित रिसर्च से तैयार किया गया है। खास बात यह है कि ये मॉडल दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के लिए परीक्षण किए गए हैं और लगभग 90 से 98 प्रतिशत तक सटीक सटीक भविष्यवाणी करने में सक्षम पाए गए हैं। विद्युत का यह प्रयास केवल दिल्ली तक सीमित नहीं है। उनका लक्ष्य है कि जल्द ही इंदौर, दमोह और अन्य शहरों के लिए भी यही मॉडल तैयार कर लोगों को एरिया और समय अनुसार वायु प्रदूषण की जानकारी उपलब्ध कराई जा सके। विद्युत सिंघई एमसीए डिग्री धारक और आईटी शिक्षक हैं। वे इंदौर में एक सॉफ्टवेयर कंपनी और इंस्टीट्यूट भी चलाते हैं। इसके साथ ही, वे पीएचडी रिसर्च कर रहे हैं और टेक्नोलॉजी विषय पर किताबें लिख चुके हैं। उनके कई शोध पत्र अंतरराष्ट्रीय जर्नल्स में प्रकाशित हो चुके हैं।गांव के इस युवा इनोवेटर का यह प्रयास दमोह और देश के लिए एक बड़ी सौग़ात साबित हो सकता है, क्योंकि यह न केवल जागरूकता बढ़ाएगा बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वस्थ और स्वच्छ वातावरण बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी होगा।



