7वीं के नन्हे वैज्ञानिकों का बड़ा कमाल: गैरतगंज में बनाई काम करती ‘डिजिटल ईव्हीएम सौ प्रतिशत सटीक नतीजे

रिपोर्टर : रीना विनोद मालवीय
गैरतगंज। कहते हैं प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, और इस बात को गैरतगंज के नन्हे वैज्ञानिकों ने पूरी तरह सच साबित कर दिखाया है। नगर की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था एच.पी. पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल के कक्षा 7वीं के विद्यार्थियों ने एक ऐसा नवाचार किया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। बच्चों ने अपनी हाईटेक लैब में एक ऐसी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन तैयार की है, जो बिल्कुल असली ईव्हीएम की तरह काम करती है और सौ प्रतिशत सटीक परिणाम देती है।
माइक्रो-कंट्रोलर तकनीक से हुआ कमाल
इस वोटिंग मशीन को बनाने में आधुनिक रोबोटिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स का इस्तेमाल किया गया है। विद्यार्थियों ने माइक्रो-कंट्रोलर, बजर, एलईडी लाइट, एलईडी स्क्रीन, बटन और जम्पर वायर की मदद से इसे असेंबल किया। जब इसमें वोट डाला जाता है, तो असली ईव्हीएम की तरह बजर बजता है और स्क्रीन पर तुरंत वोट की गिनती दर्ज हो जाती है। स्कूल की आधुनिक लैब में जब इसका सफल परीक्षण किया गया, तो इसके नतीजे एकदम सौ प्रतिशत सही पाए गए।
इंजीनियर मेंटर्स और शिक्षकों की मेहनत लाई रंग
इस शानदार प्रोजेक्ट को विद्यालय के प्रशिक्षक इंजीनियर संदीप अहिरवार एवं इंजीनियर शैलजा श्रीवास्तव की देखरेख में चरणबद्ध तरीके से पूरा किया गया। इस पूरे सफर में बच्चों का तकनीकी मार्गदर्शन करने के साथ-साथ शिक्षक प्रदीप ठाकुर, शिवानी गौर, नैंसी जैन एवं चांदनी साहू ने भी अपना विशेष योगदान दिया।
नवाचार की ओर बढ़ते कदम
कक्षा 7वीं जैसी नन्ही उम्र में इस तरह के जटिल प्रोजेक्ट को सफलतापूर्वक अंजाम देने पर पूरे स्कूल परिवार और नगरवासियों में भारी उत्साह है। यह सफलता यह संदेश देती है कि यदि बच्चों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक तकनीक से जोड़ा जाए, तो वे भविष्य में नए कीर्तिमान रचने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
”हमारे स्कूल के छोटे-छोटे बच्चों की यह तकनीकी दक्षता और नवाचार की भावना वास्तव में अद्भुत है। उचित मार्गदर्शन मिले तो छोटे शहरों के बच्चे भी बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।”
सुभाष कुमार श्रीवास्तव, संचालक एच.पी. पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल



