37 लाख की गौशाला सफेद हाथी साबित, बिजली पानी के अभाव, दर दर भटक रहीं है गौमाता।
सरकारी पैसे का दुरुपयोग, डेढ़ साल से तैयार, लेकिन शुरू नही हो पाई
रायसेन । रायसेन जिले के साँची के ग्राम गीदगढ़ में 37 लाख 85 हजार रुपए लागत से बनकर तैयार हुई गौशाला सफेद हाथी हो रही है साबित।बिजली पानी के अभाव में नहीं हो पाई शुरू दर दर भटक रहीं है गौमाता।
सरकारी पैसे का दुरुपयोग किस तरह से होता है इसका जीता जागता उदाहरण सांची के गीदगढ़ पंचायत में बनी यह गौशाला देखकर आप अंदाजा लगा सकते हैं 37 लाख 85 हजार रुपए लागत से बनकर तैयार हुई गोशाला बिजली और पानी के अभाव में आज भी वीरान पड़ी हुई है लगभग डेढ़ साल पहले बनकर तैयार हुई यह गौशाला शुरू नहीं हो पाई है गौशाला सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है। और मवेशी आज भी सड़कों पर दम तोड़ रही हैं मगर जिम्मेदारों द्वारा ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
रायसेन जिले के सांची विकासखंड अंतर्गत आने वाले ग्राम गीदगढ़ में क्षेत्रीय विधायक एवं प्रदेश में स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभु राम चौधरी ने 3 साल पहले इस गौशाला का भूमि पूजन किया था गौशाला के सुकृत होने से क्षेत्रीय लोगों को काफी उम्मीदें थी आवारा मवेशियों को अब ठिकाना मिल जाएगा और किसानों की फसलें भी अब काफी हद तक उजड़ने से बच जाएंगी और भोपाल विदिषा हाईवे पर मवेशियों से हो रहे हादसों में भी कमी आ जाएगी मगर क्षेत्र के लोगों की उम्मीदों पर जिम्मेदारों ने पानी फेर दिया है। डेढ़ साल हो गए हैं इस गौशाला को कंप्लीट हुए बिजली और पानी के अभाव में यह गौशाला आज तक चालू नहीं हो पाई है जो सिर्फ शोपीस बनकर रह गई है और मवेशि आज भी सड़कों पर मारी मारी फिर रही है। 37 लाख 85 हजार रुपए लागत से बनकर तैयार हुई गौशाला सफेद हाथी साबित हो रही है इस संबंध में जब सरपंच लीलाकिशन अहिरवार से बात की तो उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने जनपद सीईओ को पत्र लिखा है जल्द ही पानी और बिजली की व्यवस्था कर गौशाला शुरू कर दी जाएगी। अब देखने वाली बात होगी कब तक गौशाला चालू हो पाती है और इन आवारा मवेशियों को कब तक ठिकाना मिल पाता है।



