मध्य प्रदेश

नेगई अतरसूमा मार्ग की बदहाल सड़क और क्षतिग्रस्त पुलिया बनी ग्रामीणों की मुसीबत

तीन किलोमीटर कच्चा मार्ग बरसात में हुआ दल-दल, विधार्थियों को 8 से 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान ।  सिलौंडी क्षेत्र के नेगई से अतरसूमा तक लगभग तीन किलोमीटर लंबा कच्चा मार्ग लंबे समय से जर्जर हालत में पड़ा है।  बरसात के मौसम में सड़क कीचड़ और गहरे गड्ढों में तब्दील हो जाती है, जिससे ग्रामीणों, किसानों और विद्यार्थियों का आवागमन बेहद कठिन हो गया है।  मार्ग पर स्थित पुलिया भी क्षतिग्रस्त होने से लोगों की परेशानियां और बढ़ गई हैं ।  नागरिक संघ के युवाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क और पुलिया निर्माण का कार्य शुरू नहीं किया गया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की बदहाल स्थिति के कारण अतरसूमा सहित आसपास के दर्जनों गांवों के विद्यार्थियों को प्रतिदिन 8 से 10 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय कर महाविद्यालय पहुंचना पड़ रहा है।  वहीं दोपहिया और चारपहिया वाहनों का आवागमन भी जोखिम भरा हो गया है।  मार्ग पर गैस गोदाम स्थित होने के कारण गैस सिलेंडर से भरे वाहनों की आवाजाही में भी भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि खराब सड़क के कारण खेतों तक खाद, बीज और अन्य कृषि सामग्री पहुंचाना भी बड़ी चुनौती बन गया है। वाहन खेतों तक नहीं पहुंच पाने से किसानों को अतिरिक्त आर्थिक और शारीरिक परेशानी उठानी पड़ रही है।
*क्षतिग्रस्त पुलिया से बढ़ा हादसे का खतरा*
अतरसूमा–नेगई मार्ग पर स्थित पुलिया पिछले वर्ष हुई बारिश में क्षतिग्रस्त हो गई थी। पुलिया का ऊपरी हिस्सा बह जाने से इस मार्ग पर आवागमन लगभग बाधित हो गया है। जिन किसानों के खेत इसी मार्ग पर स्थित हैं, उन्हें भी दूसरे रास्तों से होकर खेतों तक पहुंचना पड़ रहा है।  बरसात के दौरान हादसे की आशंका लगातार बनी रहती है।
अतरसूमा के सरपंच सुशील परस्ते ने बताया कि बरसात में स्थिति और गंभीर हो जाती है तथा यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि सड़क और पुलिया निर्माण के लिए विधायक एवं सांसद से लगातार आग्रह किया गया है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य को स्वीकृति नहीं मिल सकी है।

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