राम दरबार में विराजे तहसील के सबसे बड़े 7,5 फीट के गणपति

इमलई में गणेश उत्सव का स्वर्ण जयंती वर्ष, गदा धारण किए गणेश प्रतिमा बनी आकर्षण का केंद्र
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । ढीमरखेड़ा तहसील के ग्राम इमलई स्थित श्री राम दरबार प्रांगण में इस वर्ष गणेश उत्सव का स्वर्ण जयंती वर्ष श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है । श्री राम दरबार परिसर में पिछले 50 वर्षों से लगातार भगवान श्री गणेश की प्रतिमा स्थापित कर गणेशोत्सव मनाने की परंपरा चली आ रही है ।
गणेश उत्सव के 50वें वर्ष को यादगार और भव्य बनाने के लिए इस बार आयोजन समिति एवं भक्तों द्वारा लगभग 7.5 फीट ऊंची भगवान श्री गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है । आयोजकों के अनुसार यह ढीमरखेड़ा तहसील की सबसे बड़ी गणेश प्रतिमाओं में से एक है । भगवान श्री गणेश के हाथों में गदा धारण किए हुए स्वरूप को विशेष रूप से तैयार किया गया है, जो दर्शन के लिए पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है ।
प्रतिमा की भव्यता और आकर्षक सजावट के चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री राम दरबार पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन कर रहे हैं । इमलई के अलावा आसपास के गांवों से भी लोग परिवार सहित गणेश प्रतिमा के दर्शन करने पहुंच रहे हैं ।
*सुबह-शाम हो रही आरती, भंडारे में शामिल हो रहे श्रद्धालु*
गणेश उत्सव के दौरान श्री राम दरबार प्रांगण में प्रतिदिन सुबह और शाम भगवान श्री गणेश की विधि-विधान से आरती की जा रही है । आरती के पश्चात श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में लोग प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।
आयोजन ने गणेश पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और पूरे परिसर में धार्मिक माहौल बना हुआ है । श्रद्धालु भगवान गणेश की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं ।
*50 वर्षों से जारी है स्थापना की परंपरा*
आयोजकों ने बताया कि इमलई के श्री राम दरबार प्रांगण में गणेश प्रतिमा स्थापित करने की परंपरा लगातार 50 वर्षों से चली आ रही है । हर वर्ष ग्रामीणों और श्रद्धालुओं के सहयोग से गणेश उत्सव का आयोजन किया जाता है । इस वर्ष स्वर्ण जयंती वर्ष होने के कारण विशेष उत्साह है और आयोजन को यादगार बनाने के लिए भव्य गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है ।
पांच दशक पुरानी इस परंपरा में पीढ़ियां जुड़ती गईं और अब यह आयोजन गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र के श्रद्धालुओं के लिए भी आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है । स्वर्ण जयंती वर्ष में स्थापित 7.5 फीट ऊंची गदा धारण किए गणपति की भव्य प्रतिमा इन दिनों इमलई सहित पूरे क्षेत्र में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है ।



