पर्व का उल्लास:फरवरी के 12 दिन खरीदारी के लिए शुभ, दो दिन पुष्य और 2 दिन अमृत, 8 दिन सर्वार्थ सिद्धि योग, गुप्त नवरात्र, वसंत पंचमी, नर्मदा जयंती, माघी पूर्णिमा भी इसी महीने में।

रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन। फरवरी महीने के कुल 28 दिन में 14 दिन कोई न कोई तीज-त्योहार रहेंगे। हर एक-दो दिन छोड़कर पूजन के लिए शुभ तिथि अथवा धार्मिक पर्व रहेगा। इनमें गुप्त नवरात्रि पर्व, वसंत पंचमी, नर्मदा जयंती, महानंदा नवमी, स्नान-दान माघी पूर्णिमा, विजया एकादशी शामिल हैं, जिनमें श्रद्धालु व्रत रख विशेष पूजा-आराधना और दान-पुण्य करेंगे। धर्मशास्त्री पण्डित ओमप्रकाश शुक्ला, राम मोहन चतुर्वेदी सहित अन्य पंडितों के अनुसार इस दौरान खरीदारी के लिए 12 दिन शुभ योग में दो दिन पुष्य नक्षत्र, दो दिन अमृत सिद्धि और 8 दिन सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा। फरवरी में 16 तारीख तक माघ रहेगा, इसके बाद फागुन शुरू हो जाएगा। इसी दिन से मंदिरों-घरों में भगवान के वस्त्र और भोग में भी बदलाव की शुरुआत हो जाएगी।
फागुन महीने में भगवान को लगेगा मेवा-मिष्ठान का भोग…..,
फरवरी माह के तीज त्योहार- 1 फरवरी माघी अमावस्या, 2 को गुप्त नवरात्र प्रारंभ, 4 को तिलकुंद विनायकी चतुर्थी, 5 को बसंत पंचमी, सरस्वती जयंती, 7 को शीतलाष्टमी, 8 को नर्मदा जयंती, रथ सप्तमी, अचला सप्तमी, 10 को महानंदा नवमी, 12 को जया, भीष्म एकादशी, 13 को तिल द्वादशी, 14 को प्रदोष व्रत, 20 को गणेश चतुर्थी, 24 को सीताष्टमी, 26 को विजया एकादशी और 28 को प्रदोष व्रत रहेगा।
17 फरवरी से शुरू होगा फागुन माह…
फरवरी में माघ भी और फागुन भी- खास बात यह है कि फरवरी में हिंदी महीने के अनुसार 16 फरवरी तक माघ रहेगा। इस तिथि तक आने वाले तीज-त्योहार माघ माह की परंपरानुसार होंगे। जबकि 17 फरवरी से फागुन महीना शुरू होगा। इसके बाद के त्योहारों में तिल के बजाय मेवा, मिष्ठान आदि का भोग लगेगा और भगवान के वस्त्रों में भी बदलाव किया जाएगा।
नर्मदा पंचकाेशी यात्रा- यह यात्रा 6 से 26 फरवरी तक बांद्राभान होशंगाबाद, शिवपुर, सिवनी-मालवा, खरगोन, नेमावर, हरदा आदि क्षेत्रों में निकाली जाएगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल रहेंगे।
ये जयंतियां भीं- 5 को कवि सूर्यकांत त्रिपाठी निराला जयंती, 8 को संत महादेव जयंती, 14 को प्रभु नित्यानंद जयंती, 19 को छत्रपति शिवाजी जयंती।
ये हैं शुभ संयोग…..
पुष्य नक्षत्र- 14 फरवरी को सुबह 11:56 से 15 को दोपहर 1:56 तक।
अमृत सिद्धि योग- 20 को सूर्योदय से शाम 5:06 बजे तक, 23 को 1:59 दिन से दोपहर 3:58 तक।
सर्वार्थ सिद्धि- 6 को शाम 7:28 से अगले दिन सूर्योदय तक, 14 को दोपहर 1:56 से रात 11:45 तक, 15 को दोप. 1:50 से रात 11:35 तक, 20 को सूर्योदय से शाम 5:16 तक, 23 को 1:59 दिन से दोपहर 3:55 तक, 24 को सूर्योदय से दोपहर 12:27 तक, 27 को सुबह 7:31 से शाम 6:10 तक, 28 को सूर्योदय से रात 12:30 तक।



