ग्राम परासई में पुलिया निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
जबेरा । दमोह जिले की जनपद पंचायत जबेरा अंतर्गत ग्राम पंचायत परासई में चल रहे पुलिया निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में लंबे समय से सरपंच और सचिव की मिलीभगत से सरकारी विकास राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंख मूंदे बैठे हैं।
*पुलिया निर्माण में भारी अनियमितता*
ग्राम में वर्तमान में दो स्थानों पर पुलिया निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार:
निर्माण कार्य में सरिया (आयरन रॉड) का उपयोग नहीं किया गया
घटिया और मानकविहीन सामग्री का प्रयोग हो रहा है
पुलिया की मजबूती संदिग्ध है, जो बारिश या हल्के दबाव में भी टूट सकती है।
ग्रामीणों का कहना है कि यह निर्माण कार्य जनता की सुरक्षा से सीधा खिलवाड़ है।जहां जरूरत, वहां नहीं जहां नहीं, वहां पुलिया
*ग्रामीणों ने लगाएं गंभीर आरोप*
जिन स्थानों पर वास्तव में पुलिया की जरूरत है, वहां निर्माण नहीं किया गया । जबकि जिन जगहों पर किसी प्रकार की आवश्यकता नहीं है, वहां पुलिया बना दी गई
इससे स्पष्ट होता है कि यह कार्य जमीनी जरूरत के बजाय कागजी खानापूर्ति और भ्रष्टाचार के उद्देश्य से कराया गया है।
*अधिकारियों की चुप्पी पर उठे सवाल*
जब इस मामले को लेकर जनपद पंचायत जबेरा के सीईओ, एसडीओ और संबंधित इंजीनियर से संपर्क किया गया, तो किसी ने भी संतोषजनक या स्पष्ट जवाब नहीं दिया।एसडीओ ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि “मैं इस विषय में कोई जानकारी नहीं दे सकता”
अधिकारियों की इस बेरुखी और टालमटोल से ग्रामीणों में गहरा रोष व्याप्त है।
ग्रामीणों का गंभीर आरोप
*ग्रामीणों का कहना है कि “अगर ईमानदारी से जांच कराई जाए तो करोड़ों रुपये की गड़बड़ी सामने आ सकती है, लेकिन अधिकारी भी इस पूरे खेल में शामिल नजर आ रहे हैं।”
*कार्रवाई की मांग*
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि तत्काल स्थल निरीक्षण कराया जाए
*निर्माण कार्य की तकनीकी गुणवत्ता जांच हो*
दोषी सरपंच, सचिव और जिम्मेदार अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी पैसा जनता के विकास के लिए आता है, लेकिन ग्राम पंचायत परासई में खुलेआम बंदरबांट हो रही है और शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।



