कृषि

बर्बाद फसलों का नहीं मिला मुआवजा, किसानों में आक्रोश कलेक्टर को देंगे ज्ञापन

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । लगातार 45 दिन तक हुई कभी मूसलाधार तो कभी मध्यम वर्षा ने तहसील के 50 से अधिक गांवों के सैकड़ों किसानों की सोयाबीन, मक्का, उड़द की फसल जलभराव से जड़ सड़न, तना सड़न रोग लगने से बर्बाद हो गई थी। जिसके मुआवजे की मांग को लेकर पहले किसान संगठन फिर क्षेत्रीय विधायक द्वारा बड़ी-बड़ी किसान रैलियां निकालकर धरना प्रदर्शन आंदोलन कर ज्ञापन देकर बर्बाद फसलों के सर्वे कराकर मुआवजा दिए जाने की पुरजोर मांग उठाई थी लेकिन नतीजा शून्य रहने से किसानों द्वारा संगठन के माध्यम से फिर से आंदोलन की रूपरेखा बनाई है।
इसी तारतंभ्य में किसान संगठन जिला मुख्यालय पर पहुंचकर एक ज्ञापन कलेक्टर को देकर फिर से अपनी मांगों को दोहराते हुए बर्बाद किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग उठाएंगे।
किसान संगठन के प्रमुख शौरभ शर्मा, बालगिरी गोस्वामी, राहुल चबोर, अजहर पटेल, प्रदीप करोलिया, रामबाबू पटेल, किशोर तिवारी, राहुल पटेल, महेश व्यास इत्यादि किसान नेताओं के नेतृत्व में आपदा प्रभावित किसानों द्वारा बुधवार को कलेक्टर को एक ज्ञापन देकर अतिवृष्टि से बर्बाद हुई सोयाबीन, मक्का, उड़द, मूंग की फसलों का शीघ्र सर्वे कराकर पीड़ित किसानों को मुआवजा दिए जाने की मांग करेंगे।
बेगमगंज में सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार सर्वाधिक वर्षा हुई है इस बार 13 जून से जो मानसून सक्रीय हुआ तो लगातार डेढ़ माह तक कभी मूसलाधार तो कभी मध्यम वर्षा से 15 हजार हेक्टेयर रकबे में बोई गई सोयाबीन, मक्का 11 हजार हेक्टेयर, उड़द 1200 हेक्टर एवं मूंग 1000 हेक्टेयर रकबे की फसलों में से करीब आधी फसल जलभराव के कारण जड़ सड़न व तना सड़न रोग लगने से तभी बर्बाद हो गई थी और शेष बची 90 दिन वाली सोयाबीन की फसल एवं मक्का व उड़द की फसल भी लगातार बादल छाए रहने से पर्याप्त धूप नहीं मिलने के कारण ग्रोथ नहीं बढ़ने से बर्बादी की कगार पर है।
किसान नेता सौरभ शर्मा का आरोप है कि तहसील भर के 55 गांव के सैकड़ों किसानों द्वारा संगठन के बेनर तले 14 जुलाई को एवं विधायक देवेंद्र पटेल के नेतृत्व में सैकड़ों ट्रैक्टर्स रैली ओर करीब 10 हजार किसानों के साथ प्रदर्शन करते हुए 18 अगस्त को एसडीएम को बर्बाद फसलों का सर्वे कराने एवं उन्हें तत्काल मुआवजा दिए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिए गए थे, लेकिन दो माह होने के बाद भी अभी तक सर्वे शुरू नहीं कराया गया है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सभी जगह किसानों को अतिवृष्टि से बर्बाद हुई फसलों का सर्वे कराकर मुआवजा देने के लिए आश्वस्त कर रहे हैं और बेगमगंज के राजस्व अधिकारी सर्वे नहीं कराकर ऊपर से आदेश आने का कहकर टाल रहे हैं बल्कि सूत्रों से ज्ञात हुआ है कि तहसीलदार द्वारा अतिवृष्टि से हुए फसलों के नुकसान पर निरंक रिपोर्ट देकर कलेक्टर को गुमराह किया गया है।
किसानों का यह भी आरोप है कि विधायक देवेंद्र पटेल द्वारा अतिवृष्टि से बर्बाद फसलों का सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिए जाने की जानकारी के संबंध में विधानसभा में प्रश्न लगाया था शायद उसका भी गलत उत्तर दिया गया है। आक्रोशित किसानों द्वारा पुनः एक बड़े आंदोलन की रूपरेखा बनाई गई है।

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