सियरमऊ में शराब दुकान के आसपास छात्राओं की सुरक्षा पर चिंता, हटाने की मांग तेज

छात्रावास के पास शराबियों के जमावड़े, गाली-गलौज और कथित अश्लील हरकतों से परेशान छात्राएं जनविश्वास शिविर में चार आवेदन देकर ग्रामीणों ने उठाई दुकान स्थानांतरित करने की मांग
शिकायतों पर पुलिस प्रशासन सक्रिय, एडिशनल एसपी दीपक नायक ने थाना प्रभारी को दिए पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश; शराब दुकान हटाने पर आबकारी विभाग के निर्णय का इंतजार
सिलवानी। ग्राम सियरमऊ स्थित शासकीय आदिवासी बालिका छात्रावास के आसपास शराब दुकान के कारण छात्राओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। छात्रावास में रहकर पढ़ाई करने वाली आदिवासी बालिकाओं को शराब दुकान पर आने वाले लोगों के जमावड़े, गाली-गलौज और कथित अभद्र व्यवहार के कारण असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ने की शिकायत सामने आई है। छात्रावास के आसपास असुरक्षित माहौल की आशंका जताते हुए ग्रामीणों और छात्रावास हितरक्षकों ने शराब दुकान को तत्काल दूसरी जगह स्थानांतरित करने की मांग की है। उनका कहना है कि दूर-दराज के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों से आकर पढ़ाई करने वाली छात्राओं को भयमुक्त वातावरण मिलना चाहिए, ताकि उनकी शिक्षा और सुरक्षा प्रभावित न हो।
*छात्राओं पर अश्लील टिप्पणियां करने और अभद्र व्यवहार के आरोप*
शिकायतकर्ताओं ने कलेक्टर रायसेन को दिए आवेदन में बताया कि छात्रावास के निकट संचालित देशी विदेशी शराब दुकान पर आने वाले कुछ लोग छात्रावास की बाउंड्रीवॉल और मुख्य मार्ग के आसपास जमा रहते हैं। आरोप है कि छात्राओं के पढ़ाई, भोजन या अन्य आवश्यक कार्यों के लिए बाहर निकलने के दौरान कुछ लोग अश्लील हरकतें करते हैं, गंदे इशारे करते हैं और कथित तौर पर अभद्र टिप्पणियां करते हैं। इसके अलावा शराब के नशे में गाली गलौज विवाद और मारपीट जैसी परिस्थितियां बनने की शिकायत भी की गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह के माहौल से छात्राओं में असुरक्षा और मानसिक तनाव पैदा हो सकता है। छात्रावास में रहने वाली बालिकाओं की सुरक्षा के साथ उनकी पढ़ाई और सम्मान भी जुड़ा हुआ है। ऐसे में छात्रावास के आसपास शांत और सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करना आवश्यक है।
*जनविश्वास शिविर में पहुंचे चार आवेदन, फिर भी दुकान हटाने के फैसले का इंतजार*
9 अक्टूबर 2026 को ग्राम सियरमऊ में आयोजित जिला स्तरीय मुख्यमंत्री जनविश्वास शिविर में शराब दुकान हटाने अथवा अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग को लेकर आबकारी विभाग से संबंधित चार आवेदन प्रस्तुत किए गए। आवेदकों ने कलेक्टर रायसेन के नाम आवेदन देकर छात्रावास के आसपास की परिस्थितियों पर *ध्यान देने और समस्या का निराकरण कराने की मांग की*।
शिकायतकर्ताओं के अनुसार, छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ा यह मामला पहले भी उठाया जा चुका है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद दुकान के स्थानांतरण को लेकर अब तक स्पष्ट निर्णय सामने नहीं आया है, जिसके कारण उन्हें दोबारा जनविश्वास शिविर में आवेदन देना पड़ा। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर छात्रावास के आसपास की स्थिति का आकलन किया जाए और नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाए।
*पुलिस प्रशासन ने बढ़ाई सतर्कता, पेट्रोलिंग के निर्देश*
छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद पुलिस प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है। एडिशनल एसपी दीपक नायक ने थाना प्रभारी सिलवानी को आवश्यक कार्रवाई करने और छात्रावास के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इससे क्षेत्र में होने वाली गतिविधियों पर निगरानी रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति की आशंका को रोकने में मदद मिल सकती है।
पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश के बाद अब छात्रावास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को लेकर निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। हालांकि पुलिस की पेट्रोलिंग और शराब दुकान के स्थानांतरण का विषय अलग-अलग हैं। दुकान को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के संबंध में आबकारी विभाग का निर्णय अभी सामने आना बाकी है।
*ग्रामीणों की मांग सुरक्षा के स्थायी इंतजाम हों*
ग्रामीणों और छात्रावास हितरक्षकों का कहना है कि पुलिस की नियमित गश्त जरूरी है, लेकिन छात्राओं की सुरक्षा को लेकर स्थायी समाधान भी किया जाना चाहिए। उन्होंने मांग की है कि शराब दुकान को छात्रावास और शैक्षणिक परिसर से दूर स्थानांतरित करने के प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार किया जाए। साथ ही, शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर छात्राओं के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित किया जाए।
अब इस मामले में प्रशासन और आबकारी विभाग के अगले कदम पर सबकी निगाहें टिकी हैं। सवाल यह है कि छात्राओं की सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों के बाद पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ शराब दुकान के स्थानांतरण पर कब तक निर्णय लिया जाता है।
इस संबंध में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना प्रभारी सिलवानी को आवश्यक कार्रवाई और छात्रावास के आसपास पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।



