मध्य प्रदेशविधिक सेवा

लोक अदालत में सहमति से निपटे प्रकरण, न्यायाधीश ने वितरण कराया आहार

ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । न्यायालय परिसर में लोक अदालत का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष न्यायाधीशों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
द्वितीय अपर सत्र एवं जिला न्यायाधीश एवं विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष सचिन द्विवेदी ने अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों से आव्हान किया कि प्रकरणों का आपसी राजीनामा कराएं। सभी अधिवक्ताओं एवं पक्षकारों ने पहल करते हुए आपसी सहमति से राजीनामा कराने की अपील की। ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आर्थिक एवं मानसिक तथा सामाजिक हानी से बचा जा सके।
सीजेएम निशांत मिश्रा एवं व्यावहार न्यायाधीश स्वेता चौहान एवं एजीपी धीरेन्द्र सिंह गौर, ने भी अपने अपने उद्बोधन में आपसी राजीनामे के लिए सभी पक्षकारों एवं अधिवक्ताओं को प्रेरित किया।
लोक अदालत के दौरान न्यायाधीश द्वारा सराहनीय पहल देखने को मिली जहां पर न्यायाधीश सचिन द्विवेदी के द्वारा लोक अदालत में आए हुए लोगों के लिए कड़ी- चावल, खिचड़ी का वितरण स्वयं के द्वारा व्यवस्था की गई। उनका मानना है कि दूर दराज से आए हुए लोगों को प्रकरणों के समझोते में दिन भर लग जाता है और भूखे- प्यासे वह यहां रहते हैं आहार मिलने से उनको कुछ राहत रहेगी।
प्रथम अपर न्यायाधीश ओगले के न्यायालय में 2 प्रकरणों का निराकरण किया। द्वितीय न्यायाधीश सचिन द्विवेदी की खंडपीठ में 27 प्रकरणों में आपसी सहमति से निराकृत हुए। जबकि व्यवहार न्यायाधीश वर्ग 1 निशांत मिश्रा की खंडपीठ में 23 विभिन्न प्रकरणों का निराकरण हुआ है। वहीं व्यावहार न्यायाधीश वर्ग 2 स्वेता चौहान के न्यायालय में 24 प्रकरण आपसी सहमति से निराकृत हुए।
नेशनल लोक अदालत में विधुत के प्रीलिटिगेशन 249 प्रकरणों में 26 लाख 12 हजार रूपए की वसूली की गई एवं नगरपालिका परिषद के जलकर एवं सम्पत्ति कर के 287 प्रकरणों में 15 लाख 54 हजार 134 रूपए की राशि एवं बैंकों के प्रीलिटिगेशन के 15 प्रकरणों में 29 लाख 39 हजार रूपए की वसूली कर निराकरण किया गया एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के न्यायालय से 79 प्रकरणों का निराकरण आपसी सहमति से किया गया।

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