सड़क किनारे उगी झाड़ियों से हादसे का खतरा

गैरतगंज-गाडरवारा स्टेट हाईवे-44 पर सिमटी सड़क की चौड़ाई, मोड़ और चौराहों पर दृश्यता प्रभावित
सिलवानी। गैरतगंज गाडरवारा स्टेट हाईवे-44 के दोनों ओर लंबे समय से उगी घनी और ऊंची झाड़ियों के कारण हादसे का खतरा बढ़ गया है। कई महीनों से झाड़ियों की कटाई-छंटाई नहीं होने के कारण सड़क के दोनों किनारों पर हरियाली के रूप में उगी झाड़ियां अब वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन गई हैं। इससे सड़क की प्रभावी चौड़ाई भी कम हो गई है और तेज रफ्तार वाहनों के बीच आमने-सामने की टक्कर का खतरा बना रहता है।
स्थानीय रहवासियों और वाहन चालकों के अनुसार हाईवे के किनारों पर बेतरतीब ढंग से उगी झाड़ियां सड़क पर वाहन चालकों की दृश्यता को प्रभावित कर रही हैं। विशेषकर मोड़ों और चौराहों पर सामने से आने वाले वाहन कई बार झाड़ियों के पीछे छिप जाते हैं, जिससे अचानक सामने आए वाहन या पशुओं से बचना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में वाहन अनियंत्रित होने की आशंका बनी रहती है।
तेज रफ्तार वाहनों का दबाव
गैरतगंज-गाडरवारा स्टेट हाईवे-44 क्षेत्र के प्रमुख व्यस्त मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन भोपाल, गैरतगंज, बेगमगंज, विदिशा और सागर के बीच संचालित होने वाली बड़ी संख्या में बसें गुजरती हैं। इसके अलावा रेत से भरे डंपर, व्यावसायिक वाहन, 407 वाहन और डीजल टैंकर भी दिन-रात इस मार्ग से आवागमन करते हैं।
सड़क की सीमित चौड़ाई और दोनों ओर उगी झाड़ियों के कारण तेज रफ्तार वाहनों को ओवरटेक करना भी जोखिम भरा हो गया है। सामने से आने वाले वाहन का समय रहते पता नहीं चल पाने से दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
स्थायी समाधान की मांग
नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का कहना है कि स्टेट हाईवे-44 के दोनों ओर उगी झाड़ियों की तत्काल कटाई-छंटाई कराई जाना आवश्यक है। उनका कहना है कि सड़क के किनारों की नियमित सफाई और झाड़ियों की समय-समय पर कटाई होने से वाहन चालकों को स्पष्ट दृश्यता मिलेगी और दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा।



