प्रतिबंधात्मक पीवीसी पाइपों लोहा में विस्फोटक वाले अवैध कैल्सियम कार्बाइड (देशी गन) के उपयोग भंडारण एवं विक्रय पर प्रतिबंध : जिला मजिस्ट्रेट

उल्लंघन करने वालों पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी
आदेश के क्रियान्वयन हेतु दल गठित
ब्यूरो चीफ: भगवत सिंह लोधी
दमोह । दमोह जिले की सीमा में प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा, स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध कैल्सियम काबाईड गन (देशी गन) के उपयोग करने से कानून एवं व्यवस्था तथा स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव की स्थिति को रोकने व आमजन के जान-माल को आसन्न खतरा उत्पन्न होने की स्थिति को रोकने हेतु इस पर अंकुश लगाये जाने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अन्तर्गत जन सामान्य के हित/जानमाल एवं लोक शांति को बनाये रखने हेतु दमोह जिले की राजस्व सीमा में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया हैं। उक्त आदेश का उल्लंघन करने पर दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध अन्य अधिनियमों के साथ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत वैधानिक कार्यवाही की जायगी। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार कोचर के हस्ताक्षर एवं न्यायालयीन मुद्रांकित कर जारी किया गया है।
जारी आदेश में कहा गया दमोह जिले की राजस्व सीमा क्षेत्र में प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा, स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध कैल्सियम काबाईड गन (देशी गन) में उपयोग करने को प्रतिबंधित किया गया हैं।
प्रतिबंधात्मक पटाखे जो उक्तानुसार रहेगें। इनमें पटाखे जिनके निर्माण में Barium salt का उपयोग किया गया हो। पटाखे जिनकी तीव्रता विस्फोट स्थल से 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल से अधिक हो। पटाखे जिनमें निर्माण में Antimony, Lithium, Mercury, arsenic, lead, strontium, chromate का उपयोग किया गया हो।
जारी आदेश में कहा गया प्रतिबंधात्मक गतिविधियां उक्तानुसार रहेगी। इनमें पटाखों का ई-कामर्स कंपनियों अथवा निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाईन विक्रय तथा गैर लायसेंसी व्यक्तियों द्वारा विक्रय प्रतिबंध रहेगा। इस प्रकार रात्रि 07 बजे से पहले तथा रात्रि 10 बजे के बाद पटाखे जलाना प्रतिबंध रहेगा। त्यौहारों के दौरान घोषित शांत क्षेत्रों अर्थात अस्पताल, नर्सिंग होम, स्वास्थ्य केन्द्र, शिक्षण संस्थानों, न्यायालयों, धार्मिक स्थलों इत्यादि से 100 मीटर की दूरी तक पटाखे जलाना एवं आयुध निर्माणियों, पेट्रोल पंप, गैस गोदाम, पटाखा बाजारों इत्यादि अन्य ज्वलनषील स्थानों पर पटाखा चलाना प्रतिबंध रहेगा।
उपरोक्त प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा, स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध कैल्सियम काबाईड गन (देशी गन) का भंडारण तथा विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित किया गया हैं। उपरोक्त आदेश का परिपालन कराने हेतु जिला नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दमोह होंगे उपखण्ड मजिस्ट्रेट समस्त जिला दमोह (अपने क्षेत्रांतर्गत) सहायक नोडल अधिकारी होंगे, जिनके उक्तानुसार दायित्व होंगे। उपखण्ड मजिस्ट्रेट (सहायक नोडल अधिकारी) अपने क्षेत्र अधिकार अंतर्गत दल गठित किया गया हैं। संबंधित क्षेत्र के मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका/नगर परिषद, संबंधित क्षेत्र में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत एवं संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी दल में शामिल होंगे।
उपरोक्त गठित दल आगामी 02 दिवस में प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा, स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध कैल्सियम काबाईड गन (देशी गन) के विक्रय/भंडारण/निर्माण के संबंध में जांच एवं निरीक्षण कराते हुये जांच प्रतिवेदन संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट (सहायक नोडल अधिकारी) को आवश्यक रूप से प्रस्तुत करेंगे।
जारी आदेश में कहा गया उपखण्ड मजिस्ट्रेट (सहायक नोडल अधिकारी) उपरोक्त जांच प्रतिवेदन अपने स्पष्ट अभिमत सहित तत्काल जिला नोडल अधिकारी अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट, दमोह को प्रस्तुत करना सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश सर्व साधारण को सम्बोधित है और चूकि यह आदेश जन सामान्य के जान-माल की सुरक्षा तथा भविष्य में लोकशांति भंग होने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए जारी किया जा रहा है इसकी तामीली प्रत्येक व्यक्ति पर सम्यक रूपेण कराया जाना एवं सुनवाई किया जाना संभव नही हैं। अतः यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत एक पक्षीय पारित किया जाता हैं। सार्वजनिक माध्यमों, इलेक्ट्रोनिक मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से सर्व संबंधितों को अवगत कराया जा रहा है।
यह आदेश तत्काल प्रभावी होगा और यदि इस आदेश को विखडित न किया जाये तो जारी दिनांक से आगामी दो माह तक प्रभावशील रहेगा।
ज्ञात हो कि सोशल मीडिया, समाचार पत्रों व अन्य जनसामान्य द्वारा यह तथ्य ध्यान में लाया गया कि प्रतिबंधात्मक पटाखा, आतिशबाजी, लोहा, स्टील अथवा पीवीसी पाइपों में विस्फोटक पदार्थ भरकर अत्यधिक ध्वनि उत्पन्न करने वाले अवैध कैल्सियम काबाईड गन (जिसे देशी गन भी कहा जाता है) का छोटे बच्चे से लेकर वयस्को में इसका उपयोग बढ़ता जा रहा हैं। उक्त गन में कैल्सियम काबाईड का उपयोग कर धमाका किया जाता हैं, जिसके उपयोग में गन टूटने पर उससे छोटे-छोटे प्लास्टिक के टुकडे़ छर्रों की तरह शरीर में घुसकर गंभीर चोंटे पहुंचाते हैं। प्रदेश में उक्त गन को उपयोग करने के दौरान अप्रिय घटनायें घटित हुई हैं, जिसमें व्यक्तियों को शारीरिक नुकसान जैसे चेहरे, त्वचा, आंखों एवं कानों को नुकसान पहुंचने का अंदेशा बना रहता है। निकट भविष्य में आने वाले पर्वों में इस गन का उपयोग अत्यधिक मात्रा में होने का अंदेशा है। तथा त्यौहारों में बड़ी संख्या में लोग इसका उपयोग करेंगे।



