दर्जनों लोगों की जा चुकी है जान, फिर भी नहीं हुआ सुधार

स्टेट हाईवे-15 पर सिलवानी-सागर मार्ग में खतरनाक मोड़ों से लगातार हो रहे हादसे
सिलवानी। स्टेट हाईवे-15 पर सिलवानी से सागर की ओर जाने वाले मार्ग में दर्जनों खतरनाक मोड़ हैं, जिनमें से कई अंधे मोड़ (ब्लाइंड कर्व) हैं। इन मोड़ों पर अब तक दर्जनों सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों और मवेशियों की जान जा चुकी है। इसके बावजूद संबंधित विभाग द्वारा सुधार कार्य नहीं कराया गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से इस मार्ग पर दुर्घटनाएं हो रही हैं, फिर भी प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। कई मोड़ इतने खतरनाक हैं कि सामने से आने वाला वाहन दिखाई ही नहीं देता, जिससे आमने-सामने की टक्कर की घटनाएं लगातार हो रही हैं।
अंधेरे में और बढ़ जाता है खतरा
इन मोड़ों पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था भी नहीं है। रात के समय यहां दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे हादसे की आशंका कई गुना बढ़ जाती है। न तो पर्याप्त संकेतक लगे हैं और न ही सड़क को चौड़ा किया गया है। हादसों के बाद भी इन मोड़ों को सुधारा नहीं गया है, जिससे लोगों में आक्रोश है।
मवेशियों की भी जा चुकी है जान
इस मार्ग से किसान और ग्रामीण अपने मवेशियों को लेकर आते-जाते हैं। अंधे मोड़ों और तेज रफ्तार वाहनों के कारण अब तक दर्जनों मवेशी भी इन हादसों का शिकार हो चुके हैं।
*प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में*
लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभागों की चुप्पी लोगों के बीच चिंता का विषय बन चुकी है। अब देखना यह है कि प्रशासन कब जागता है और कब इन खतरनाक मोड़ों पर सुधार कार्य शुरू होता है।
स्थानीय लोगों एवं ग्रामीणों और यात्रियों ने मांग की है कि जल्द से जल्द इन खतरनाक मोड़ों को चौड़ा किया जाए या इन्हें सीधा किया जाए। साथ ही, स्ट्रीट लाइट, चेतावनी संकेतक और स्पीड ब्रेकर जैसे सुरक्षा उपाय भी अपनाए जाएं ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।



