मलेरिया एवं डेंगू के सामान्य लक्षण एवं रोकथाम के उपाय के संबंध में एडवाइजरी जारी

ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
दमोह । प्रदेश में मानसून ने दस्तक दे दी है, ऐसे में मच्छरजनित बीमारियों मसलन मलेरिया, डेंगू से बचाव के लिए एहतियात बरतना जरूरी है। इस संबंध में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सरोजनी जेम्स बेक ने मच्छर जनित बीमारियों के रोकथाम के लिए मलेरिया एवं डेंगू के सामान्य लक्षण एवं रोकथाम के उपाय के संबंध में एडवाइजरी जारी की है। जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि कोई भी बुखार मलेरिया अथवा डेंगू हो सकता है, अतएव बुखार आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर जांच व उपचार करायें एवं चिकित्सीय परामर्श अनुसार पूरा ईलाज लें।
मलेरिया एवं डेंगू के सामान्य लक्षण
ठंड लगकर बुखार आना एवं पसीना होकर बुखार उतरना, एक दिन छोड़कर बुखार आना मलेरिया के सामान्य लक्षण है, वहीं डेंगू में ठंड या कॅपकपी लगकर तेज बुखार आना, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, थकान, शरीर पर लाल चकत्ते जैसे लक्षण दिखाई देना डेंगू के सामान्य लक्षण को दर्शाते है।
रोकथाम के उपाय
मच्छरजनित बीमारियों से बचाव के लिए मच्छरों को पनपने से रोकना जरूरी है, जिसके लिये मच्छर के लार्वा को नष्ट करना जरूरी होता है। डेंगू का लार्वा साफ पानी में पैदा होता है एहतियातन कूलर का पानी एवं एक सप्ताह से अधिक समय से एकत्रित किये गये पानी की निकासी सप्ताह में एक बार अवश्य करें, कूलर में लगी जाली को भी सप्ताह दौरान एक बार साफ करें, टायरों या छत पर रखें हुए बर्तनों में पानी का जमाव न होने दें, पानी की टंकी को सप्ताह में एक बार अवश्य खाली करें, पानी एकत्रित किये कंटेनर को ढंक कर रखें अपने घर के आस-पास अथवा हेण्डपंप के पास जल जमाव न होने दें, घर के आस-पास बने गड्डों में रूके हुए पानी में जला हुआ तेल डालकर लार्वा को समाप्त करें, घरों की खिड़कियों में मच्छर प्रूफ जाली का इस्तेमाल करें, पूरे शरीर को ढंकने वाले कपड़े पहने, जहां तक संभव हो सके सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें शाम के समय नीम के पत्तों का धुआं करें।



