मध्य प्रदेश

बसो की हड़ताल से मरीज इलाज कराने परेशान, हालत बिगडी

रिपोर्टर : कुंदनलाल चौरसिया
गौरझामर । अनेको मरीज ऐसे है जिन्हे अपने उपचार व चैकप के लिए सागर नागपुर जाना है लेकिन बसो की कथित हडताल के कारण वह कही नही जा पा रहे है इससे उनकी परेशानिया बढती जा रही हैं इस संबंध में लोगो का कहना है की बस एक अतिआवश्यक सेवा है इसे किसी भी सूरत मे रूकना अथवा बन्द नही होना चाहिए और प्रशासन को भी इस दिशा तत्काल सोचने व निर्णय लेने की जरूरत है फिर चाहे निर्णय तुरंत लिया जाये या बाद मे होना वही है बता दे की हडताल तो सहज है लेकिन इससे जो पीडा व नुकसान लोगो को झेलना व भोगना पड रहा है, उसकी भरपाई कौन करेगा ? जब बसे लोगो की सेवा व सुविधाओ के लिये ही चलाई गई है तब इतनी लम्बी हडताल मे इन्हे इतने दिनों तक रोकने का क्या औचित्य इससे तो प्रजातंत्र का तो कोई मतलब ही नहीं निकला, निजीकरण मे आये दिन होने वाली हडतालो से तो जनता परेशान होती रहेगी इसके लिये जनहित मेअच्छे विकल्प तलाशने होगे जिससे लोगो को अनवरत व निर्बाध सेवा मिलती रहे बतादे की बस हडताल से यात्री, बीमार लोग, महिलाये, बच्चे आदि ही परेशान नही हो रहे उन छात्र-छात्राओं का भविष्य भी चौपट हो रहा है जो प्रति दिन इन यात्री बसो से कालेज पढने सागर व देवरी जाते है इसमे नौकरशाह भी शामिल है जो रोज अपडाउन करते है कुल मिला कर इस पूरे सिस्टम मे सरकार की नीति व संचालन की भूमिका से स्पष्ट हो जाता है की वह कितने तैराक है खैर समस्या जो भी हो जनहित सर्वोपरि होना चाहिए यदि हडताल ज्यादा दिनो तक चली तो जन आक्रोश की स्थिति से इन्कार नही किया जा सकता, इसके लिये शासन प्रशासन को किन्चित मात्र देर अहितकर है।

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