सामूहिक विवाह समारोह में हुए फर्जीवाड़े से लेकर मौन क्यों हैं अधिकारी

कार्यवाही के लिए जिला कलेक्टर को चाहिए लिखित शिकायत
ब्यूरो चीफ : भगवत सिंह लोधी
पथरिया। विगत 7 जुलाई को पथरिया में हुए सामूहिक विवाह समारोह में सरकार की कन्यादान योजना का लाभ लेने के लिए कई शादीशुदा लोगों ने खुद को अविवाहित बताकर शादी के लिए पंजीयन करा डाले, और उनका विवाह भी आयोजन समिति ने सम्पन्न करा दिया, इस संबंध में हमारे द्वारा प्रमुखता से खबर भी प्रकाशित की गई, लेकिन जनपद से लेकर जिला तक के अधिकारी उक्त पूरे मामले में कार्यवाही करने से क्यों कतरा रहे हैं यह समझ से परे है। और बडा सवाल भी क्योंकि हमारे द्वारा तथ्यों सहित खबर का प्रकाशन किया गया था और खबर में प्रमाण भी प्रस्तुत किए गए लेकिन अधिकारियों को इंतजार है प्रमाणों सहित लिखित शिकायत का। बता दे कि इस सामूहिक विवाह समारोह में एक पंचायत सचिव ने भी अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अपनी बहन को फर्जी तरीके से सरकारी योजना का लाभ दिलाया। बता दें कि पंचायत सचिव ईलू अहिरवार जो कि जोरतला निवासी है और पथरिया जनपद की ग्राम पंचायत महंतपुर में पदस्थ है, जिनकी बहन पूजा की शादी 20 अप्रैल को दीनदयाल वार्ड गढ़ाकोटा निवासी स्वामी बलराम महराज के साथ हो चुकी थी लेकिन उन्होंने 50 हजार के लालच में पथरिया में 7 जुलाई को कृषि उपज मंडी में हुए सामूहिक विवाह समारोह में दोबारा फिर फेरे दिलवा दिए अब सवाल यह उठता है कि आखिर जांच समिति द्वारा किस प्रकार दस्तावेजों की जांच की गई या फिर यूं कहीं कि वैवाहिक जोड़ों की संख्या बढ़ाने के लिए समिति द्वारा जानबूझकर ऐसे जोड़ों को सम्मिलित किया और अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाया गया लेकिन खबर का प्रकाशन हो जाने के बाद अधिकारियों की संज्ञान में यह मामला आने के बावजूद भी आखिर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है यह समझ से परे है। उक्त मामले में जब हमने जनपद सीओ मनोज कुमार गुप्ता से बात करनी चाहे तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
इस संबंध में सुधीर कुमार कोचर, कलेक्टर दमोह का कहना है कि अगर प्रमाण सहित लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो कार्यवाही की जाएगी।



