जो मयूर पिच्छिका देते हैं या अंगीकार करते हैं उन्हें जीव रक्षा का पुण्य मिलता है : निष्कंप सागर
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । नगर में चल रहे समोशरण के चतुर्थ दिवस कार्यक्रम में पिच्छिका परिवर्तन कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें धर्म लाभ लेने और जैन मुनियों से आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए क्षेत्रीय सांसद रमाकांत भार्गव, मध्यप्रदेश शासन के स्वास्थ्य मंत्री डॉ प्रभुराम चौधरी, क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री ठाकुर रामपाल सिंह राजपूत शामिल हुए जिनको समाज द्वारा स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया।
इस अवसर पर निषकंप सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि जब सामने कोई आ जाता है तो याद आ जाता है इसलिए मैं यह बात कह रहा हूं कि नेता घर-घर वोट मांगने जाते हैं लेकिन एक दिगंबर साधु ही ऐसे हैं जो ना नोट मांगते हैं ना वोट मांगते हैं वह तो लोगों से कहते हैं कि अपना गोत्र हमें दे दो और संयम का उपक्रम तुम ले लो। दिगंबर साधु एक वर्ष अपने पास मयूर पिच्छिका रखते हैं एक साल बिद उसे इसलिए बदल देते हैं कि उसके नीचे का हिस्सा हार्ड हो जाता है जिससे अनेकों छोटे-छोटे जीवो की रक्षा नहीं हो पाती। और पुरानी पिच्छिका उन्हें प्रदान करते हैं जो महापात्र होते हैं और सभी वृतों को अंगीकार करते हैं। जिन लोगों ने विमोचन किया और हम लोगों को नई पिच्छिका दी है और पुरानी पिच्छिका को अंगीकार किया है उन सब को एक साल के अंदर जितने भी छोटे-छोटे जीवो की रक्षा की है उसका पुण्य प्राप्त होगा और जो लोग इस कार्यक्रम को देख रहे हैं उन्हें भी इसका फल प्राप्त होने वाला है।
वही निर्णायक मुनि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि देश में राम मंदिर बन रहा है बनना चाहिए क्योंकि राम सिर्फ तुम्हारे हमारे ही नहीं हैं बल्कि हम सबके हैं। कुंडलपुर में जब बड़े बाबा का मंदिर बन रहा था तब प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, राष्ट्रपति बार-बार अनुमोदना कर रहे थे क्योंकि यही भारतीय संस्कृति मंदिरों की है भगवान की है गुरुओं की है साधुओं की है ज्ञान गंगा की है। उन्होंने कहा कि बेगमगंज वासी सौभाग्य शाली हैं जहां पर ज्ञान की दो-दो गंगा बह रही हैं एक तरफ भागवत चल रही है दूसरी तरफ समोसारण चल रहा है यह दुनिया मैं हर जगह धर्म हैं और भारत मंदिरों से साधू से संतो से भरा पड़ा है। दोनों में से किसी भी जगह जाकर डुबकी लगा लो आनंद आएगा।
इस अवसर पर समता सागर महाराज को नई पिच्छिका देने वाली ब्रह्मचारिणी मड़ी बहन के साथ सभी बहनें शामिल हैं वही पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य दीपेश जैन रिचा जैन रजपुरा वालों को मिला। मुनि श्री महासागर महाराज को नई पिच्छिका देने का सौभाग्य शैलेश जैन मिनी जैन जबलपुर वालों को मिला और पुरानी पिच्छिका लेने का सौभाग्य दीपक जैन कीर्ति जैन सागोनी को प्राप्त हुआ। मुनि निष्कंप सागर महाराज को नई पिच्छिका देने का परम सौभाग्य सन्मत जैन प्रमोद जैन पठा वालों को प्राप्त हुआ वही पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य पंकज प्रियंका खड़ीयि परिवार को मिला।
एलक निश्चय सागर महाराज को नई पिच्छिका देने का सौभाग्य ब्रह्मचारिणी नैंनसी दीदी, अर्चना दीदी, सुधा दीदी व सभी ब्रह्मचारिणी दीदियों को मिला। वही पुरानी पिच्छिका प्राप्त करने का सौभाग्य चक्रेश जैन संगीता जैन हदाईपुर को प्राप्त हुआ।
अखंड जिला जैन परिषद के अध्यक्ष पुष्पेंद्र जैन, समाज अध्यक्ष अक्षय जैन सर्राफ, पार्षद अजय जैन प्रवीण जैन द्वारा अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। कार्यक्रम मैं अतिथियों द्वारा मुनि श्री के समक्ष नारियल भेंट किए गए।




