पर्यावरणमध्य प्रदेश

जिले के डैम, झीलों तालाबों के किनारे सर्दी के मौसम प्रवासी पक्षियों ने डाला डेरा, विदेशी परिंदों की संख्या लगातार बढ़ रही

अनुकूल वातावरण में भरपूर भोजन पानी मिलने से हरसाल आते हैं यहां
रिपोर्टर : शिवलाल यादव
रायसेन।
जिले के तालाबों, डैमों और लबालब पानी से भरी झीलों में सर्दियों के मौसम में हर साल प्रवासी पक्षी यहां आकर डेरा डाल देते हैं।इन विदेशी परिंदों के लिए यहां माकूल वातावरण और पर्याप्त भोजन मिलने की वजह भी अहम कारण बताया जाता है।डीएफओ रायसेन अजय कुमार पांडेय के अनुसार यहां के इको सिस्टम व जैव विविधता इन प्रवासी पक्षियों को भा रही है।इसीलिए यहां अब वे स्थायी रूप से डेरा डाले रहते हैं।यही वजह है कि मिनी पचमढ़ी, हलाली डैम बारना भादनेर तालाब, डैम मोघा डैम सहित रायसेन जिले के प्राचीन मिश्र तालाब माखनी तालाब अमरावद करमोदिया तालाब आदि जलाशयों में इन पक्षियों की चहचहाट रोजाना सुबह शाम सुनाई देती है।जब लोग यहां स्नान करने पूजन करने यहां आते हैं आते हैं तो इन पक्षियों की चहचहाट मन को बहुत भाती है।यहां हम आपको यह बता दें कि पहले गर्मियों के मौसम में ही यहां आते थे। लेकिन अब बारह महीने इनकी चहल कदमी आसानी से देखी जा सकती है। देशी और प्रवासी पक्षियों की संख्या इन जलस्रोतों के किनारे देखी जा सकती है। इन जलस्रोतों के किनारे से लेकर माखनी तालाब मिश्र तालाब बारना डैम कर मोदिया तालाब बनछोड डैम किनारे मिश्र के गिद्ध, सारस क्रेन, तुफटेड डक रिवर टर्न यानि एस्टर्न ओरिटेना परिंदे बहुत ही आकर्षक सुंदर यहां आकर वनस्पति जलवायु जलराशि के अनुकूल वातावरण मिलने से इनके लिए मुफीद होता है।

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