मध्य प्रदेश

विद्युत वितरण कर्मचारियों ने विधायक को ज्ञापन देकर स्थानांतरण कराने की मांग की

ब्यूरो चीफ: शब्बीर अहमद
बेगमगंज । मध्यप्रदेश ऊर्जा विभाग विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने मंगलवार को सिलवानी विधायक देवेन्द्र पटेल को ज्ञापन सौंपकर सरकार से नीति बनाकर उक्त कर्मचारियों का स्थानांतरण की समस्या को सरकार से हल कराने की मांग की।
विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नियमित एवं संविदा कर्मचारियों ने क्षेत्रीय विधायक देवेन्द्र पटेल के निवास पर पहुंच कर ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि हम सभी कर्मचारी अपने गृह जिले बालाघाट, मण्डला, डिण्डोरी, सिवनी, रीवा, सीहोर, नरसिंगपुर, दमोह सहित अन्य जिलों से करीब दो सौ से 8 सौ किमी दूर रहकर विद्युत वितरण कंपनी में कार्य कर रहें हैं। जिनको पदस्थ होने के करीब दस से बीस वर्षों से पदस्थ हैं प्रदेश भर में करीब पंद्रह सौ कर्मचारी पदस्थ हैं। जिनका स्थानांतरण आज तक नहीं हुआ है। मजबूरी वश हम सभी अपने परिवार से दूर रहने को विवश है। इतनी दूरी होने के कारण अपने वृद्ध माता- पिता का इलाज व उपचार भी नहीं करा पाते हैं। ना हीं परिवार में किसी शादी समारोह या अन्य कार्यक्रमों में भाग ले पाते हैं जिसके कारण सभी कर्मचारियों की मानसिक स्थिति कमजोर हो रही है और शारिरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। इस समस्या से परेशान होकर कुछ कर्मचारी काल के गाल में समा गए हैं और कुछ कर्मचारियों के साथ दुर्घटना हो चुकी है। इस संबंध में जनवरी माह में ऊर्जा विभाग मुख्य सचिव मप्र शासन द्वारा पत्र जारी कर ऊर्जा विभाग के विद्युत वितरण कंपनियों के समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी नियमित एवं संविदा कर्मचारियों को उनके आवेदन पर गृह जिले में वन टाइम चैनल बनाते हुए स्थानांतरण की नवीन पालिसी बनाकर स्थानांतरण किए जाने की बात कही थी। पूर्व में मप्र के विद्युत वितरण कंपनी में कार्यरत समस्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों ने सरकार से पत्राचार द्वारा मांग की थी। अब प्रदेश के सभी विधानसभा में विधायकों एवं मंत्रियों को ज्ञापन देकर विभाग को स्थानांतरण नीति बनाने की माग कर रहे हैं।
विधायक देवेन्द्र पटेल ने उक्त कर्मचारियों की समस्याओं को सुनते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर मप्र विद्युत विभाग में स्थानांतरण नीति बनाकर स्थानांतरण कराने की मांग की है। ताकि उक्त सभी कर्मचारी अपने घर परिवार के लोगों के साथ रह सकें और वृद्ध माता पिता की सेवा कर सकें।
ज्ञापन देने वालों में महेंद्र सिंह गोयल, भगवानलाल कोली, विनायक चतुर्वेदी, मानसिंह मरावी, रविन्द्र दुबे, संतोष यादव, दीनूलाल परते, विनोद कुमार मुढ़िया, आशीष पवार, खेमेन्द्र परते, बिहारी प्रजापति आदि शामिल थे।

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