न्याय की गरिमा के प्रतीक न्यायाधीश राजेश अंसेरिया को भावभीनी विदाई

उदयपुरा के अधिवक्ता कक्ष में भव्य समारोह सम्पन्न
अधिवक्ताओं एवं न्यायालय परिवार ने किया सम्मान—न्यायाधीश ने कहा: “निष्ठा और ईमानदारी ही न्याय की आत्मा
उदयपुरा। सिविल न्यायालय उदयपुरा के माननीय न्यायाधीश राजेश अंसेरिया के स्थानांतरण/विदाई के अवसर पर 10 अप्रैल 2026 शुक्रवार को अधिवक्ता कक्ष, उदयपुरा में एक अत्यंत गरिमामय एवं भावपूर्ण विदाई समारोह एवं स्नेह भोज का सफलतापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एम.पी. बार के पूर्व अध्यक्ष रामेश्वर नीखरा ने की। समारोह में अधिवक्ता संघ उदयपुरा के समस्त सदस्य, वरिष्ठ एवं नवयुवक अधिवक्तागण तथा न्यायालय परिवार के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे वातावरण में सम्मान, आत्मीयता एवं भावनात्मक जुड़ाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।
इस अवसर पर उदयपुरा अधिवक्ता संघ द्वारा माननीय न्यायाधीश राजेश अंसेरिया को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका सम्मान किया गया।
वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में न्यायाधीश राजेश अंसेरिया के न्यायिक कार्यकाल को अत्यंत सराहनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने सदैव निष्पक्षता, कर्तव्यनिष्ठा एवं संवेदनशीलता के साथ न्याय की प्रतिष्ठा को ऊंचाइयों तक पहुँचाया।
अधिवक्ताओं में राजेश कटारे, भक्तराज रघुवंशी, चतुर नारायण रघुवंशी, रामेश्वर रघुवंशी, रामकुमार नायक एवं मिथलेश मेहरा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए माननीय न्यायाधीश के कार्यकाल की सराहना की एवं उनके सरल, सौम्य एवं मार्गदर्शक व्यक्तित्व को स्मरण किया।
इस अवसर पर अधिवक्ता रामेश्वर रघुवंशी, चतुर नारायण रघु, राजेश कटारे, बोलेंद्र गिरी, पुरुषोत्तम राजपूत, पुरुषोत्तम लोधी, रामकुमार नायक, जगदीश लोधी, मुकेश शर्मा, भक्तराज रघुवंशी, मिथलेश मेहरा, राजेश सिसोदिया, पुरुषोत्तम शर्मा, उमराव सिंह राजपूत, पदम सिंह लोधी, मंजीत रघुवंशी, डीएन शर्मा, देवेंद्र रघुवंशी, चंद्रशेखर रघुवंशी, हुकुम सिंह लोधी, राजीव रघुवंशी, विनोद धाकड़, कविता रजक, रसिकविहारी रघु, जीतेंद्र मेहरा, रंजीत रघुवंशी, नर्मदा प्रसाद साहू, विवेक चक्रधर, विजित चक्रधर, जावेद कुरैशी, उमर कुरैशी, नईम खान, अनिल कहार, गिरजेश श्रीवास्तव, महेश कुमार पालीवाल, सृजन सिंह कौरव सहित अनेक अधिवक्तागण उपस्थित रहे।
अपने भावपूर्ण उद्बोधन में माननीय न्यायाधीश राजेश अंसेरिया ने कहा कि उदयपुरा में बिताया गया उनका कार्यकाल उनके जीवन की अमूल्य स्मृति रहेगा। उन्होंने अधिवक्ता साथियों एवं न्यायालय स्टाफ के सहयोग के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि न्यायिक व्यवस्था की मजबूती सामूहिक प्रयासों से ही संभव है। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि न्याय के प्रति निष्ठा, ईमानदारी एवं अनुशासन को सदैव सर्वोपरि रखें—यही एक सशक्त एवं विश्वसनीय न्याय प्रणाली की आधारशिला है।
कार्यक्रम का प्रभावशाली संचालन अधिवक्ता बोलेंद्र गिरी द्वारा किया गया। अंत में अधिवक्ता पुरुषोत्तम लोधी द्वारा आभार व्यक्त किया गया एवं सभी अतिथियों, अधिवक्ताओं एवं उपस्थितजनों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
समारोह के पश्चात आयोजित स्नेह भोज में सभी ने आत्मीय सहभागिता निभाई, जिससे यह आयोजन न केवल औपचारिक बल्कि स्मरणीय एवं हृदयस्पर्शी बन गया।



