नशा मुक्त भारत अभियान के तहत विधार्थियों व स्टाफ ने ली नशा मुक्ति की शपथ

रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान । भारत सरकार के नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शासकीय महाविद्यालय सिलौंडी में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया । इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, स्टाफ एवं छात्र-छात्राओं ने नशे से दूर रहने और समाज को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली ।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रतिराम अहिरवार ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया । उन्होंने कहा कि “नशा कुछ पल का सुख देता है, लेकिन ज़िंदगी के कई अनमोल साल छीन लेता है । एक बार की लत, सौ बार की हार बन जाती है ।” उन्होंने बताया कि नशा न केवल शरीर को खोखला करता है, बल्कि परिवार और रिश्तों को भी बिखेर देता है ।
उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि नशा मुक्ति का पहला कदम स्वयं से यह संकल्प लेना है कि “मैं नशे से दूर रहूंगा और दूसरों को भी इसके प्रति जागरूक करूंगा ।” उन्होंने कहा कि परिवार का प्यार और मित्रों का सहयोग नशे की लत से बाहर निकलने की सबसे बड़ी ताकत है । हर दिन नशे से दूर रहना एक नई जीत के समान है और मदद मांगना कमजोरी नहीं, बल्कि सबसे बड़ी बहादुरी है ।
कार्यक्रम के अंत में सभी छात्र-छात्राओं एवं महाविद्यालय स्टाफ ने नशा मुक्त भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने तथा स्वयं नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ ली । इस दौरान विद्यार्थियों को स्वस्थ और जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए भी प्रेरित किया गया ।



