मध्य प्रदेश

कचरा गाड़ी में नवजात : मां के बाद पिता का लगा सुराग, मां गई जेल, प्रेमी फरार

ब्यूरो चीफ : मधुर राय
बरेली । बरेली में उन्नतीस अगस्त शुक्रवार को मां की ममता को झकझोर देने वाली घटना के बाद क्षेत्र में सनसनी फैल गई जब नगर परिषद के कचरा वाहन से नवजात बच्ची मिली। घटना के बाद पूरे नगर में तरह तरह के कयास लगाए जा रहे थे। तीन दिन के भीतर पुलिस ने न केवल बच्ची की मां बल्कि पिता तक का भी पता लगा लिया। मामला प्रेम प्रसंग का निकला, जिसमें महिला गर्भवती हुई और प्रेमी ने न तो विवाह किया और न ही नवजात को अपनाने की बात स्वीकार की। दबाव और लोकलज्जा के चलते मां ने अपनी मासूम बच्ची को कचरे में फेंक दिया। फिलहाल बच्ची सुरक्षित है और पुलिस ने महिला को रायसेन जेल भेज दिया है, साथ ही प्रेमी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।
घटना शुक्रवार सुबह नगर परिषद के कचरा वाहन में सामने आई। छीपा मोहल्ला वार्ड क्रमांक तेरह में कचरा लेने के दौरान एक महिला ने कचरा फेंकते समय बच्चे के आवाज सुनकर चालक रवि डागोर को बताया, चालक ने देखा तो बच्ची को जिंदा हालत में थी उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद बच्ची को टीम पहल के सदस्य सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां बीएमओ डॉ हेमंत यादव ने बच्ची के शरीर पर हल्की खरोंच और हाइपोथर्मिया (ठंड लगने से शरीर का तापमान गिरना) होने की पुष्टि की। बच्ची का उपचार शुरू किया गया और उसकी स्थिति अब सामान्य बताई जा रही है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज पाण्डे ने एसडीओपी कुंवर सिंह मुकाती के नेतृत्व में थाना प्रभारी कपिल गुप्ता, उपनिरीक्षक दीपक वर्मा, महिला पुलिसकर्मी नेहा अहिरवार और रानी चौहान सहित स्वास्थ्य विभाग की महिला स्टाफ की टीम ने संदिग्ध महिलाओं की तलाश शुरू की। शनिवार को छीपा मोहल्ला क्षेत्र में एक महिला पर संदेह गहराया। महिला से पूछताछ की गई लेकिन वह बच्ची की मां होने से लगातार इंकार करती रही। इसके बाद पुलिस उसे सिविल अस्पताल लेकर गई, जहां जांच में स्पष्ट हुआ कि उसका हाल ही में प्रसव हुआ है और वह स्तनपान कराने की स्थिति में है। सभी साक्ष्यों के आधार पर महिला ने अंततः अपराध स्वीकार किया कि वही नवजात बच्ची की मां है। इसके बाद बरेली पुलिस ने महिला के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 93 के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया।
रविवार को पुलिस ने मां से पूछताछ की तो उसने बताया कि बच्ची के पिता मोहल्ले में ही रहने वाले हल्के धाकड़ हैं। महिला के पति से संबंध ठीक नहीं थे, वह लंबे समय से अपने मायके बरेली में रह रही थी ओर मेहनत मजदूरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण करती थी। इसी बीच प्रेमी हल्के धाकड़ से उसका संबंध बना और महिला गर्भवती हो गई।
महिला ने जब गर्भवती होने की बात अपने प्रेमी को बताई तो हल्के धाकड़ ने साफ कह दिया कि वह उससे ना तो शादी करेगा और न ही बच्चे को अपनाएगा।
डिलीवरी के बाद महिला ने जब बच्ची होने की सूचना दी तो हल्के धाकड़ ने दबाव डालते हुए कहा कि बच्ची को कचरे में फेंक दो। लोकलज्जा और आर्थिक तंगी के चलते महिला ने बच्ची को कचरे वाहन में डाल दिया।
पुलिस ने महिला के बयान और जांच के आधार पर आरोपी हल्के धाकड़ खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 93 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल नवजात बच्ची को सुरक्षित रखा गया है और महिला को रायसेन जेल भेज दिया है।
इस संबंध में कपिल गुप्ता थाना प्रभारी बरेली ने बताया कि मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा हुआ है। महिला गर्भवती हुई तो प्रेमी ने न तो महिला को स्वीकार किया और न ही नवजात को। आरोपी ने महिला पर दबाव डालकर बच्ची को फेंकने के लिए कहा। इसी के चलते यह घटना घटी। फिलहाल महिला आरोपी को पुलिस ने रायसेन जेल भेज दिया है। और प्रेमी फरार है उसके विरूद्ध प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया गया है। आरोपी की तलाश जारी है।

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