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हनुमान जयंती 2025: तिथि, समय, शुभ मुहूर्त, महत्व और भगवान हनुमान की पूजा करने की पूजा विधि

Astologar Gopi Ram : आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
जय श्री Զเधॆ कृष्णा
🔮 हनुमान जयंती 2025: तिथि, समय, शुभ मुहूर्त, महत्व और भगवान हनुमान की पूजा करने की पूजा विधि
🔘 HEADLINES
📍 हनुमान जन्मोत्सव का दिन अपार भक्ति और श्रद्धा का प्रतीक है।
📍 इस दिन हनुमान जी की पूजा का विधान है।
📍 चैत्र पूर्णिमा के दिन हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है।
🌍 हिंदू धर्म में हनुमान जयंती का विशेष महत्व है। साथ ही यह दिन बजरंगबली को समर्पित होता है। वहीं यह दिन हनुमान जी के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। बजरंगबली को शक्ति, भक्ति और सेवा का प्रतीक माना जाता है। पंचांग के मुताबिक हर साल चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि पर हनुमान जयंती को मनाने की परंपरा है। मान्यता है जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखकर हनुमान जी की उपासना करता है, उनके सभी मनोरथ पूर्ण होते हैं। साथ ही कष्टों से छुटकारा मिलता है। इस साल हनुमान जयंती का पर्व 12 अप्रैल को मनाया जाएगा। आइए जानते हैं आचार्य श्री गोपी राम से तिथि और पूजा का शुभ मुहूर्त…
🧾 हनुमान जयंती 2025: तिथि और समय
हनुमान जयंती 2025 तिथि: 12 अप्रैल 2025, शनिवार

  • पूर्णिमा तिथि प्रारम्भ: 03:21 AM, 12 अप्रैल 2025
  • पूर्णिमा तिथि समाप्त: 05:51 AM, 13 अप्रैल 2025
    ⚛️ हनुमान जयंती 2025: शुभ मुहूर्त
  • ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 04:29 बजे से प्रातः 05:14 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:56 बजे से दोपहर 12:48 बजे तक_*
  • अमृत काल: सुबह 11:23 बजे से दोपहर 01:11 बजे तक
    💫 शुभ योग
    हनुमान जन्मोत्सव पर हस्त नक्षत्र बन रहा है, जो शाम 6 बजकर 7 मिनट तक बना रहेगा। इस दौरान व्याघात योग भी बनेगा, जो रात 8 बजकर 39 मिनट तक है।
    🤷🏻‍♀️ क्यों साल में दो बार आता है हनुमान जन्मोत्सव?
    हनुमान जन्मोत्सव साल में दो बार आता है। उत्तर भारत में चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। कहते हैं कि इस दिन हनुमान जी का अवतरण हुआ था। वहीं, दक्षिण भारत में कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इसके पीछे मान्यता है कि इस दिन भगवान हनुमान को देवी सीता ने अमर होने का वरदान दिया था।
    📖 हनुमान जयंती 2025: पूजा विधि
    ▪️ हनुमान जयंती की पूजा शुरू करने के लिए, सुबह जल्दी उठें और अपने शरीर और मन को शुद्ध करने के लिए स्नान करें। इस अवसर के महत्व को दर्शाने के लिए साफ या नए कपड़े पहनें। बेहतर होगा कि इस दिन लाल या नारंगी रंग के कपड़े पहनें और काले कपड़े पहनने से बचें।
    ▪️ इसके बाद, पूरी ईमानदारी और भक्ति के साथ पूजा करने का संकल्प लें। पूर्व की ओर मुख करके एक वेदी स्थापित करें और उसे एक साफ पीले या लाल कपड़े से ढक दें। वेदी पर भगवान हनुमान की मूर्ति या तस्वीर रखें, जिससे पूजा के लिए एक पवित्र स्थान बन जाए।
    ▪️ पूजा में कई अनुष्ठान शामिल हैं, जिसमें आह्वान, अभिषेक और प्रसाद शामिल हैं। आस-पास के वातावरण को शुद्ध करने के लिए तेल या घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं और भगवान हनुमान का ध्यान करके उनकी उपस्थिति की कामना करें। मूर्ति को धीरे-धीरे पानी से साफ करके, उसके बाद पंचामृत और फिर से पानी से अभिषेक करें। देवता को वस्त्र, चंदन का लेप, फल और फूल चढ़ाएं।
    ▪️ अभिषेक और भोग लगाने के बाद हनुमान जी की आरती करें। भगवान हनुमान का आशीर्वाद पाने के लिए हनुमान चालीसा, हनुमान अष्टक या अन्य हनुमान स्तोत्र का पाठ करें। घी के दीपक से आरती करें और घंटी बजाएं, किसी भी गलती के लिए क्षमा मांगें और सभी प्राणियों की भलाई के लिए प्रार्थना करें। पूजा पूरी होने पर परिवार के सदस्यों और भक्तों में प्रसाद बांटें।
    ▪️ हनुमान जयंती मुख्यतः चैत्र माह की पूर्णिमा को मनाई जाती है, जो उत्तर भारत में प्रचलित है. इस दिन, भक्तगण हनुमान मंदिरों में जाकर पूजा-अर्चना करते हैं, हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और विशेष हवन एवं भंडारों का आयोजन करते हैं. भगवान हनुमान को सिंदूर, चोला, फूल, और बूंदी के लड्डू अर्पित किए जाते हैं, जो उन्हें अत्यंत प्रिय हैं.
    ▪️ यह ध्यान देने योग्य है कि भारत के विभिन्न क्षेत्रों में हनुमान जयंती अलग-अलग तिथियों पर मनाई जाती है. उदाहरण के लिए, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में यह पर्व 41 दिनों तक चलता है, जो चैत्र पूर्णिमा से शुरू होकर वैशाख माह के कृष्ण पक्ष की दशमी तक मनाया जाता है. तमिलनाडु में इसे मार्गशीर्ष अमावस्या को मनाया जाता है, जो दिसंबर या जनवरी में पड़ती है.
    💁🏻‍♀️ हनुमान जयंती का धार्मिक महत्व
    धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, हनुमान जी ऐसे देवता हैं जो आज भी इस पृथ्वी पर विद्यमान हैं. इस कारण, हनुमान जयंती के अवसर पर बजरंगबली की पूजा करने से व्यक्ति को शक्ति और बुद्धि की प्राप्ति होती है, साथ ही सभी इच्छाएं भी पूरी होती हैं.
    🙇🏻 हनुमान जयंती पर हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
    ▫️ हनुमान जयंती के अवसर पर अंजनी पुत्र हनुमान की पूजा को अत्यधिक शुभ माना जाता है. हनुमान जी की कृपा प्राप्त करने के लिए इस प्रकार पूजा करें:
    ▫️ इस दिन हनुमान जी की पूजा के लिए तिथि का चयन विशेष रूप से की जाती है.
    ▫️ व्रत से पूर्व की रात को, भूमि पर सोने से पहले श्रीराम और माता सीता के साथ हनुमान जी का स्मरण करना आवश्यक है.
    ▫️ सुबह जल्दी उठकर पुनः राम जी, माता सीता और हनुमान जी का ध्यान करें.
    ▫️ स्नान और ध्यान के बाद, हाथ में गंगाजल लेकर व्रत का संकल्प लें.
    ▫️ इसके बाद, पूर्व दिशा में हनुमान जी की प्रतिमा स्थापित करें.
    ▫️ दोनों हाथ जोड़कर महाबली हनुमान से प्रार्थना करें.
    ▫️ अब षोडशोपाचार विधि से भगवान हनुमान की उपासना करें.

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