मजदूर न मिलने पर हार्वेस्टरों से कराई जा रही गेहूं की फसल कटाई
खेतों में खड़ी फसलों को घर लाने की जल्दबाजी में किसान, कटाई के लिए नहीं मिल रहे मजदूर
सिलवानी। रबी सीजन में फसल काटने हरियाणा, पंजाब, दिल्ली से आ रहे हार्वेस्टर तहसील में घूमने लगे है। मजदूरों की कमी के चलते क्षेत्रीय किसान हार्वेस्टर से फसल कटाने में ही भलाई समझ रहे हैं। मौके का फायदा उठाते हुए हार्वेस्टर संचालकों ने रेट बढ़ा दी है। पिछले साल हार्वेस्टर से एक एकड़ गेहूं काटने के 1000 से 1200 रुपए लगते थे, इस सीजन में हार्वेस्टर संचालक रेट बढकर 1200 से 1400 रुपए एकड़ मांग रहे है। मौसम का मिजाज देख अब किसान खेतों में फसल काटने की कवायद में व्यस्त हो गए हैं।
मजदूरों की तुलना में महंगी पड़ती है हार्वेस्टर से कटाई
हार्वेस्टर से फसल तैयार करने में कम समय लगता है, लेकिन मजदूरों की तुलना में किसानों को हार्वेस्टर की कटाई महंगी पड़ती है। गेहूं के ऊपर एक छिलका रहता है छिलके में पोषक तत्व रहते हैं जो दूध उत्पादन बढ़ाते हैं। हार्वेस्टर की कटाई के दौरान यह छिलका निकल जाता है।



