एक माह 7 दिन की बच्ची की मौत से स्वास्थ्य विभाग हुआ अलर्ट

सीएमएचओ ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण
ब्यूरो चीफ : शब्बीर अहमद
बेगमगंज । शुक्रवार को सिविल अस्पताल इलाज कराने एक माह 7 दिन की बच्ची का इलाज कराने पहुंचे परिजनों को उस समय आघात लगा जब बच्ची को डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। बच्ची का तीन दिन पूर्व प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया गया था, चौथे दिन तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे लेकिन उपचार से पहले ही बच्चे की मौत हो गई।
प्रदेश में हुए सीरप कांड से लोग वैसे ही सहमे हुए हैं जब इसकी जानकारी सीएमएचओ रायसेन एच एन मांढरे को लगी तो उन्होंने देर शाम एसडीएम सौरभ मिश्रा, तहसीलदार प्रमोद उईके, टीआई राजीव उईके, कस्बा पटवारी मनोज आठ्या आदि के साथ अस्पताल का निरीक्षण किया और सीबीएमओ डॉक्टर नितिन तोमर को साथ लेकर खिरिया नारायण दास निवासी महेश साहू के घर पहुंचे जिनकी बच्ची की मौत हुई थी
महेश साहू और उनके बड़े भाई विष्णु साहू से मालूमात की उनके बताएं अनुसार जो दबाए बच्ची को दी गई थी उन्हें जप्त कर लैब में जांच के लिए भेजा गया है उन दवाओं मैं वह सीरप नहीं था जिसने छिंदवाड़ा में कई बच्चों की जान ले ली है। महेश साहू एवं विष्णु साहू ने बिना किसी दबाव के अधिकारियों के समक्ष अपने बयान दिए पंचनामा तैयार किया गया उन्होंने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया और जिस प्राइवेट डॉक्टर से इलाज कराया था उसके खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं करने की बात कहते कहा कि डाक्टर ने पहले ही सलाह दी थी कि इलाज के लिए कहीं बाहर ले जाइए।
निरीक्षण के बाद सीएमएचओ ने सीबीएमओ डॉक्टर नितिन सिंह तोमर को निर्देश दिए कि ड्रग इंस्पेक्टर के साथ शहर के सभी मेडिकल स्टोर का निरीक्षण कर प्रतिबंधात्मक दवाओं की जांच करें, और क्षेत्र में जितने भी प्राइवेट चिकित्सक हैं उनकी भी जांच करें कि वह रजिस्टर्ड पैथी से इलाज कर रहे हैं या किसी दूसरी पैथी से यदि किसी अन्य पैरी से इलाज करते हुए पाए जाएं तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
आदेश के परिपालन में सीबीएमओ डॉक्टर नितिन सिंह तोमर ने ड्रग इंस्पेक्टर प्रीत स्वरूप, शाहिद कुरेशी आदि टीम के साथ एक प्राइवेट क्लीनिक और कई मेडिकल स्टोर की जांच करने पहुंचे संबंधितों को आवश्यक निर्देश दिए मेडिकल स्टोर्स पर प्रतिबंधात्मक दावों की जांच की।
सीबीएमओ डॉक्टर नितिन सिंह तोमर का कहना है कि शहर के अन्य प्राइवेट चिकित्सक और मेडिकल स्टोर की जांच भी निरंतर की जाएगी।



