उमरियापान क्षेत्र में जगह-जगह अवैध पैकारी चालू ज़िम्मेदार अंजान, कार्यवाही केवल कागज़ों पर

मृगांचल एक्सप्रेस में समाचार प्रकाशित होने पर बजरंग दल सौपेंगा थाना प्रभारी को ज्ञापन
रिपोर्टर : सतीश चौरसिया
उमरियापान | उमरियापान क्षेत्र में अवैध पैकारी (अवैध शराब विक्रय ) एक गंभीर समस्या बनती जा रही है। ग्रामीण परिवेश में यह व्यापार इस कदर फैल गया है कि अब यह केवल अपराध न रहकर एक संगठित रैकेट का रूप ले चुका है। उमरियापान थाना क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 70 से 80 गांवों में पुलिस के संरक्षण में अवैध शराब की पैकारियां चल रही है। ठेकेदार के उमरियापान क्षेत्र का महौल खराब कर रहा है। आम जनता इसकी चपेट में है, युवा पीढ़ी बर्बाद हो रही है, और महिलाओं की सुरक्षा व सम्मान पर संकट मंडरा रहा है। सबसे दुखद पहलू यह है कि उमरियापान पुलिस व आबकारी विभाग के अधिकारियों और इस पर नियंत्रण रखना चाहिए, वे या तो अंजान बने हुए हैं या केवल कागज़ों पर खानापूर्ति कर रहे हैं। अवैध पैकारी का सीधा अर्थ है बिना किसी वैध लाइसेंस या अनुमति के शराब का निर्माण, संग्रहण, और विक्रय करना। यह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि सामाजिक दृष्टिकोण से भी एक गंभीर समस्या है। ग्रामीण क्षेत्रों में यह व्यापार गुपचुप ढंग से चलता है, और इसमें स्थानीय रसूखदारों, शराब माफियाओं और कभी – कभी राजनीतिक सरंक्षण तक की भूमिका सामने आती है।
*उमरियापान क्षेत्र में अवैध पैकारी का फैलाव*
उमरियापान थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली वाले अनेको गांवों में अवैध शराब की बिक्री धड़ल्ले से हो रही है। विशेषकर शाम के समय कुछ विशेष स्थानों पर “ठिकानों” पर यह कारोबार तेजी से सक्रिय हो जाता है। कुछ गांवों में तो यह कारोबार इतना सामान्य हो गया है कि इसे एक पारंपरिक धंधा मान लिया गया है। स्थानीय पुलिस प्रशासन, आबकारी विभाग और राजस्व अधिकारी इस पूरे घटनाक्रम से वाक़िफ़ हैं, परंतु कार्रवाई नाममात्र होती है। गाँव गाँव पुलिस संरक्षण में बिक रही अवैध शराब के विरोध में जल्द ही जनपद अध्यक्ष सुनीता दुबे द्वारा पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा और मृगांचल एक्सप्रेस ने जो अवैध शराब बंदी का समाचार प्रकाशित किया है उसके समर्थन में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा उमरियापान थाना प्रभारी को ज्ञापन सोंप कर जल्द से जल्द अवैध शराब पैकारियां बंद कराने ज्ञापन सौंपा जाएगा।



