Aaj ka Panchang आज का पंचांग गुरुवार, 28 सितम्बर 2023
आचार्य श्री गोपी राम (ज्योतिषाचार्य) जिला हिसार हरियाणा मो. 9812224501
✦••• जय श्री हरि •••✦
🧾 आज का पंचाग 🧾
गुरुवार 28 सितम्बर 2023
28 सितम्बर 2023 दिन गुरुवार को भादपद मास के शुक्ल पक्ष कि चतुर्दशी तिथि है। आज अनन्त चतुर्दशी का पावन व्रत है। आज मध्यान्ह काल में अनन्त भगवान की कथा प्रेम से श्रवण करके फिर अनन्त भगवान को धारण करने का विधान है। आज व्रत के लिए पूर्णिमा भी है। आज दोपहर में अनन्त भगवान का पूजन करने के उपरान्त मीठा भोजन करने का विधान है। आज शिवपरिवर्तनोत्सव का व्रत भी है। आज चतुर्थी को स्थापित श्रीगणेश जी के विदाई का दिन है। आज सभी बड़े स्तर पर स्थापित पंडालों के गणपति पुनः अगले वर्ष आने के लिए इस वर्ष विसर्जित हो जाएंगे। काशी नगरी की भव्य रामलीला उत्सव का आरम्भ हो जाएगा। आज सूर्यदेवता उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र को छोडकर हस्त नक्षत्र में (सुबह 09:39 AM पर) प्रवेश कर जाएंगे। स्त्री. पू, सूर्य-चन्द्र योगौ, मेष वाहन, नीरा नाड़ी, तदिशो शुक्र: अतः सुवृष्टि योगः। आज रवियोग भी है। आप सभी सनातनियों को “श्रीगणेश विसर्जन, व्रत के पूर्णिमा एवं अनन्त चतुर्दशी व्रत” की हार्दिक शुभकामनायेँ।।
मंगल श्री विष्णु मंत्र :-
मङ्गलम् भगवान विष्णुः, मङ्गलम् गरुणध्वजः।
मङ्गलम् पुण्डरी काक्षः, मङ्गलाय तनो हरिः॥
☄️ दिन (वार) – गुरुवार के दिन तेल का मर्दन करने से धनहानि होती है । (मुहूर्तगणपति)
गुरुवार के दिन धोबी को वस्त्र धुलने या प्रेस करने नहीं देना चाहिए।
गुरुवार को ना तो सर धोना चाहिए, ना शरीर में साबुन लगा कर नहाना चाहिए और ना ही कपडे धोने चाहिए ऐसा करने से घर से लक्ष्मी रुष्ट होकर चली जाती है ।
गुरुवार को पीतल के बर्तन में चने की दाल, हल्दी, गुड़ डालकर केले के पेड़ पर चढ़ाकर दीपक अथवा धूप जलाएं ।
इससे बृहस्पति देव प्रसन्न होते है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है ।
यदि गुरुवार को स्त्रियां हल्दी वाला उबटन शरीर में लगाएं तो उनके दांपत्य जीवन में प्यार बढ़ता है।और कुंवारी लड़कियां / लड़के यह करें तो उन्हें योग्य, मनचाहा जीवन साथी मिलता है।
🔮 शुभ हिन्दू नववर्ष 2023 विक्रम संवत : 2080 नल, शक संवत : 1945 शोभन
🌐 संवत्सर नाम अनला
🔯 शक सम्वत : 1945 (शोभकृत् संवत्सर)
☸️ काली सम्वत् 5124
🕉️ संवत्सर (उत्तर) पिंगल
☣️ अयन – दक्षिणायन
☀️ ऋतु – सौर शरद ऋतु
⛈️ मास – भाद्रपद मास
🌖 पक्ष – शुक्ल पक्ष
📆 तिथि – भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष चतुर्दशी तिथि 06:49 PM तक उपरांत पूर्णिमा
✏️ तिथि स्वामी – चतुर्दशी तिथि के देवता हैं शंकर।चतुर्दशी तिथि में भगवान देवदेवेश्वर सदाशिव की पूजा करके मनुष्य समस्त ऐश्वर्यों से समन्वित हो जाता है ।
💫 नक्षत्र : नक्षत्र पूर्वभाद्रपदा 01:48 AM तक उपरांत उत्तरभाद्रपदा
🪐 नक्षत्र स्वामी : पूर्वाभाद्रपदनक्षत्र का स्वामी गुरु ग्रह है। नक्षत्र के देवता हैं, अज एकपाद।
🔕 योग : गण्ड योग 11:54 PM तक, उसके बाद वृद्धि योग
⚡ प्रथम करण : गर – 08:33 ए एम तक
✨ द्वितीय करण : वणिज – 06:49 पी एम तक विष्टि – 05:06 ए एम, सितम्बर 29 तक
🔥 गुलिक कालः- गुरुवार का (शुभ गुलिक) 03:33:00 से 05:08:00 तक
⚜️ दिशाशूल – बृहस्पतिवार को दक्षिण दिशा एवं अग्निकोण का दिकशूल होता है । यात्रा, कार्यों में सफलता के लिए घर से सरसो के दाने या जीरा खाकर जाएँ ।
🤖 राहुकाल – दिन – 1:30 से 3:00 तक राहु काल में कोई भी शुभ कार्य नहीं करना चाहिए |
🌞 सूर्योदयः- प्रातः 06:03:00
🌅 सूर्यास्तः- सायं 06:57:00
👸🏻 ब्रह्म मुहूर्त : 04:36 ए एम से 05:24 ए एम
🌇 प्रातः सन्ध्या : 05:00 ए एम से 06:12 ए एम
🌟 अभिजित मुहूर्त : 11:48 ए एम से 12:36 पी एम
✡️ विजय मुहूर्त : 02:11 पी एम से 02:59 पी एम
🐃 गोधूलि मुहूर्त : 06:11 पी एम से 06:35 पी एम
🏙️ सायाह्न सन्ध्या : 06:11 पी एम से 07:23 पी एम
💧 अमृत काल : 06:42 पी एम से 08:07 पी एम
🗣️ निशिता मुहूर्त : 11:48 पी एम से 12:36 ए एम, सितम्बर 29
❄️ रवि योग : 06:12 ए एम से 01:48 ए एम, सितम्बर 29
🚕 यात्रा शकुन-बेसन से बनी मिठाई खाकर यात्रा पर निकलें।
👉🏽 आज का मंत्र-ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं स: गुरुवै नम:।
🤷🏻♀️ आज का उपाय-किसी मंदिर में सवा किलो गाय का घी दान करें।
🌳 वनस्पति तंत्र उपाय-पीपल के वृक्ष में जल चढ़ाएं।
⚛️ पर्व एवं त्यौहार – व्रत पूर्णिमा/भद्रा/अनंत चतुर्दशी/श्री गणेश विसर्जन, भगवान गणेश के जन्म दिवस, ईद-ए-मिलाद, महान स्वतंत्रता सेनानी एवं क्रान्तिकारी भगत सिंह जयन्ती, ख्यातिप्राप्त भारतीय पार्श्वगायिका लता मंगेशकर जयन्ती, आध्यात्मिक गुरु शिरडी साईं बाबा जन्मोत्सव, कांग्रेस स्थापना दिवस, सार्वभौमिक जागरूकता दिवस, विश्व रेबीज दिवस, राष्ट्रीय पुत्र दिवस, पूर्णिमा प्रारंभ शाम 06.49, पंचक जारी
✍🏼 विशेष – चतुर्दशी तिथि को शहद त्याज्य होता है। चतुर्दशी तिथि को एक क्रूरा तिथि मानी जाती है। इतना ही नहीं चतुर्दशी तिथि को उग्रा तिथि भी माना जाता है। यह चतुर्दशी तिथि रिक्ता नाम से विख्यात मानी जाती है। यह चतुर्दशी तिथि शुक्ल पक्ष में शुभ और कृष्ण पक्ष में अशुभ फलदायिनी मानी जाती है। इस चतुर्दशी तिथि के देवता भगवान शिवजी हैं।
🏘️ Vastu Tips 🏚️
हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में साफ-सफाई को लेकर कई जरूरी नियम बताए गए हैं। हमारे बड़े-बुजुर्ग भी कहते रहते हैं कि झाड़ू लगाने का एक सही समय होता है। सूर्यास्त या शाम के वक्त झाड़ू लगाना काफी अशुभ माना जाता है। कहते हैं कि अगर सूरज डूबने के बाद झाड़ू लगाया जाए तो घर से लक्ष्मी नाराज होकर चली जाती हैं। लेकिन कई बार ऐसा होता है कि बहुत दिनों बाद हम घर लौटते हैं तो झाड़ू लगाना जरूरी हो जाता है। इसके अलावा घर में कोई कार्यक्रम था और फिर झाड़ू मारना आवश्यक हो गया है। तो चलिए आज वास्तु शास्त्र में जानते हैं कि इन स्थितियों में अगर झाड़ू लगाना पड़े तो क्या उपाय अपनाना चाहिए।
वास्तु शास्त्र के अनुसार,सूर्यास्त के बाद आप जब भी झाडू लगाएं तो उस कूड़े या मिट्टी को घर के बाहर न फेंके। उसे कहीं एक जगह पर कूड़ेदान में ही रख दें और सुबह होने पर बाहर फेंके। माना जाता है कि शाम के समय मिट्टी घर के बाहर फेंकने से लक्ष्मी घर से बाहर चली जाती है और अलक्ष्मी घर में प्रवेश कर जाती है घर में अलक्ष्मी का प्रवेश का मतलब है कि आपके घर में अशांति और पैसों की तंगी होना। तो इसलिए रात में झाड़ू लगाते समय इन बातों का जरूर ध्यान रखें।
❇️ जीवनोपयोगी कुंजियां ⚜️
शास्त्र के अनुसार, उत्तर-पूर्व दिशा धन आगमन की दिशा होती है और अगर इस दिशा में भारी सामान रखा हो या इस जगह पर बहुत गंदगी रहती हो, तो आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। घर में धन आगमन की गति धीमी हो जाती है। ऐसे ही उत्तर-पूर्व दिशा में अगर हर समय अंधेरा रहता हो तो परिवार के सदस्यों के बीच मतभेद बढ़ सकता है। इसलिए इस दिशा में हमेशा उजाला होना चाहिए। ऐसे ही दक्षिण दिशा यम की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में दरवाजा या तिजोरी रखना पैसों और आयु की हानि कराने वाला होता है।
🧋 आरोग्य संजीवनी 🍶
झुर्रियों से बचाव आयुर्वेद के जल चिकित्सा ग्रन्थ तथा वैद्य कल्पद्रुम में उल्लेख है कि कम उम्र में चेहरे पर जो झुर्रियां पड़ती हैं, उसकी वजह शरीर में पानी की कमी है।
जल का पर्याप्त मात्रा में उपयोग उम्ररोधी बताया गया है। पानी ऐसे पियें-जैसे खा रहे हों आयुर्वेद की एक सलाह है कि भोजन ऐसे करें, जैसे पी रहे हों अर्थात खाने को बहुत चबा-चबाकर जब तक कि वह पानी की तरह तरल न हो जाये। धीरे-धीरे खाने से कभी मोटापा नहीं बढ़ता।
पानी को सदैव ऐसे पियें जैसे खा रहे हों। पानी को हमेशा धीरे-धीरे बैठकर ही पीना बहुत लाभकारी होता है। खड़े होकर जल ग्रहण करने से घुटनों व जोड़ों में दर्द की शिकायत हो जाती है। यह पीड़ा बुढ़ापे में बहुत दुःख देती है। इसलिए पानी हमेशा बैठकर ही पीना चाहिए।
🌷 गुरु भक्ति योग 🌸
धर्म में पितृ पक्ष का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यह 16 दिनों की वह अवधि है जब पूर्वज अपने बच्चों से मिलने और उनका हालचाल जानने के लिए धरती पर आते हैं। श्राद्ध के दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए उनके वंशज श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण करते हैं। इस अवधि में कोई भी नई वस्तु नहीं खरीदना चाहिए। कहते हैं कि जो भी व्यक्ति इन बातों का ध्यान रखते हैं उनसे पितर प्रसन्न होते हैं और वो अपने वंशजों को आशीर्वाद देते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 16 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष के दौरान कोई भी नई वस्तु खरीदना वर्जित माना गया है। इस दौरान मृत पूर्वजों की आत्माएं मृत्युलोक में भटकती रहती हैं। यही वह समय है जब आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। इन्हें प्रसन्न करने के लिए पिंडदान, दान, भक्ति और तर्पण करना चाहिए। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि पितृ पक्ष के दौरान घर, कार, कपड़े, सोना आदि नई चीजें नहीं खरीदनी चाहिए। पितृ पक्ष के दौरान कोई भी नया काम शुरू करना वर्जित माना जाता है। इस समय कुछ भी नया खरीदने से व्यक्ति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए पितृ पक्ष के दौरान नई चीजें खरीदना या खरीदारी करना शुभ नहीं माना जाता है और इस दौरान ऐसे कार्य न ही करें तो बेहतर है।
💰 क्या पितृ पक्ष में सोना खरीद सकते हैं?
इस दौरान पितरों की आत्मा की शांति के लिए श्राद्ध कर्म, पिंडदान और तर्पण किया जाता है। इन 16 दिनों के दौरान किसी भी प्रकार के शुभ, मांगलिक कार्य करना वर्जित होता है। इस दौरान सोना, चांदी या अन्य चीजें खरीदना वर्जित होता है। श्राद्ध पक्ष के दौरान लोग कोई भी शुभ कार्य नहीं करते और न ही कोई सामान खरीदते हैं। ऐसे में आप पितृ पक्ष शुरू होने से पहले सोना या कोई नई वस्तुओं की खरीददारी कर लें।
🦅 कौए को जरूर कराएं भोजन
हिंदू धर्म और शास्त्रों के अनुसार पितृपक्ष में कौए को भरपेट भोजन खिलाने से पितृों को तृप्ति मिलती है। यहा भी कहा जाता है कि बिना कौए को भोजन कराए पितृों को संतुष्ट नहीं किया जा सकता। कई मान्यताएं के मुताबिक, कौओं को पितरों का रूप माना गया है। ऐसे में जब कौए तृप्त होते हैं तो माना जाता है कि हमारे पूर्वज भी तृप्त हो गए हैं।
👉🏽 इस दिन से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष?
इस साल पितृ पक्ष 29 सितंबर 2023, शुक्रवार से प्रारंभ हो रहा है। इस दिन पूर्णिमा श्राद्ध और प्रतिपदा श्राद्ध है। पितृ पक्ष का समापन 14 अक्टूबर, शनिवार को होगा।
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⚜️ चतुर्दशी तिथि को भगवान शिव का ज्यादा-से-ज्यादा पूजन, अर्चन एवं अभिषेक करना करवाना चाहिये। सामर्थ्य हो तो विशेषकर कृष्ण पक्ष कि चतुर्दशी तिथि को विद्वान् वैदिक ब्राह्मणों से विधिवत भगवान शिव का रुद्राभिषेक करवाना चाहिये। आज चतुर्दशी तिथि में भगवान् शिव का रुद्राभिषेक यदि शहद से किया करवाया जाय तो इससे मारकेश कि दशा भी शुभ फलदायिनी बन जाती है। जातक के जीवन कि सभी बाधायें निवृत्त हो जाती है और जीवन में सभी सुखों कि प्राप्ति सजह ही हो जाती है।
जिस व्यक्ति का जन्म चतुर्दशी तिथि को होता है वह व्यक्ति नेक हृदय का एवं धार्मिक विचारों वाला होता है। इस तिथि को जन्मा जातक श्रेष्ठ आचरण करने वाला होता है अर्थात धर्म के मार्ग पर चलने वाला होता है। इनकी संगति भी उच्च विचारधारा रखने वाले लोगों से होती है। ये बड़ों की बातों का पालन करते हैं तथा आर्थिक रूप से सम्पन्न होते हैं। देश तथा समाज में इन्हें उच्च श्रेणी की मान-प्रतिष्ठा प्राप्त होती है।

