श्रमिक विधिक सेवा सप्ताह अंतर्गत विधिक साक्षरता शिविर संपन्न

सिलवानी। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रायसेन अनिल कुमार सुहाने के मार्गदर्शन में, तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी द्वारा श्रमिक विधिक सेवा सप्ताह अंतर्गत दिनांक 2 मई 2025 को ग्राम बेगवा कला में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया ।
शिविर में अध्यक्ष तहसील विधिक सेवा समिति सिलवानी सुनीता पचौरिया ने उपस्थित ग्रामवासियों संबोधित करते कहा कि किसी भी औद्योगिक ढांचे की कल्पना मजदूरों के बिना नहीं की जा सकती। श्रमिक समाज और देश की रीढ़ होते हैं। उत्पादन की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी श्रमिक है । हर समय और हर मंच पर उचित सम्मान होने से जहां उसकी कार्यक्षमता में बढ़ोत्तरी होगी तो इससे उसके नियोजक को भी लाभ होगा। उन्होंने कहा कि किसी भी औद्योगिक ढांचे की कल्पना मजदूरों के बिना नहीं की जा सकती। श्रमिक समाज और देश की रीढ़ होते हैं।
शिविर न्यायाधीश सुनीता पचौरिया द्वारा उपस्थित ग्रामावासियों को नालसा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए विधिक सेवा योजना 2015 की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नालसा योजना-2015 के अंतर्गत जागरूकता अभियान का उद्वेश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को उनके अधिकारों के बारे में जागरूक करने, उन्हें संबंधित सुविधाओं का लाभ प्रदान करवाने व उन्हें प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता उपलब्ध करवाना है। प्रत्येक असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को श्रम विभाग में उपयुक्त पंजीकरण कराना आवश्यक है। श्रमिक विधिक रूप से साक्षर हो जिससे अज्ञानता के कारण किसी भी स्तर पर उनका शोषण न हो और वह अपने अधिकारों को प्राप्त करने में किसी दूसरे से पीछे न रह जायें।
विधिक साक्षरता शिविर में अभिभाषक संघ सिलवानी के उपाध्यक्ष आलोक श्रीवास्तव द्वारा उपस्थित ग्रामवासियों को बताया कि किसी भी श्रमिक को बंधुआ मजदूरी व बाल श्रम के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता जो कि कानूनन अपराध है। इसके अतिरिक्त श्रमिकों को बाल श्रम प्रतिषेद अधिनियम, बंधुआ मजदूरी, के संबंध में विस्तार से समझाया गया तथा ग्रामवासियों को 10 मई 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में राजीनामा योग्य प्रकरणों को निपटाने की सलाह दी ।
विधिक साक्षरता शिविर में बेगवा कला सरपंच कांता यादव, सचिव मुरारी रघुवंशी सहित ग्रामवासी उपस्थित रहे।



