मध्य प्रदेश

अनदेखीः प्रत्येक सड़क पर झुंड बनाकर बैठे रहते हैं मवेशी, हादसे की आशंका

शहर की सड़कों पर आवारा मवेशियों का बसेरा, दुर्घटनाग्रस्त हो रहे वाहन चालक
सिलवानी
बारिश का मौसम शुरू होते ही ग्रामीण क्षेत्रों में बोवनी के कारण मवेशियों को विचरण के लिए जगह नहीं बचती तो गांवों में घूम रहे आवारा मवेशियों को किसान फसल बचाने के उद्देश्य से नगर की ओर खदेड़ देते हैं, इससे अब नगर में बड़ी संख्या में आवारा मवेशियों की जमावड़ा होने लगा है, नगर की प्रत्येक सड़क पर मवेशी झुंड बनाकर बैठे देखे जा सकते हैं। वहीं व्यस्तम सड़कों पर आवारा मवेशियों का बसेरा होने से वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त होते होते बचते देखे जा सकते हैं। वहीं कई वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, इससे वाहन चालक व मवेशी गंभीर घायल हो जाते हैं। बारिश के दिनों में सड़क सूखी होने के कारण मवेशी रोड पर बैठ जाते हैं, इससे यातायात प्रभावित होता है, नगर में घूम रहे आवारा मवेशियों के कारण लोगों की जान को खतरा बना हुआ है, लेकिन नगर परिषद इस और ध्यान नहीं दे रही है। नगर की सड़कें, गलियां, चैराहों पर आवारा मवेशी आसानी से दिखाई दे रहे हैं। इन मवेशियों के कारण राहगीरों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। आए दिन आवारा मवेशी आपस में लड़ते हैं इनके कारण रोड़ पर चल रहे पैदल व वाहन चालक इनकी चपेट में आ जाते हैं, जो बुरी तरह से घायल हो रहे हैं। जगह-जगह सड़कों पर बैठे रहने के कारण वाहन दुर्घटना बढ़ रही है।
नहीं बची चरनोई भूमि
ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय व चरनोई जमीनों पर दबंगों ने कब्जा कर खेत बना लिए हैं, इससे अब मवेशियों को चारे के लिए जगह नहीं बची इससे ग्रामीण मजबूरी में बारिश के समय मवेशियों को नगर में छोड़ जाते हैं। अब बड़ी संख्या में मवेशी गांवों से पलायन कर नगर की ओर बढ़ रहे हैं और मुख्य सड़कों पर डेरा जमा रहे हैं। वहीं शासकीय गोशालाओं में इतनी क्षमता नहीं कि आवारा मवेशियों को ठिकाना मिल सके। हालत यह हैं कि इन मवेशियों को सड़कों पर ही डेरा डालने पर मजबूर होना पड़ रहा है। यदि गांवों में पड़ी चरनोई की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवा दिया जाए और तार फैसिंग कर इनकी व्यवस्था कर दी जाए तो बहुत हद तक जानवरों को राहत मिल जाएगी, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण इन मवेशियों के कारण आम आदमियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

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