दोहरे हत्याकांड के मुख्य आरोपी ने आधी रात को किया आत्म समर्पण, एसपी ने प्रेस कांफ्रेंस में किया खुलासा

गर्लफ्रेंड को मर्डर केस से अलग रखना चाहता था मुकुल
पुलिस से बोला-बॉडी के टुकड़े कर डिस्पोज करने की प्लानिंग थी, लेकिन कर नहीं पाए
ब्यूरो चीफ : मनीष श्रीवास
जबलपुर । एमपी के जबलपुर में नाबालिग गर्लफ्रेंड के पिता और भाई की हत्या के आरोपी ने आत्म समर्पण कर दिया है। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक आदित्य प्रताप सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटना का खुलासा किया।
उन्होंने बताया कि मुकुल लड़की के साथ हाइली कमिटेड है। वह नाबालिग को इस केस से अलग कर सभी आरोप अपने ऊपर लेना चाहता था, इसलिए उसने लड़की से घरवालों को मैसेज करवाए। ऐसी कहानी रची कि उसे ही मुख्य आरोपी बनाया जाए।
पूछताछ में आरोपी मुकुल ने पुलिस को बताया कि नाबालिग के पिता राजकुमार विश्वकर्मा ने उस पर पॉक्सो का केस दर्ज कराया था। इस मामले में वह जेल भी गया था। आरोपी के पिता को हिदायत दी थी कि उसे लड़की से दूर रखें। जेल से बाहर आने के बाद मुकुल और नाबालिग एक सोशल मीडिया एप से बात करने लगे। मुकुल को डर था कि राजकुमार दोबारा बयान दिलवाकर नाबालिग को उससे दूर न कर दे, इसलिए दोनों ने मिलकर राजकुमार और उनके बेटे तनिष्क की हत्या की योजना बनाई।
नाबालिग ने पुलिस को बताया, सितंबर 2023 में मुकुल के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज कराई थी। तब घरवालों के प्रेशर में आकर मुकुल के खिलाफ बयान दिए थे। हम दोनों को अलग करने के लिए पिता ने मुझे इटारसी भेज दिया था। इसके बाद हम सोशल एप पर बात करते थे। मुकुल के जेल से बाहर आने के बाद से ही हमने पिता को रास्ते से हटाने की प्लानिंग शुरू कर दी थी।
आरोपियों ने पुलिस को बताया कि हत्या को लेकर डिटेल प्लानिंग की। कैसे घर में एंट्री करेंगे, कैसे गैस कटर का इस्तेमाल करेंगे। प्लान था कि गैस कटर से बॉडी के छोटे-छोटे टुकड़े करके बैग में ले जाकर कहीं डिस्पोज कर देंगे। हत्या के बाद समझ आया कि बॉडी के टुकड़े और डिस्पोज करना आसान नहीं होगा। इसलिए बॉडी को प्लास्टिक से कवर कर दिया। घर में सुगंधित अगरबत्ती लगा दी। तनिष्क को मारने के बाद उसे पॉलीथिन से पैक करके फ्रिज में रख दिया।
जबलपुर के सिविल लाइन थाने में रोजाना की तरह गुरुवार रात करीब 11.45 बजे पुलिसकर्मी ड्यूटी पर थे। इसी दौरान मुंह पर कपड़ा बांधकर एक युवक पहुंचा। बोला- मुझे इंस्पेक्टर सर से मिलना है। युवक को देखने के बाद वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने कहा कि क्या काम है। इसके बाद युवक ने कहा कि मेरा नाम मुकुल सिंह है। मैं वही मुकुल हूं, जिसने 15 मार्च को मिलेनियम कॉलोनी में राजकुमार और तनिष्क की हत्या की थी।
पुलिस ने उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया। जानकारी मिलते ही पुलिस अधिकारी सिविल लाइन थाने पहुंचे और मुकुल को गाड़ी में बैठाकर गोपनीय स्थान पर ले जाकर पूछताछ की। शुक्रवार करीब साढ़े 11 बजे पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
एसपी आदित्य प्रताप सिंह ने बताया, हत्या के बाद दोनों आरोपी कटनी, इंदौर, पुणे, बेंगलुरु, उड़ीसा, कोलकाता, गुवाहाटी, झांसी, मथुरा और वृंदावन गए थे। बेंगलुरु में आरोपी नाबालिग के साथ अपने दोस्त के यहां रुका था। वह वारदात में इस्तेमाल की गई कुल्हाड़ी भी साथ ले गया था। जब दोस्त को पता चला कि वह मर्डर करके भागे हैं तो उसने दोनों भगा दिया। पैसे खत्म हो गए तो अमृतसर के भंडारे और गुरुद्वारे में खाना खाते थे और पैक कराकर ले जाते थे। ऐसे ही यह अपना समय काट रहे थे। इसके बाद बिना टिकट अमृतसर से हरिद्वार गए।
मुकुल सिंह को पता था कि अयोध्या, मथुरा में पुलिस उन्हें तलाश कर रही है। ऐसे में उन्होंने उत्तराखंड जाने की तैयारी कर ली। कारण- आरोपी मुकुल सिंह जानता था कि हरिद्वार में रोजाना हजारों टूरिस्ट आते-आते हैं। इस कारण पुलिस की ज्यादा पूछ-परख नहीं होगी। नेपाल जाने के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। 19 अप्रैल के बाद नेपाल बॉर्डर से करीब 600 किलोमीटर का सफर तय कर हरिद्वार पहुंच गए। यहां दिन में मंदिर या किसी आश्रम में रहते थे। शाम को जिला अस्पताल कैंपस में रहते थे।
मध्यप्रदेश पुलिस नाबालिग और उसे बॉयफ्रेंड को नेपाल में तलाशती रही। हरिद्वार कोतवाली के थाना प्रभारी सतेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों ने पिछले एक महीने से उत्तराखंड के हरिद्वार को ठिकाना बना रखा था। दोनों यहां अलग-अलग आश्रमों में रह रहे थे। 28 मई को जब यह फ्रेश होने गए तो वहां नगर रक्षा समिति के एक मेंबर को दोनों पर शक हुआ। उसने हरिद्वार और जबलपुर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस पहुंची और उनसे नॉर्मल बात कर पूछा कि यहां क्या कर रहे हो तो बोले घूमने आए हैं। पुलिस ने कहा साथ चलो घरवालों के पास छोड़ देंगे। मुकुल ने अस्पताल के अंदर से बैग लेकर आने का कहकर दौड़ लगा दी थी।
सूत्रों के मुताबिक राजकुमार ने नाबालिग बेटी से रेप के मामले में मुकुल को जेल भिजवाया था, उसी समय से उसने बदला लेने की ठान ली थी। मुकुल कुछ दिनों बाद जमानत पर जेल से बाहर आ गया। कुछ दिन तो मुकुल शांत रहा, फिर उसने नाबालिग से बात करना शुरू कर दिया। एक दो बार कॉलोनी में गार्ड ने मुकुल और नाबालिग लड़की के घूमने पर आपत्ति जताई तो उसने अपने पिता के अधिकारी होने का रसूख बताते हुए चुप करवा दिया। मुकुल नाबालिग से मुलाकात कर रोजाना यह जानकारी ले रहा था कि राजकुमार घर पर कब-कब रहता है। लड़की भी अपने घर की पल-पल की जानकारी उसको दिया करती थी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार राजकुमार की हत्या करने का प्लान मुकुल ने कई माह पहले बना लिया था। 14 मार्च की रात को हत्या का सारा सामान इकट्ठा करने के बाद मुकुल अपने घर चला गया था। 15 मार्च की सुबह करीब 8 बजे पीछे के दरवाजे से राजकुमार के घर पहुंचा। उस समय राजकुमार किचन में खाना बना रहे थे। नाबालिग और तनिष्क कमरे में थे, घर में घुसते ही मुकुल ने राजकुमार के सिर पर भारी धारदार हथियार से हमला कर दिया।
पिता की चीख सुनते ही बेटा तनिष्क किचन में आया तो उसकी भी मुकुल ने हत्या कर दी। हत्याकांड में नाबालिग ने मुकुल साथ दिया। जानकारी के मुताबिक जिस समय मुकुल, राजकुमार की हत्या कर रहा था, उसी समय तनिष्क भी मुकुल के पास आ गया और उसके पैर से लिपटकर पिता के पास से दूर कर रहा था, तभी मुकुल ने तनिष्क के सिर और कंधे पर हमला कर उसकी हत्या कर दी।
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