अतिथि शिक्षकों पर लाठीचार्ज के विरोध में ज्ञापन सौंपा

2 अक्टूबर 2024 को गाँधी जयंती पर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षको पर पुलिस ने किया था लाठीचार्ज
सिलवानी । सोमवार को अतिथि शिक्षको ने तहसील कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम प्रकाश चंद्र शाक्य को ज्ञापन सौंप कर एफआईआर निरस्त करने एवं मांगो को पूर्ण करने की मांग की।
ज्ञापन में उल्लेख किया है कि मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों का भविष्य सुरक्षित करने हेतु 2 सितंबर 2023 को पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षक महापंचायत भोपाल में आयोजित कर अनेक घोषणाएं की थीं। उनकी घोषणानुसार कार्यनुभव और वरिष्ठता के आधार पर गुरुजियों की तर्ज विभागीय परीक्षा, वार्षिक अनुबंध, सीधी भर्ती में 50% प्रतिशत आरक्षण और बोनस अंक देकर नियमित करने की घोषणा की थी। किन्तु एक वर्ष बाद भी आज दिनाँक तक आदेश जारी नहीं हुए। ततपश्चात आदेश जारी कराने सैकड़ों बार शासन प्रशासन से आवेदन निवेदन कर चुके हैं। उसके बाद भी आदेश जारी नही होने पर 10 सितंबर 2024 को भोपाल में हजारों की संख्या में एकत्र होकर सांवेधानिक रूप से अपनी बात रखने का प्रयास किया गया। जिसके बाद 11 सितंबर 2024 को वल्लभ भवन मंत्रालय में शासन प्रशासन तथा अतिथि शिक्षक प्रतिनिधि मंडल के साथ बैठक हुई जिसमें कुछ तात्कालिक मांगों पर सहमति बनी थी। उसके बाद भी आदेश जारी नही होने पर पुनः बीस दिन बाद दिनाँक 2 अक्टूबर 2024 को प्रदेश भर के अतिथि शिक्षक शांतिपूर्ण तरीके से वचन निभाने का आग्रह भोपाल के तुलसी नगर अंबेडकर पार्क सेकेंड स्टॉप पर कर रहे थे। जहाँ पुलिस प्रशासन ने रात्रि लगभग 8 बजे स्ट्रीट लाइट बंद करके बिना किसी चेतावनी के बर्बरता पूर्ण व्यहवार के साथ गालीगलौच करते हुये अतिथि शिक्षक भाई-बहिनों पर लाठीचार्ज कर जमकर पिटाई की गई। जिसमें कई दर्जन अतिथि शिक्षकों को गम्भीर चोटें आई है। तथा प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार, प्रदेश महासचिव सन्तोष कहार, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बीएम खान, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश जोशी सहित अन्य 250 अतिथि शिक्षक/शिक्षिकाओं पर झूठी एफआईआर दर्ज की गई है जो अत्यंत घोर निंदनीय घटना है।
ज्ञापन में अनुरोध किया है कि प्रदेश पदाधिकारीयों सहित अन्य 250 अतिथि शिक्षक/शिक्षिकाओं पर हुई झूठी एफआईआर निरस्त कराते हुए उपरोक्त मामले का संज्ञान लेकर पुलिस प्रशासन पर उचित कार्यवाही करें।
मध्यप्रदेश सरकार का ऐसा असहयोगात्मक रवैया से लाखों अतिथि शिक्षक परिवार सरकार द्वारा की गई शर्मनाक घटना का खुला विरोध करते हैं।
यदि एक सप्ताह के अंदर मध्यप्रदेश पुलिस प्रशासन भोपाल ने प्रदेश अध्यक्ष केसी पवार, प्रदेश महासचिव सन्तोष कहार, प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष बीएम खान, प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश जोशी तथा अन्य 250 अतिथि शिक्षक/शिक्षिकाओं पर की गई झूठी एफआईआर तत्काल वापस नहीं ली गई तो हम संपूर्ण मध्य प्रदेश में आमरण अनशन और जेल भरो आंदोलन करने पर मजबूर हो जाएंगे जिसकी संपूर्ण जवाबदारी शासन और प्रशासन की होगी।
अतिथि शिक्षको की प्रमुख मांगो में कार्यानुभव और वरिष्ठता के आधार पर मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों का बारह माह का सेवाकाल और पदस्थायित्व 62 वर्ष की उम्र तक किया जाये। तथा तात्कालिक मांगो में पुलिस प्रशासन द्वारा स्ट्रीट लाइट बंद कर बिना किसी चेतावनी के अतिथि शिक्षक/शिक्षिकाओं पर बर्बरता पूर्ण व्यवहार के साथ गालीगलौच करते हुए किया गया लाठी चार्ज की उचित प्रशासनिक जाँच के साथ दोषियों पर कार्यवाही की जाये।
इस अवसर पर जिला अध्यक्ष राम लखन लोधी, ब्लॉक अध्यक्ष सुनील विश्वकर्मा, संकुल अध्यक्ष वीरेंद्र रघुवंशी, सत्येंद्र रघुवंशी, राजू सेन, दुर्गेश रघुवंशी, सुदीप खरे सहित बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक उपस्थित रहे।।



