सड़क चौड़ीकरण निर्माण एजेंसी की लापरवाही, मनमाने पूर्ण तरीके से किया जा घटिया निर्माण कार्य
नाली निर्माण में किया जा रहा भेदभाव,
14 करोड़ की सड़क का निर्माण लगभग पांच साल में नहीं हो सका पूर्ण
निम्न स्तर की सीमेंट का किया जा रहा इस्तेमाल
सिलवानी। राजमार्ग 44 के आमापानी से बजरंग चौराहे तक 2 किमी सड़क का चौड़ीकरण कार्य क्षेत्रीय विधायक ठाकुर रामपालसिंह राजपूत के अथक प्रयासों से स्वीकृत हुआ था। और उनके द्वारा भूमिपूजन कर कार्य प्रारंभ कराया था। परंतु उन्हें नही मालूम होगा कि जिस कार्य को उनके अथक प्रयास स्वीकृति मिली उसके निर्माण में निर्माण एजेंसी इतनी दुर्गती कर देगी, निर्माण एजेंसी की मनमाने पूर्ण तरीके कार्य किया जा रहा है। सड़क चौड़ीकरण एवं नाली निर्माण में निर्धारित चौड़ाई को कही कम कही ज्यादा किया जा रहा है। काम गुणवत्ता की बात करना बेमानी होगी। एक ओर से बनते ही दूसरी ओर क्षतिग्रस्त होने लगी है। डिवाइडर निर्माण में भी निर्धारित मापदण्डों का पालन नहीं किया जा रहा है जो अभी से क्षतिग्रस्त होने लगे है।
सीसी सड़क एवं नाली निर्माण में इन दिनों निर्माण एजेंसी के कर्मचारी निर्धारित मापदंडों के अनुरूप काम नहीं कर रहे हैं। हालत यह है कि सीसी सड़क में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है, बावजूद इसके अफसर इस ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अफसरों की अनदेखी के कारण ही निर्माण एजेंसी मनमानी करने पर उतारू हो रही है। सीसी सड़क में नाॅनटेग सीमेंट न लगाकर लोकल सीमेंट का इस्तेमाल किया जा रहा है। नागरिकों का कहना है कि सीसी सड़क में सीमेंट, गिट्टी, रेत में तय मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है। बिना इंजीनियरों की देखरेख में कार्य किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक आमापानी काॅलोनी से बजरंग चौराहा तक दो किमी लंबी नाली व सड़क निर्माण लगभग 14 करोड़ रूपए की राशि से किया जा रहा है। एमपीआरडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्य में निर्माण एजेंसी द्वारा गुणवत्ता को ताक पर रखकर कार्य किया जा रहा है। घटिया निर्माण के चलते नालियां भी क्षतिग्रस्त होने लगी है। निर्माण एजेंसी द्वारा जब निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया था तभी निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप लगने लगे थे, आरोपों के बाद विभागीय दल द्वारा निर्माण कार्य का निरीक्षण किया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इससे निर्माण एजेंसी मनमानी करने से बाज नहीं आ रही है। उल्लेखनीय है कि करीब 4 साल पूर्व आमापानी काॅलोनी से बजरंग चौराहा तक फोरलेन सड़क निर्माण की स्वीकृति तत्कालीन लोनिवि मंत्री रामपाल सिंह राजपूत द्वारा की गई थी। चार साल बीतने के बाद भी निर्माण कार्य पूर्ण नहीं हो पाया है, सड़क चौड़ीकरण के साथ ही रास्ते के नदी नलों पर पुल-पुलियों का निर्माण भी किया जाना है, लेकिन निर्माण एजेंसी की अधिकारियों के साथ सांठगांठ होने से निर्माण कार्य समय पर पूर्ण नहीं हो पा रहा है साथ ही निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग होने से निर्माण कार्य के टिकाऊ होने की संभावना भी खत्म होती जा रही है, नागरिकों ने घटिया निर्माण कार्य की जांच कराने की मांग की है।
गांधी चबूतरे के पास कर दी सकरी सड़क
नगर के मुख्य चौराहा जिससे नगर की बस्ती का आगमन होता है वहां गांधी चबूतरे के सामने से नाली निर्माण किया जा रहा है । जबकि नाली का निर्माण गांधी चबूतरे के पीछे से होना चाहिये। गांधी चबूतरे के पास सरकारी भूमि को छोड़ दिया वह भूमि अतिक्रमण से भी मुक्त है इसके बाबजूद निर्माण एजेंसी मनमाने तरीके से वहां सड़क को सकरा कर दिया गया है। उस चौराहे से कन्या हायर सेकेण्डरी स्कूल, आजाद मार्केट, बाबड़ी मोहल्ला पुरानी बस्ती की ओर से वाहनों का आवागमन होता है वही राजमार्ग 44 का दुर्घटना संभावित क्षेत्र है। वही राजमार्ग पर लंबे वाहन निकलने और मोड़ होने से हमेषा ही दुर्घटना की संभावना बनी रहेगी, ऐसे डेनजर जोन में सड़क को और अधिक चौड़ा करने के बजाये निर्माण एजेंसी द्वारा सकरा कर निर्माण किया जा रहा है।
बिना बिजली खंभे हटाये बना दिये डिवाइडर
सड़क निर्माण एजेंसी द्वारा बिजली खंभों को शिफ्ट किये बगैर ही नगर की सड़क पर डिवाइडर बना दिये गये जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वही जहां भी बिजली खंभों को शिफ्ट किया जा रहा है उन पर पुरानी बिजली तारों का उपयोग किया जा रहा है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बिजली लाइन शिफ्टीग में नये बिजली तार का उपयोग किया जाना था। यह बिजली तार लगभग 30 से 35 साल पुराने है जो हर कभी फाल्ट होकर टूट जाते है।
लोगों को हो रही खासी परेशानी
नगर को विकास की मुख्य धारा से जोड़े जाने के लिए प्रदेश सरकार के द्वारा करोड़ों की राशि से सड़क पुल-पुलियाओं और नालियों, सड़कों के निर्माण कराया जा रहा है। एमपीआरडीसी द्वारा निर्माण एजेंसी के माध्यम से कराए जा रहे निर्माण कार्य मापदंड की कसौटी पर खरे नहीं उतर रहे है, बल्कि घटिया निर्माण कर शासन को लाखों रूपए का चूना भी लगाया जा रहा है। अफसरों की लापरवाही व उदासीनता से निर्माण एजेंसी मनमानी बरत रही है। एमपीआरडीसी विभाग द्वारा आमापानी कॉलानी से बजरंग चैराहा तक करीब 2 किलो मीटर फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य 12 करोड़ से अधिक की राशी से कराया जा रहा है। जहां निर्माण एजेंसी की मनमानी के चलते लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इनका कहना है
आपके द्वारा यह मामला मेरे संज्ञान में आया है आप मुझे वीडियो, फ़ोटो उपलव्ध कराये में जांच के उपरांत कार्यवाही करुगा।
मोहम्मद हसीब खान रिजवी ऐजीम एमपीआरडीसी भोपाल






