धार्मिक

श्रीमद्भागवत कथा का छटां दिन : श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, उद्धव, कंस वध का प्रसंग सुनाया

श्री कृष्ण की बाराती बने श्रोता, धूमधाम से हुआ रुकमणी विवाह
औधोगिक शहर में 1 से 7 मई तक आयोजित हो रही है संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा, शनिवार को होगा कथा का विराम

रिपोर्टर : सत्येन्द्र जोशी
मंडीदीप । औधोगिक शहर के दशहरा मैदान पर 1 से 7 मई के बीच आयोजित सात दिवसीय संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन शुक्रवार को श्रीकृष्ण रुक्मणी विवाह का प्रसंग सुनाया गया। इसके साथ ही कथा व्यास अंतराष्ट्रीय आध्यात्मिक एवं प्रेरक वक्ता किशोरी महारास लीला,श्री उद्धव चरित्र, श्रीकृष्ण मथुरा गमन, कंस वध और श्री रुक्मणी विवाह महोत्सव का मार्मिक प्रसंग सुनाया। इस दौरान कथा व्यास द्वारा राधिका गौरी से, ब्रज की छोरी भजन की मनमोहक प्रस्तुति पर पूरा पंडाल झूमता नजर आया।
बाराती बने श्रोता, झूमा पंडाल-
कथा के छठवें दिन श्री कृष्ण-रुकमणी विवाह का मनमोहक मंचन किया गया, जिसमे सिवनी मालवा से अतुल राठौर भगवान श्री कृष्ण के रूप घोड़े के पर सवार होकर जैसे ही दूल्हे के रूप पंडाल में पहुंचे, कथा व्यास किशोरी जी के विवाह गीत पर श्रोता बाराती बनकर जमकर झूमे।
शनिवार को महाप्रसादी वितरण के साथ होगा कथा का समापन-
कथा का शनिवार को महाप्रसादी वितरण के साथ विराम होगा। इस दौरान कथा व्यास द्वारा श्री-कृष्ण की मित्रता का प्रसंग श्रवण कराया जाएगा।

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